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Gonda News: 201 इंटर कॉलेजों ने छात्रवृत्ति के लिए नहीं कराया सत्यापन
Fri, 27 Dec 2024 11:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 27 Dec 2024 11:14 PM IST
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गोंडा। छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बॉयोमीट्रिक सत्यापन कराया जा रहा है। जिसमें 201 इंटर कॉलेज लापरवाही बरत रहे हैं। इसके चलते ही इनके सत्यापन की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इस कारण इन संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति पर भी संकट मंडराने लगा है। इसके चलते ही डीआईओएस डाॅ. रामचंद्र ने चेतावनी दी है कि सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य 31 दिसंबर तक बॉयोमीट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को अवश्य पूरा करा ले। इसके बाद डिफाल्टर विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई तय होगी।
छात्रवृत्ति योजना के तहत अब विद्यार्थियों को विद्यालयों में अपने अंगूठे का निशान देना अनिवार्य है। नियमानुसार इसके बाद ही उन्हें छात्रवृत्ति मिल सकेगी। इससे पहले स्कूल के प्रधानाचार्य और एक छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी को भी जिला समाज कल्याण अधिकारी के आफिस में बॉयोमीट्रिक के जरिए अंगूठे का निशान देना होगा। योजना से नौवीं कक्षा से लेकर ग्रेजुएशन तक के छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति मिलती है। पहले स्कूल, काॅलेजों में विद्यार्थी प्रवेश लेने के बाद छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करते थे। इसके बाद ऑनलाइन जांच के लिए इन्हें पहले लखनऊ फिर जिला समाज कल्याण अधिकारी के पास भेजा जाता था।
इस प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा सामने आने पर समाज कल्याण विभाग ने बॉयोमीट्रिक को विद्यालय में ही कराने की व्यवस्था को शामिल किया है। योजना के तहत 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को तीन हजार रुपये छात्रवृत्ति के तौर पर मिलते हैं। इससे ऊपर की कक्षाओं के छात्रों को छात्रवृत्ति के साथ ही शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा भी मिलता है।
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छात्रवृत्ति योजना के तहत अब विद्यार्थियों को विद्यालयों में अपने अंगूठे का निशान देना अनिवार्य है। नियमानुसार इसके बाद ही उन्हें छात्रवृत्ति मिल सकेगी। इससे पहले स्कूल के प्रधानाचार्य और एक छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी को भी जिला समाज कल्याण अधिकारी के आफिस में बॉयोमीट्रिक के जरिए अंगूठे का निशान देना होगा। योजना से नौवीं कक्षा से लेकर ग्रेजुएशन तक के छात्रों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति मिलती है। पहले स्कूल, काॅलेजों में विद्यार्थी प्रवेश लेने के बाद छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करते थे। इसके बाद ऑनलाइन जांच के लिए इन्हें पहले लखनऊ फिर जिला समाज कल्याण अधिकारी के पास भेजा जाता था।
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इस प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा सामने आने पर समाज कल्याण विभाग ने बॉयोमीट्रिक को विद्यालय में ही कराने की व्यवस्था को शामिल किया है। योजना के तहत 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को तीन हजार रुपये छात्रवृत्ति के तौर पर मिलते हैं। इससे ऊपर की कक्षाओं के छात्रों को छात्रवृत्ति के साथ ही शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा भी मिलता है।
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