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इकलौते स्वतंत्रता सेनानी राम अशीष मिश्र का निधन

Mon, 23 Oct 2017 10:47 PM IST
Updated Mon, 23 Oct 2017 10:47 PM IST
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इकलौते स्वतंत्रता सेनानी राम अशीष मिश्र का निधन
इकलौते स्वतंत्रता सेनानी राम आशीष का निधन
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रुपईडीह(गोंडा)। स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन में योगदान देने वाले वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम आशीष मिश्र का सोमवार की सुबह निधन हो गया। आजादी के आन्दोलन के इस नायक ने अपनी अंतिम सांस अपने पैतृक गांव कौड़िया ब्लॉक के बिछूड़ी गांव में ली। स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजों के दांत खट्टे करने वाले मिश्र के निधन से पूरे जिले में शोक की लहर छा गई है।
106 वर्ष की उम्र के होने के बाद भी मिश्र अब तक सामाजिक क्षेत्र में अपना योगदान देते आ रहे थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी उनका बेहद सम्मान करते थे। वह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं।
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उनके चार पुत्र और 18 पोते-पोती व नाती-नातिन हैं। उनके बड़े पुत्र ने बताया कि उनके पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम आशीष मिश्र का जन्म अगस्त 1912 में थाना कौडिय़ा के बिछूड़ी गांव में हुआ था। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा कौडिय़ा में और सन 1932 में हाई स्कूल की शिक्षा पयागपुर बहराइच में ली।
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1937 से आंदोलन में उतरने वाले मिश्र ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, न कभी चुनाव लड़े और न ही किसी पद की लालसा ही की। हां यह जरूर रहा कि वे भ्रष्ट राजनीति की हमेशा मुखालफत करते रहे और इसके लिए वह युवाओं को भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ खड़ा होने का मशविरा देते रहे।

वह राजनीति में साम्यवादी विचारधारा के बेहद करीब रहे। अपने जीवन काल में वे भारत छोड़ो आन्दोलन के तहत 1941 में तीन बार गंगवल, पयागपुर व बहराइच जेल गये। जिसमे उन्हें 9 माह की सजा, 25 रुपये जुर्माना हुआ। जुर्माना न देने पर 2 माह अतिरिक्त सजा काटनी पड़ी। 1942 में गोंडा, बहराइच रेल मार्ग पर बनगाई और विशेश्वरगंज के बीच रावतारा के पास उन्होंने ट्रेन रोक दी थी। जिस पर ब्रिटिश शासन द्वारा उन्हें गोली मारने का आदेश हुआ।

जिस पर मिश्र कुछ दिनों के लिए गोपनीय स्थान पर चले गए थे। इसके बाद बहराइच में मीटिंग के दौरान जेल गए। 3 माह तक जेल में रहे। जिस पर 2 साल की सजा 50 रुपया जुर्माना हुआ। जुर्माना न देने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा सुनाई गई।

उम्र के इस पड़ाव पर होने के बाद भी वे अभी तक सामाजिक कार्यों में सहभागिता करते रहे। निर्धन बेटियों का विवाह हो या गरीबों की मदद सबके लिए उनकी लड़ाई अनवरत जारी रही। फूलचंद्र मिश्र ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को गांव में ही किया जाएगा। उनके निधन पर तहसीलदार सदर एसएन त्रिपाठी, खंड विकास अधिकारी बृजेश प्रकाश सिंह, रुपईडीह, थाना प्रभारी शैलेश राय ने पहुंच कर दुख प्रकट किया।

जन संगठनों ने दी श्रद्धांजलि
गोंडा। स्वाधीनता सेनानी रामअशीष मिश्र के निधन पर सोमवार को बार एसोसिएशन सभागार में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इसमें बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केके मिश्र, सिविल बार अध्यक्ष शमीम अतहर, महामंत्री आलोक पांडेय व राम अशीष तिवारी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने दुख प्रकट किया।


साथ ही बार एसोसिएशन के लाइब्रेरियन बालक राम तिवारी के निधन पर भी दुख प्रकट किया गया और उन्हें भी श्रद्धांजलि दी। कम्युनिस्ट पार्टी कार्यालय पर वरिष्ठ नेता सुरेश त्रिपाठी, दीनानाथ त्रिपाठी, सूर्य प्रसाद मिश्र सहित अन्य नेताओं व जनसंगठनों के लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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