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2823 शिक्षामित्रों के लिए 5.64 करोड़ का बजट मिला
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गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी स्कूलों में मानदेय पर कार्य कर रहे सर्व शिक्षा अभियान के शिक्षामित्रों के लिए राहत भरी खबर है। अप्रैल से मानदेय न मिलने के कारण परेशान शिक्षामित्रों को दो महीने का मानदेय जल्द ही मिलेगा। 10 हजार रूपए महीने पर कार्य कर रहे 2823 शिक्षामित्रों को अप्रैल व मई माह का मानदेय देने के लिए शासन से 5 करोड़ 64 लाख 60 हजार रुपये का बजट जारी हुआ है। मानदेय न मिलने से शिक्षामित्रों आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। मानदेय के लिए बजट मिलने से उनके चेहरे चमक उठे हैं।
शिक्षामित्रों को मानदेय नियमित नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए विभाग व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। अप्रैल और जुलाई में शिक्षामित्रों को अपने बच्चों के स्कूलों में नाम लिखाने और अन्य व्यवस्था के लिए रूपए की जरूरत होती है। लेकिन हर माह मानदेय नहीं दिया जा रहा है। इस बार विभाग को बजट तो आया है लेकिन जुलाई का मानदेय नहीं मिल पाएगा। बताया जा रहा है कि दो महीने अप्रैल व मई माह का ही मानदेय का बजट आया है। जुलाई के लिए फिर 2823 शिक्षामित्रों को इंतजार करना पड़ेगा। फिलहाल दो महीने का मानदेय जारी होने से इस महीने में या फिर अगस्त के पहले हफ्ते तक मानदेय के भुगतान की उम्मीद बढ़ गई है।
अनुदेशकों के मानदेय का बजट भी जारी, घटकर होगा भुगतान
जिले के जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत 522 अनुदेशकों के लिए दो महीने का बजट मिला है। उन्हें इस बार 7000 रूपए महीने के आधार से मानदेय दिया जाना है। इसके लिए बजट तो 36 लाख 40 हजार रुपये मिले हैं, लेकिन पूर्व के दो महीनों में अनुदेशकों को 8470 रुपये का भुगतान हो गया था। इस बार मानदेय देने में दोनो महीने से 7000 रुपये में भी 1470 रुपये घटाकर मानदेय दिया जाना है। इससे बिल तैयार करने की कार्रवाई शुरू हुई है। फिलहाल मानदेय घटाने और पूर्व में मिले मानदेय में घटोत्तरी को समायोजित करने से अनुदेशकों में आक्रोश है।
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जल्द होगा भुगतान
विभाग के निर्देशों के तहत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मानदेय दिए जाने की कार्रवाई की जाएगी। भुगतान के लिए जल्द ही कार्रवाई होगी। -मनिराम सिंह, बीएसए
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शिक्षामित्रों को मानदेय नियमित नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए विभाग व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। अप्रैल और जुलाई में शिक्षामित्रों को अपने बच्चों के स्कूलों में नाम लिखाने और अन्य व्यवस्था के लिए रूपए की जरूरत होती है। लेकिन हर माह मानदेय नहीं दिया जा रहा है। इस बार विभाग को बजट तो आया है लेकिन जुलाई का मानदेय नहीं मिल पाएगा। बताया जा रहा है कि दो महीने अप्रैल व मई माह का ही मानदेय का बजट आया है। जुलाई के लिए फिर 2823 शिक्षामित्रों को इंतजार करना पड़ेगा। फिलहाल दो महीने का मानदेय जारी होने से इस महीने में या फिर अगस्त के पहले हफ्ते तक मानदेय के भुगतान की उम्मीद बढ़ गई है।
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अनुदेशकों के मानदेय का बजट भी जारी, घटकर होगा भुगतान
जिले के जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत 522 अनुदेशकों के लिए दो महीने का बजट मिला है। उन्हें इस बार 7000 रूपए महीने के आधार से मानदेय दिया जाना है। इसके लिए बजट तो 36 लाख 40 हजार रुपये मिले हैं, लेकिन पूर्व के दो महीनों में अनुदेशकों को 8470 रुपये का भुगतान हो गया था। इस बार मानदेय देने में दोनो महीने से 7000 रुपये में भी 1470 रुपये घटाकर मानदेय दिया जाना है। इससे बिल तैयार करने की कार्रवाई शुरू हुई है। फिलहाल मानदेय घटाने और पूर्व में मिले मानदेय में घटोत्तरी को समायोजित करने से अनुदेशकों में आक्रोश है।
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जल्द होगा भुगतान
विभाग के निर्देशों के तहत शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को मानदेय दिए जाने की कार्रवाई की जाएगी। भुगतान के लिए जल्द ही कार्रवाई होगी। -मनिराम सिंह, बीएसए