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अब रेलकर्मी भी घर बैठे निकाल सकेंगे ई-टिकटं
Updated Fri, 28 Jul 2017 10:34 PM IST
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अब रेलकर्मी भी घर बैठे निकाल सकेंगे ई-टिकट
आरक्षण दफ्तर की लाइन में खड़े रहने से मिलेगा छुटकारा
रेलकर्मियों के लिए नए सिरे से अपडेट की जा रही आईआरसीटीसी वेबसाइट
मनोज कुमार श्रीवास्तव
गोंडा। अक्तूबर से रेलवे में काम करने वाले कर्मचारी भी आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर घर बैठे ई-टिकट बुक करा सकेंगे। अभी तक इसके लिए उन्हें आरक्षण दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अक्तूबर महीने से रेलवे बोर्ड रेल कर्मचारियों के लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर अलग से एक व्यवस्था रेल कर्मियों के लिए करने जा रहा है। जिसके तहत रेलकर्मी घर बैठे इस वेबसाइट पर जाकर अपना टिकट पास-पीटीओ का नम्बर दर्ज कराने के बाद उठा पाएंगे। इससे जिले में काम करने वाले 5 हजार रेल कर्मचारियों व उनके परिवार को इसका लाभ मिलेगा।
मौजूदा वक्त रेलवे में काम करने वाले रेलकर्मी के परिवार में अगर उसे खुद या फिर परिवार के किसी व्यक्ति को कहीं जाना होता है तो इसके लिए उसे आरक्षण दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। तब जाकर कहीं उसे उसके पास-पीटीओ पर टिकट जारी हो पाता था। इस व्यवस्था को खत्म करने की मांग रेलवे के विभिन्न संगठन पिछले काफी समय से करते भी आ रहे थे। क्योंकि इससे उनकी ड्यूटी प्रभावित होती थी। साथ ही रेलवे में काम करने के बावजूद उन्हें घंटो लाइन में खड़े रहना पड़ता था। लेकिन जैसे-जैसे इंडिया डिजिटलाइजेशन की ओर जा रहा है, वैसे-वैसे पुरानी व्यवस्थाएं भी खत्म होने लगी हैं।
रेल सूत्रों की मानें तो रेलकर्मियों की मांग पर रेलवे बोर्ड आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर रेलकर्मियों के लिए अलग से ई-टिकटिंग की व्यवस्था कर रहा है। जिसका लाभ अक्तूबर महीने से रेल कर्मियों को मिलना शुरू हो जाएगा। रेलवे मंत्रालय के निर्देश पर रेलवे बोर्ड आईआरसीटीसी वेबसाइट को अपडेट कर रहा है। रेलकर्मियों के लिए ई-टिकटिंग की व्यवस्था हो जाने के बाद किसी भी रेलकर्मी को आरक्षण दफ्तर में जाकर लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वह कम्प्यूटर के जरिए ई-टिकट प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपने पास-पीटीओ का नम्बर अंकित करना होगा। वहीं स्लीपर श्रेणी के लिए 10 रुपये व एसी के लिए 20 रुपये का शुल्क भी उन्हें देना पड़ेगा।
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इनसेट
क्या है पीटीओ
रेलवे में ग्रुप सी व डी के तहत काम करने वाले रेल कर्मचारियों को रेलवे एक साल में तीन सेट पास फ्री में देता है। जबकि इसके अतिरिक्त पांच सेट पीटीओ भी उसे दिए जाते हैं। रेलकर्मियों को मिलने वाले पीटीओ (प्रिमिनेंस टिकट आर्डर) को सुविधा टिकट आदेश कहते हैं। इससे टिकट बुक कराने पर रेलकर्मियों को यात्रा किराए का एक तिहाई शुल्क देना होता है।
वर्जन
रेल कर्मचारियों के अलग-अलग संगठन काफी समय से ई-टिकट की मांग करते आ रहे हैं। रेलवे बोर्ड की नई व्यवस्था से करीब 55 हजार रेल कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा
