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आस्था व उल्लास की सतरंगी छटा से सराबोर रहा छपिया महोत्सव
Updated Sat, 04 Nov 2017 11:19 PM IST
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हरिभक्तों की आस्था से सराबोर रहा छपिया महोत्सव
मसकनवा गोंडा। भगवान घनश्याम की जन्मस्थली छपिया स्थित स्वामी नारायण मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय जन्मस्थान महोत्सव छप्पनभोग व अन्नकूट भंडारे के साथ शनिवार को समाप्त हो गया।
भगवान के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण पर आयोजित यह पांच दिवसीय कार्यक्रम आस्था व उल्लास क सतरंगी छटाओं से सराबोर रहा। महोत्सव में गुजरात महाराष्ट्र व अन्य प्रांतों से आए हजारों हरिभक्तों के संगम से लोग आल्हादित रहे।
छपिया स्थित स्वामी नारायण मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय जन्मस्थान उद्घाटन महोत्सव मे शनिवार को सुबह जन्मस्थली पर मुख्य मंदिर के ठाकुर जी का श्रंगार किया गया। मंदिर के पीठाधिपति आचार्य कौशलेन्द्र महराज ,पूर्व पीठाधिपति तेजेन्द्र प्रसाद जी महराज, लालजी महराज, महंत वासुदेवानंद व हरिस्वरूपानंद ने भगवान की आरती कराई।
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शनिवार को ही हरियज्ञ की पूर्णाहुति धर्मकुल पूजन,कथा परायण की पूर्णाहुति, अखंड धुन, रामायण पाठ तथा वेदपाठ की पूर्णाहुति कराई गई। इसके बाद महाप्रसाद, छप्पन भोग व अन्नकूट दर्शन के साथ महोत्सव का समापन हुआ।
इसके पहले कथा पांडाल में मौजूद हजारों हरिभक्तों को संबोधित करते हुए कथा वक्ता स्वामी पवित्रतानंद जी ने कहा कि भगवान घनश्याम की जन्मस्थली पर आने के बाद लोगों का जीवन धन्य हो जाता है।
जीवन मे सत्संग के महत्व का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जो मनुष्य सांसारिक मोह माया से दुखी होता है या उसका मन थक जाता है तो उसे सत्संग से ही मुक्ति मिलती है। पांच दिवसीय जन्मस्थान महोत्सव व कथा के समापन मंदिर के पीठाधिपति श्री कौशलेन्द्र प्रसाद जी, भावी आचार्य लालजी महराज ने के किया।
इस अवसर पर मंदिर के महंत वासुदेवानंद, स्वामी हरिस्वरूपानंद, रसिक भाई, देवजी भाई पटेल, हरिभाई पटेल, शैलेन्द्र पाण्डेय, उमेश पांडेय, चिराग भाई, माधवराम तिवारी, शैलेन्द्र तिवारी, फूलचंद श्रीवास्तव,सरजू प्रसाद सहित भारी संख्या मे हरिभक्त उपस्थित रहे ।
मसकनवा गोंडा। भगवान घनश्याम की जन्मस्थली छपिया स्थित स्वामी नारायण मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय जन्मस्थान महोत्सव छप्पनभोग व अन्नकूट भंडारे के साथ शनिवार को समाप्त हो गया।
भगवान के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण पर आयोजित यह पांच दिवसीय कार्यक्रम आस्था व उल्लास क सतरंगी छटाओं से सराबोर रहा। महोत्सव में गुजरात महाराष्ट्र व अन्य प्रांतों से आए हजारों हरिभक्तों के संगम से लोग आल्हादित रहे।
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छपिया स्थित स्वामी नारायण मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय जन्मस्थान उद्घाटन महोत्सव मे शनिवार को सुबह जन्मस्थली पर मुख्य मंदिर के ठाकुर जी का श्रंगार किया गया। मंदिर के पीठाधिपति आचार्य कौशलेन्द्र महराज ,पूर्व पीठाधिपति तेजेन्द्र प्रसाद जी महराज, लालजी महराज, महंत वासुदेवानंद व हरिस्वरूपानंद ने भगवान की आरती कराई।
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शनिवार को ही हरियज्ञ की पूर्णाहुति धर्मकुल पूजन,कथा परायण की पूर्णाहुति, अखंड धुन, रामायण पाठ तथा वेदपाठ की पूर्णाहुति कराई गई। इसके बाद महाप्रसाद, छप्पन भोग व अन्नकूट दर्शन के साथ महोत्सव का समापन हुआ।
इसके पहले कथा पांडाल में मौजूद हजारों हरिभक्तों को संबोधित करते हुए कथा वक्ता स्वामी पवित्रतानंद जी ने कहा कि भगवान घनश्याम की जन्मस्थली पर आने के बाद लोगों का जीवन धन्य हो जाता है।
जीवन मे सत्संग के महत्व का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जो मनुष्य सांसारिक मोह माया से दुखी होता है या उसका मन थक जाता है तो उसे सत्संग से ही मुक्ति मिलती है। पांच दिवसीय जन्मस्थान महोत्सव व कथा के समापन मंदिर के पीठाधिपति श्री कौशलेन्द्र प्रसाद जी, भावी आचार्य लालजी महराज ने के किया।
इस अवसर पर मंदिर के महंत वासुदेवानंद, स्वामी हरिस्वरूपानंद, रसिक भाई, देवजी भाई पटेल, हरिभाई पटेल, शैलेन्द्र पाण्डेय, उमेश पांडेय, चिराग भाई, माधवराम तिवारी, शैलेन्द्र तिवारी, फूलचंद श्रीवास्तव,सरजू प्रसाद सहित भारी संख्या मे हरिभक्त उपस्थित रहे ।