फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   सरयू नीचे तो खतरे के निशान से 14 सेमी ऊपर घाघरा

सरयू नीचे तो खतरे के निशान से 14 सेमी ऊपर घाघरा

Tue, 11 Jul 2017 09:31 PM IST
Updated Tue, 11 Jul 2017 09:31 PM IST
विज्ञापन
सरयू नीचे तो खतरे के निशान से 14 सेमी ऊपर घाघरा
विज्ञापन


लाल निशान से 14 सेमी ऊपर घाघरा
घाघरा-सरयू के घटते-बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई लोगों की धुकधुकी
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। करनैलगंज में एल्गिन-चरसड़ी ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर समय के साथ कभी बढ़ जाता है तो कभी कम हो जाता है। सोमवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आने लगा था। लेकिन मंगलवार को सुबह यही जलस्तर फिर से बढ़ना शुरू हो गया और शाम 6 बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 14 सेमी ऊपर पहुंच गया। वहीं घाघरा के बढ़ते ही सरयू नदी का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। घाघरा नदी में बढ़ने वाले जलस्तर से करनैलगंज इलाके में लोगों की दिक्कतें लगातार पहले जैसी बनी हुई हैं। जिससे उन्हें कोई राहत दूर-दूर तक मिलने का नाम नहीं ले रही। नदी का पानी लगातार एल्गिन-चरसड़ी बांध को काट रहा है। जबकि काफी संख्या में इसका पानी करनैलगंज के गांवों में भी भर रहा है। नदी का जलस्तर बढने से प्रभावित गांवों की संख्या में इजाफे का अनुमान है। वहीं बाढ़ के पानी से प्रभावित मजरों की संख्या अभी भी 60 ही है।
पिछले साल कटे एल्गिन-चरसड़ी व रिंग बांध से करनैलगंज में जलप्रलय की आपदा ने लोगों को बाढ़ सीजन के शुरूआती दिनों मे ही इस कदर घेर लिया है कि इससे उन्हें अगले एक महीने तक किसी प्रकार की कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही। हालत यह है कि जिस जगह पिछले साल बांध 500 मीटर की दूरी मे कटा था, उसका दायरा अब बढक़र सवा दो किलोमीटर के आसपास पहुंच गया है। जिससे काफी संख्या में पानी का फैलाव करनैलगंज इलाके में होने लगा है। वहीं घाघरा से आने वाली बाढ़ का पानी करनैलगंज में बंधे किनारे बसे गांवों को प्रभावित न करे, इसके लिए बनाए गए नोज भी एक के बाद घाघरा की लहरों में समाने लगे हैं। नदी का जलस्तर जब कम होता है तो बंधे के नोजों में कटान लग जाती है और जब पानी बढ़ता है तो वही पानी गांवों में फैलना शुरू हो जाता है।
विज्ञापन

बीते 10 दिनों से करनैलगंज इलाके में चल रही बाढ़ से यहां के 60 मजरे बाढ़ के पानी से चौतरफा घिरे हैं। जबकि हफ्ते भर से हो रही बरसात ने लोगों की दिक्कतों को कई गुना तक बढ़ा रखा है। प्रशासन की ओर से जो इंतजाम बाढ़ पीड़ितों के लिए किए गए हैं। वह भी नाममात्र के ही हैं। जिससे लोगों को कोई राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही। मंगलवार को घाघरा के बढ़ते-घटते जलस्तर ने यहां के लोगों को बहुत परेशान किया। सोमवार की रात नदी का जलस्तर जहां कम होने लगा था तो वही जलस्तर मंगलवार सुबह बढना शुरू हो गया और दोपहर मे फिर से कम होना। लेकिन जैसे ही शाम हुई पहाड़ी नालों से नदी में छोड़े जाने वाले पानी से नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 14 सेमी ऊपर पहुंच गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट
पहले तीन सेमी प्रतिघंटे तो अब दो सेमी प्रति घंटे बढ़ रही घाघरा
मंगलवार को दिन में घाघरा ने पहले तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ना शुरू किया। लेकिन बाद में जैसे ही कुछ समय बीता नदी के बढ़ने की रफ्तार ठंडी पड़ गई और नदी दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने लगी। मौजूदा वक्त भी नदी का बढ़ाव दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से हो रहा है।

बाक्स
घाघरा-सरयू नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर पर एक नजर-
नदी का नाम डैंजर प्वाइंट जलस्तर 10 जुलाई 6 बजे जलस्तर 11 जुलाई शाम 6 बजे
सरयू 92.73 मीटर 92.72 मीटर 92.280 मीटर
घाघरा 106.07 मीटर 105.596 मीटर 106.216 मीटर
नोट : जलस्तर के यह आंकड़े बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम अयोध्या से जुटाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed