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जिला पंचायत अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर
Updated Fri, 14 Jul 2017 11:31 PM IST
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जिला पंचायत अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर
राज्यपाल ने डीएम को बनाया प्रशासक
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सिंह का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर होने के बाद राज्यपाल ने जिलाधिकारी को जिला पंचायत का प्रशासक बनाया है। अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर होने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर अब तक समाजवादी पार्टी का कब्जा था। पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह की बहू श्रद्धा सिंह को सपा शासनकाल में निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया था लेकिन सरकार जाने के बाद हालात भी बदल गए। कुछ दिनों से जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की सुगबुगाहट हो रही थी। इस खेल में सत्तारुढ़ दल के नेता लगातार जिला पंचायत सदस्यों के संपर्क में थे और उन्हें अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए तैयार किया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अध्यक्ष के इस्तीफे को शासन ने गुरुवार को स्वीकार कर लिया। इस्तीफा मंजूर होने के बाद जिला पंचायत का काम काज देखने के लिए राज्यपाल ने जिलाधिकारी को प्रशासक बना दिया है। जिलाधिकारी जेबी सिंह ने इस्तीफा स्वीकृत हो जाने की पुष्टि की है। वहीं अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर होते ही जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। अध्यक्ष पद पर कब्जे को लेकर सत्तारूढ़ दल के नेताओं के बीच भागदौड़ तेज हो गई है।
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राज्यपाल ने डीएम को बनाया प्रशासक
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सिंह का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर होने के बाद राज्यपाल ने जिलाधिकारी को जिला पंचायत का प्रशासक बनाया है। अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर होने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर अब तक समाजवादी पार्टी का कब्जा था। पूर्व मंत्री विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह की बहू श्रद्धा सिंह को सपा शासनकाल में निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया था लेकिन सरकार जाने के बाद हालात भी बदल गए। कुछ दिनों से जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की सुगबुगाहट हो रही थी। इस खेल में सत्तारुढ़ दल के नेता लगातार जिला पंचायत सदस्यों के संपर्क में थे और उन्हें अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए तैयार किया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अध्यक्ष के इस्तीफे को शासन ने गुरुवार को स्वीकार कर लिया। इस्तीफा मंजूर होने के बाद जिला पंचायत का काम काज देखने के लिए राज्यपाल ने जिलाधिकारी को प्रशासक बना दिया है। जिलाधिकारी जेबी सिंह ने इस्तीफा स्वीकृत हो जाने की पुष्टि की है। वहीं अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर होते ही जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। अध्यक्ष पद पर कब्जे को लेकर सत्तारूढ़ दल के नेताओं के बीच भागदौड़ तेज हो गई है।
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