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नहीं थमी बरसात, गिरने लगे कच्चे मकान, महिला की मौत
Updated Fri, 07 Jul 2017 10:03 PM IST
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बारिश से गिरी दीवार, महिला की मौत
तीन दिन से पटरी से उतरा जनजीवन, कहीं बिजली तो कहीं जलभराव का रोना
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/दुबहाबाजार। लगातार तीन दिनों से रुक-रुक कर होने वाली बरसात और मौसम न खुलने से आम जनजीवन पूरी तरह से बेपटरी चल रहा है। रुक-रुक कर होने वाली बरसात से जहां कटराबाजार इलाके में शुक्रवार को एक कच्चे घर की दीवार गिर जाने से 28 वर्षीय महिला की मौत हो गई तो वहीं तमाम इलाकों की बिजली बारिश की वजह से बाधित चल रही है। इटियाथोक, खरगूपुर, बालपुर, बेलसर, नवाबगंज सहित एक दर्जन बिजलीघर ऐसे हैं, जहां के लोगों को 24 घंटे में 7 से 8 घंटे बिजली भी नहीं मिल पा रही।
शुक्रवार को कटराबाजार थाने के उर्दी गोंडा के मजरे चैनपुरवा में रहने वाली सुनीता (28) अपने घर में नल पर बैठी कुछ काम कर रही थी, कि इसी बीच उसके घर की कच्ची दीवार पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर होने वाली बरसात के चलते उसी के ऊपर गिर पड़ी। जिससे उसकी मौके पर ही मिट्टी के ढेर के नीचे दबकर मौत हो गई। हादसे के वक्त सुनीता का पति संतोष और उसका एक बच्चा वहां नहीं थे। इस हादसे के बाद गांव में रोना-पिटना मच गया। ग्राम प्रधान की मौजूदगी में शव का पंचनामा कराया गया। जिसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। उधर पिछले 72 घंटों से रुक-रुक कर होने वाली बरसात से जिले में करीब एक दर्जन बिजलीघरों की बिजली भी आए-राम, गए राम की तर्ज पर चल रही है। तेज बारिश होने पर लाइन में फाल्ट आ जाता है। जिससे पूरे बिजलीघर की बिजली ब्रेकडाउन में चली जाती है। सूचना पर उसे ठीक किया जाता है कि दूसरी जगह फाल्ट आ जाता है। बारिश में बिजली के खंभों व तारों में करंट उतरने से हादसे बढ़े हैं। जिसके मद्देनजर अधिशाषी अभियंता ने लोगों से बिजली के तारों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने की अपील की है। बारिश से शहर समेत ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर हुए जलभराव से लोगों का जीना दूभर हो चला है। गली-मोहल्लों में दर्जनों जगहों पर पानी भरा है। वहीं धूप न निकलने से लोगों के सामने कपड़े सुखाने तक की समस्या है।
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तीन दिन से पटरी से उतरा जनजीवन, कहीं बिजली तो कहीं जलभराव का रोना
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/दुबहाबाजार। लगातार तीन दिनों से रुक-रुक कर होने वाली बरसात और मौसम न खुलने से आम जनजीवन पूरी तरह से बेपटरी चल रहा है। रुक-रुक कर होने वाली बरसात से जहां कटराबाजार इलाके में शुक्रवार को एक कच्चे घर की दीवार गिर जाने से 28 वर्षीय महिला की मौत हो गई तो वहीं तमाम इलाकों की बिजली बारिश की वजह से बाधित चल रही है। इटियाथोक, खरगूपुर, बालपुर, बेलसर, नवाबगंज सहित एक दर्जन बिजलीघर ऐसे हैं, जहां के लोगों को 24 घंटे में 7 से 8 घंटे बिजली भी नहीं मिल पा रही।
शुक्रवार को कटराबाजार थाने के उर्दी गोंडा के मजरे चैनपुरवा में रहने वाली सुनीता (28) अपने घर में नल पर बैठी कुछ काम कर रही थी, कि इसी बीच उसके घर की कच्ची दीवार पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर होने वाली बरसात के चलते उसी के ऊपर गिर पड़ी। जिससे उसकी मौके पर ही मिट्टी के ढेर के नीचे दबकर मौत हो गई। हादसे के वक्त सुनीता का पति संतोष और उसका एक बच्चा वहां नहीं थे। इस हादसे के बाद गांव में रोना-पिटना मच गया। ग्राम प्रधान की मौजूदगी में शव का पंचनामा कराया गया। जिसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। उधर पिछले 72 घंटों से रुक-रुक कर होने वाली बरसात से जिले में करीब एक दर्जन बिजलीघरों की बिजली भी आए-राम, गए राम की तर्ज पर चल रही है। तेज बारिश होने पर लाइन में फाल्ट आ जाता है। जिससे पूरे बिजलीघर की बिजली ब्रेकडाउन में चली जाती है। सूचना पर उसे ठीक किया जाता है कि दूसरी जगह फाल्ट आ जाता है। बारिश में बिजली के खंभों व तारों में करंट उतरने से हादसे बढ़े हैं। जिसके मद्देनजर अधिशाषी अभियंता ने लोगों से बिजली के तारों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करने की अपील की है। बारिश से शहर समेत ग्रामीण इलाकों में व्यापक स्तर पर हुए जलभराव से लोगों का जीना दूभर हो चला है। गली-मोहल्लों में दर्जनों जगहों पर पानी भरा है। वहीं धूप न निकलने से लोगों के सामने कपड़े सुखाने तक की समस्या है।
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