एलपी राय, मुख्य कार्मिक अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे
आरक्षण दफ्तर की लाइन में खड़े रहने से मिलेगा छुटकारा
रेलकर्मियों के लिए नए सिरे से अपडेट की जा रही आईआरसीटीसी वेबसाइट
मनोज कुमार श्रीवास्तव
गोंडा। अक्तूबर से रेलवे में काम करने वाले कर्मचारी भी आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर घर बैठे ई-टिकट बुक करा सकेंगे। अभी तक इसके लिए उन्हें आरक्षण दफ्तर के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अक्तूबर महीने से रेलवे बोर्ड रेल कर्मचारियों के लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर अलग से एक व्यवस्था रेल कर्मियों के लिए करने जा रहा है। जिसके तहत रेलकर्मी घर बैठे इस वेबसाइट पर जाकर अपना टिकट पास-पीटीओ का नम्बर दर्ज कराने के बाद उठा पाएंगे। इससे जिले में काम करने वाले 5 हजार रेल कर्मचारियों व उनके परिवार को इसका लाभ मिलेगा।
मौजूदा वक्त रेलवे में काम करने वाले रेलकर्मी के परिवार में अगर उसे खुद या फिर परिवार के किसी व्यक्ति को कहीं जाना होता है तो इसके लिए उसे आरक्षण दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। तब जाकर कहीं उसे उसके पास-पीटीओ पर टिकट जारी हो पाता था। इस व्यवस्था को खत्म करने की मांग रेलवे के विभिन्न संगठन पिछले काफी समय से करते भी आ रहे थे। क्योंकि इससे उनकी ड्यूटी प्रभावित होती थी। साथ ही रेलवे में काम करने के बावजूद उन्हें घंटो लाइन में खड़े रहना पड़ता था। लेकिन जैसे-जैसे इंडिया डिजिटलाइजेशन की ओर जा रहा है, वैसे-वैसे पुरानी व्यवस्थाएं भी खत्म होने लगी हैं।
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रेल सूत्रों की मानें तो रेलकर्मियों की मांग पर रेलवे बोर्ड आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर रेलकर्मियों के लिए अलग से ई-टिकटिंग की व्यवस्था कर रहा है। जिसका लाभ अक्तूबर महीने से रेल कर्मियों को मिलना शुरू हो जाएगा। रेलवे मंत्रालय के निर्देश पर रेलवे बोर्ड आईआरसीटीसी वेबसाइट को अपडेट कर रहा है। रेलकर्मियों के लिए ई-टिकटिंग की व्यवस्था हो जाने के बाद किसी भी रेलकर्मी को आरक्षण दफ्तर में जाकर लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वह कम्प्यूटर के जरिए ई-टिकट प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपने पास-पीटीओ का नम्बर अंकित करना होगा। वहीं स्लीपर श्रेणी के लिए 10 रुपये व एसी के लिए 20 रुपये का शुल्क भी उन्हें देना पड़ेगा।
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क्या है पीटीओ
रेलवे में ग्रुप सी व डी के तहत काम करने वाले रेल कर्मचारियों को रेलवे एक साल में तीन सेट पास फ्री में देता है। जबकि इसके अतिरिक्त पांच सेट पीटीओ भी उसे दिए जाते हैं। रेलकर्मियों को मिलने वाले पीटीओ (प्रिमिनेंस टिकट आर्डर) को सुविधा टिकट आदेश कहते हैं। इससे टिकट बुक कराने पर रेलकर्मियों को यात्रा किराए का एक तिहाई शुल्क देना होता है।
वर्जन
रेल कर्मचारियों के अलग-अलग संगठन काफी समय से ई-टिकट की मांग करते आ रहे हैं। रेलवे बोर्ड की नई व्यवस्था से करीब 55 हजार रेल कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा
एलपी राय, मुख्य कार्मिक अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे