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गजब! वार्ड की जनसंख्या 710, मतदाताओं की संख्या 731
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:31 PM IST
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वार्ड की जनसंख्या 710, मतदाता बना दिए 731
नवाबगंज। नगर निकाय चुनाव में मतदाता सूची में बनाने में बीएलओ का एक गजब की फर्जीवाड़ा सामने आया है। नवाबगंज नगर पालिका परिषद में मतदाता पुनरीक्षण का काम देखने वाले बीएलओ ने मतदाता सूची में जनसंख्या से अधिक मतदाताओं के नाम फीड करा दिए। पड़ाव मध्य वार्ड में तो कुल जनसंख्या 710 के सापेक्ष 731 मतदाताओं के नाम शामिल कर दिए गए।
कस्बे के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने जब जिलाधिकारी से जनसंख्या व मतदाताओं की संख्या की जानकारी मांगी तो मामले का खुलासा हुआ। आरटीआई कार्यकर्ता ने डीएम को शिकायती पत्र देकर चुनाव से पहले मतदाता सूची को ठीक कराने की मांग की है।
मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने व फर्जी मतदाताओं का नाम सूची से हटाए जाने के लिए चुनाव आयोग समय समय पर मतदाता पुनरीक्षण अभियान का संचालन करता है। इसके लिए प्रत्येक बूथ पर बूथ लेवल आफिसर की तैनाती भी की गई है।
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इन बूथ लेवल अफसरों पर मतदाता सूची को दुरुस्त करने और फर्जी मतदाताओं के नाम को हटाने की जिम्मेदारी होती है मगर नगर निकाय चुनाव को देखते हुए नवाबगंज में मतदाता पुनरीक्षण कार्य में लगाए गए बूथ लेवल अफसरों ने मतदाता सूची बनाने में जमकर खेल किया।
नवाबगंज के 16 वार्डों में तैनात किए गए बीएलओ ने आयोग के नियमों को दरकिनार करते हुए सूची बनाने में फर्जीवाड़ा कर डाला। बीएलओ ने वार्ड के लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के बजाय बाहरी लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल कर दिया। इस फर्जीवाड़े में बीएलओ ने वार्डों की जनसंख्या का भी ध्यान नहीं रखा।
नतीजा यह हुआ कि वार्डों में मतदाताओं की संख्या कुल जनसंख्या के बराबर तक पहुंच गई। वार्ड संख्या 11 पडा़व में कार्यरत बीएलओ ने तो गजब ही कर डाला। यहां की कुल 710 की जनसंख्या को पीछे छोड़ते हुए बीएलओ ने 731 मतदाता बना दिए। वार्ड संख्या 10 सुगर मिल पश्चिमी पूर्वी में कुल जनसंख्या 595 के सापेक्ष 594 मतदाता बना दिए गए।
इसके अलावा कई अन्य वार्डों में भी कुल जनसंख्या की 95 फीसदी आबादी मतदाता बन गई। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद मोहल्ला मुट्ठीगंज के रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश प्रसाद ने जब जिलाधिकारी से इसकी सूचना मांगी तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
इस खुलासे के बाद अपने चहेते लोगों को मतदाता बनवाकर चुनाव जीतने का ख्वाब पाले लोगों में हड़कंप मच गया है। जगदीश प्रसाद ने डीएम से मतदाता सूची को दुरुस्त कराने व बाहरी लोगों के नाम सूची से हटवाकर छूटे हुए लोगों का नाम शामिल कराने की मांग की है।
मतदाता सूची में अगर जनसंख्या से अधिक मतदाता बना गए हैं तो यह गंभीर प्रकरण हैं। मतदाता सूची की जांच कराकर फर्जी वोटरों के नाम हटाए जाएंगे। साथ ही संबंधित वार्डों के बीएलओ के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अमरेश मौर्या, एसडीएम/रिटर्निंग अफसर,तरबगंज
नवाबगंज। नगर निकाय चुनाव में मतदाता सूची में बनाने में बीएलओ का एक गजब की फर्जीवाड़ा सामने आया है। नवाबगंज नगर पालिका परिषद में मतदाता पुनरीक्षण का काम देखने वाले बीएलओ ने मतदाता सूची में जनसंख्या से अधिक मतदाताओं के नाम फीड करा दिए। पड़ाव मध्य वार्ड में तो कुल जनसंख्या 710 के सापेक्ष 731 मतदाताओं के नाम शामिल कर दिए गए।
कस्बे के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने जब जिलाधिकारी से जनसंख्या व मतदाताओं की संख्या की जानकारी मांगी तो मामले का खुलासा हुआ। आरटीआई कार्यकर्ता ने डीएम को शिकायती पत्र देकर चुनाव से पहले मतदाता सूची को ठीक कराने की मांग की है।
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मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने व फर्जी मतदाताओं का नाम सूची से हटाए जाने के लिए चुनाव आयोग समय समय पर मतदाता पुनरीक्षण अभियान का संचालन करता है। इसके लिए प्रत्येक बूथ पर बूथ लेवल आफिसर की तैनाती भी की गई है।
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इन बूथ लेवल अफसरों पर मतदाता सूची को दुरुस्त करने और फर्जी मतदाताओं के नाम को हटाने की जिम्मेदारी होती है मगर नगर निकाय चुनाव को देखते हुए नवाबगंज में मतदाता पुनरीक्षण कार्य में लगाए गए बूथ लेवल अफसरों ने मतदाता सूची बनाने में जमकर खेल किया।
नवाबगंज के 16 वार्डों में तैनात किए गए बीएलओ ने आयोग के नियमों को दरकिनार करते हुए सूची बनाने में फर्जीवाड़ा कर डाला। बीएलओ ने वार्ड के लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के बजाय बाहरी लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल कर दिया। इस फर्जीवाड़े में बीएलओ ने वार्डों की जनसंख्या का भी ध्यान नहीं रखा।
नतीजा यह हुआ कि वार्डों में मतदाताओं की संख्या कुल जनसंख्या के बराबर तक पहुंच गई। वार्ड संख्या 11 पडा़व में कार्यरत बीएलओ ने तो गजब ही कर डाला। यहां की कुल 710 की जनसंख्या को पीछे छोड़ते हुए बीएलओ ने 731 मतदाता बना दिए। वार्ड संख्या 10 सुगर मिल पश्चिमी पूर्वी में कुल जनसंख्या 595 के सापेक्ष 594 मतदाता बना दिए गए।
इसके अलावा कई अन्य वार्डों में भी कुल जनसंख्या की 95 फीसदी आबादी मतदाता बन गई। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद मोहल्ला मुट्ठीगंज के रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता जगदीश प्रसाद ने जब जिलाधिकारी से इसकी सूचना मांगी तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
इस खुलासे के बाद अपने चहेते लोगों को मतदाता बनवाकर चुनाव जीतने का ख्वाब पाले लोगों में हड़कंप मच गया है। जगदीश प्रसाद ने डीएम से मतदाता सूची को दुरुस्त कराने व बाहरी लोगों के नाम सूची से हटवाकर छूटे हुए लोगों का नाम शामिल कराने की मांग की है।
मतदाता सूची में अगर जनसंख्या से अधिक मतदाता बना गए हैं तो यह गंभीर प्रकरण हैं। मतदाता सूची की जांच कराकर फर्जी वोटरों के नाम हटाए जाएंगे। साथ ही संबंधित वार्डों के बीएलओ के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अमरेश मौर्या, एसडीएम/रिटर्निंग अफसर,तरबगंज