फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   स्कूलों की मान्यता को कोचिंग रजिस्ट्रेशन का फंडा

स्कूलों की मान्यता को कोचिंग रजिस्ट्रेशन का फंडा

Sun, 30 Jul 2017 10:30 PM IST
Updated Sun, 30 Jul 2017 10:30 PM IST
विज्ञापन
स्कूलों की मान्यता को कोचिंग रजिस्ट्रेशन का फंडा

विज्ञापन
कोचिंग के रजिस्ट्रेशन पर चला रहे स्कूल
कार्रवाई से बचने के लिए स्कूल संचालकों ने निकाला नया तरीका
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों को बंद कराने के सरकार के ऐलान के बाद स्कूल संचालकों ने नया फंडा खोज निकाला है। विद्यालय का संचालन जारी रखने के लिए अब वह कोचिंग का रजिस्ट्रेशन करा रहे है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कोचिंग रजिस्ट्रेशन की बाढ़ आ गई है और पिछले एक सप्ताह में करीब 150 आवेदन कोचिंग रजिस्ट्रेशन के लिए आ गए हैें।
प्रदेश सरकार ने बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने बगैर मान्यता के विद्यालय का संचालन करने पर एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त अगर स्कूल का संचालन जारी रहता है तो 10 हजार रुपया प्रतिदिन जुर्माना किया जाना है। 16 अगस्त से इन स्कूलों के खिलाफ अभियान की शुरुवात की जानी है। इसके अलावा सरकार ने अगले पांच साल तक किसी भी स्कूल को मान्यता न देने का एलान किया है। सरकार के इस रुख के बाद जिले के करीब 400 स्कूलों पर बंदी का खतरा मंडराने लगा है। इस खतरे से बचने के लिए स्कूल संचालकों ने नया तरीका खोज निकाला है। विद्यालय को कार्रवाई की जद से बचाने व संचालन जारी रखने के लिए स्कूल संचालक अब कोचिंग का रजिस्ट्रेशन कराने लगे हैं। पिछले एक सप्ताह में ही जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कोचिंग रजिस्ट्रेशन के लिए करीब 150 आवेदन आ चुके हैं। कार्यालय के लिपिक विष्णु श्रीवास्तव के मुताबिक रोजाना करीब 10 आवेदन कोचिंग रजिस्ट्रेशन के लिए आ रहे हैं।
विज्ञापन

इनसेट
मान्यता से आसान है कोचिंग रजिस्ट्रेशन
गोंडा। बेसिक शिक्षा या माध्यमिक शिक्षा विभाग से मान्यता लेने के लिए आवेदक को कई प्रक्रिया को पूरा करना होता है जो बड़ी टेढ़ी खीर है लेकिन कोचिंग का रजिस्ट्रेशन इससे बेहद आसान है। कोचिंग संचालन के लिए सिर्फ जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से उसका पंजीकरण कराना होता है। इसके लिए अलग अलग शुल्क निर्धारित है। 10 छात्र पर 250 रुपये, 20 छात्र पर एक हजार, 40 छात्र पर 4 हजार, 50 छात्र पर 5 हजार, सौ छात्र पर 10 हजार व 200 छात्र संख्या पर 20 हजार रुपये के पंजीकरण शुल्क अदा करने पर तीन वर्ष की कोचिंग संचालन की अनुमति मिलती है। इसके अलावा दो से अधिक छात्र संख्या होने पर 25 हजार रुपये की धनराशि जमा करनी होती है। इस धनराशि की अदायगी के बाद तीन साल के कोचिंग चलाने की अनुमति मिल जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
संचालित 800, पंजीेकरण सिर्फ 60 कोचिंग सेंटरों का
गोंडा। शहर से लेकर दूर दराज के कस्बों के गली मोहल्लों में करीब आठ सौ कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें सिर्फ 60 कोंचिंग सेंटर मान्यता प्राप्त है बाकी के सेंटर बिना मान्यता के किराये के कमरों में संचालित हो रहे है। इन सेंटरों पर छात्र छात्राओं के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। बावजूद इसके अफसरों की निगाह इन पर नहीं पड़ रही है।

वर्जन
इस समय कोचिंग रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है लेकिन यह स्कूल संचालक हैं या फिर कोंचिग संचालक यह अभी स्पष्ट नही हैं। बावजूद इसके अगर किसी कोंचिग रजिस्ट्रेशन से स्कूल का संचालन होता पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कडी कार्रवाई की जायेगी।
एमपी सिंह, प्रभारी डीआईओएस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed