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आधार से अब गन्ना माफियाओं पर कसेगी नकेल

Sun, 27 Aug 2017 12:45 AM IST
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:45 AM IST
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आधार से अब गन्ना माफियाओं पर कसेगी नकेल
आधार से अब गन्ना माफिया पर कसेगी नकेल
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नई सट्टा नीति से चीनी मिलों को सीधे गन्ना आपूर्ति कर सकेंगे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। गन्ना किसानों का सट्टा आधार से जोड़ने की नई नीति से अब गन्ना माफियाओं पर नकेल कसेगी। चीनी मिल वालों से सांठगांठ कर किसानों से औने-पौने गन्ने की खरीद के खेल पर लगाम लगेगा। नई सट्टा नीति से छोटे-बड़े किसानों को मिलों को सीधे गन्ना आपूत करने का मौका मिलेगा। सरकार के गन्ना सट्टा नीति में बड़ा बदलाव करने से किसानों को फायदा होगा। इससे उन किसानों को उनके नाम की समय पर पर्ची मिलेगी जिससे वह गन्ने की बिक्री कर सकेंगे। गन्ना विभाग व चीनी मिल अधिकारियों से मिलीभगत कर फर्जी सट्टा के सहारे किसानों का शोषण करने वालों बिचौलिये की मनमानी नही चलेगी।
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सट्टा प्रदर्शन हो चुका अब शिकायत मेला
गोंडा। गन्ना विभाग की ओर से आगामी पेराई सत्र के लिए किसानों का गन्ना सर्वे कराया जा चुका है। गन्ना विभाग व संबन्धित चीनी मिल के कर्मचारियों की ओर से ग्राम पंचायतों में सट्टा प्रदर्शन का कार्यक्रम चलाया गया। इसमें किसानों की आपत्तियों की सुनवाई कर उसका समाधान किया गया। विभाग ने प्रदर्शन में गन्ना किसानों को यह दिखाकर उन्हें संतुष्ट किया कि वास्तव में किसान के पास कुल कितनी जमीन है और उसने कितने में कौन सी प्रजाति का कितना पेड़ी पौधा गन्ना बो रखा है। लेकिन इसमें यदि किसी काश्तकार की कोई समस्या छूट गई हो तो गन्ना विभाग 28 से 30 अगस्त तक सभी गन्ना समितियों में शिकायत मेला लगाने जा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह का कहना है कि ऐसे किसान जिनके किसी समस्या का समाधान नही हो सका है उन्हें एक और मौका दिया जा रहा है मेले में मौके पर ही उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।
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आधार न बनवाने वाले किसानों को हो सकती है दिक्कत
गोंडा। जिन किसानों के आधार कार्ड नही बने हैं उन्हें दिक्कत हो सकती है। हो सकता है कि सरकार किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान व गन्ना पर्ची ही आधार कार्ड से लिंक करने की व्यवस्था कर दे ऐसे में बिना आधार वाले किसानों को दिक्कत होगी। गन्ना किसान राकेश ओझा का कहना है कि सरकार पहले साल किसानों को आधार से थोड़ी राहत दे या फिर गन्ना किसानों के आधार बनवाने की व्यवस्था करे। गन्ना किसान रमेश कुमार का कहना है कि सभी गन्ना किसानों का आधार कार्ड बनवाने की उचित व्यवस्था की जाए ताकि पेराई के दौरान किसान को परेशानी न हो।
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नई नीति से कोटा बढ़ने से होगा फायदा
* किसान को पर्ची अधिक मिलेगी ।
* किसान के बेसिक कोटा कलेण्डर में जल्द व तय तारीख पर पर्ची जारी होगी।
* अपने पर्ची पर गन्ना बेचने से पूरा भुगतान मिलने का फायदा ।
* दूसरे पेराई सत्र में बेसिक कोटे का इजाफा का लाभ ।
* पेराई सत्र के दौरान कीमतें बढ़ने से बढ़ोत्तरी का लाभ किसान के सीधे खाते में।
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गन्ना किसानों के बेसिक कोटा को आधार से लिंक किया जाएगा। इससे किसी भी तरह से गन्ने की फर्जी तरीके से सप्लाई पर रोक लगेगी। सट्टा सुधार के लिए कई चक्र में खतौनियों की सरकारी वेबसाइट से मिलान कर फर्जी सट्टे का बहुत पहले समाप्त किया जा चुका है। 28 से 30 अगस्त तक सभी गन्ना समितियों में शिकायत मेले का आयोजन किया जाना है छूटे शिकायतों का समाधान कर दिया जाएगा।
- पीएन सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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