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आफत की छत के नीचे 1618 रेल कर्मियों व उनके परिजनों की जिंदगी

Sun, 18 Jul 2021 09:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 09:57 PM IST
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1618 railwaymen and their families under the roof of disaster
गोंडा। रेलवे यार्ड गोंडा के अंतर्गत रेल कर्मियों व उनके परिजनों के रहने के लिए 1680 आवास बने हैं। इसमें सेमरा, गिरिजा, साहबगंज, बड़गांव खैरा, इंजीनियरिंग, ऑफिसर व ट्रांजिट कॉलोनी में बने आवासों में 90 प्रतिशत की स्थिति बहुत ही जर्जर है।
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कभी भी हादसे का सबब बन सकते हैं। बुधवार को सेमरा कॉलोनी स्थित एक आवास की पूरी छत ढह गई। गनीमत रही कि छत का पहला प्लास्टर गिरते पूरा परिवार सजग हो गया, और बाहर निकल आया। रविवार को सेमरा कॉलोनी में एक आवास का छज्जा गिर गया है। संयोग रहा की कोई हताहत नहीं हुआ।
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एक सप्ताह में दो आवासों की छत व छज्जा ढहने से कर्मचारियों और उनके परिवारों में दहशत है। कर्मचारियों के कई बार शिकायत करने के बावजूद ना तो आवासों की मरम्मत की गई, ना ही उसे सही से देखभाल किया जाता है। गोंडा रेलवे यार्ड में करीब 100 वर्षों पूर्व अंग्रेजों के समय के बने रेलवे क्वार्टर हैं।
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जिनकी संख्या पहले 1760 थी, अब घटकर 1680 हो गई है। इन आवासों की देखभाल करने के लिए रेलवे प्रशासन ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) को निगरानी में दिया है। एन ई रेलवे मजदूर यूनियन के वरिष्ठ नेता राम नगीना का कहना है कि क्वार्टरों के आवंटित कर्मचारियों द्वारा कई बार शिकायत किया जाता है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
रामनगीना का कहना है कि कई आवास के छत से पानी टपकता है और कई में पीने के लिए पानी नहीं आता है। कई आवास में खिड़की टूट गई है। उन्होंने बताया कि सड़क की हालात भी बहुत खराब है।
कहा कि कस्तूरबा इंटर कालेज के सामने का मार्ग बहुत ही खराब है। जगह-जगह पर बड़े -बड़े गड्ढे हैं। शिकायत करने के बावजूद ठीक नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों के आने-जाने में खतरा बना रहता है।
आवासों के आसपास बड़ी-बड़ी घास व गंदगी व्याप्त है। रोजाना कोई न कोई जहरीले जीव जंतु निकलते रहते हैं। सही समय पर मरम्मत न होने से कई आवंटित कर्मचारियों ने छत के नीचे व ऊपर पन्नी लगा रखा है।
घर में पानी न टपके। किसी तरह से रेल कर्मचारी क्वार्टर में अपने जान को हथेली पर रखकर रहते हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि क्वार्टर में पीने के लिए पानी भी नहीं आता है। समय से रंगाई व पोताई भी नहीं होता है।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद राय ने जर्जर क्वार्टरों की स्थिति के बारे में पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख चीफ इंजीनियर से शिकायत किया है। उन्होंने मांग किया है कि जल्द से जल्द इन क्वार्टरों की स्थिति को ठीक किया जाए।

पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक डॉ मोनिका अग्निहोत्री का कहना है कि गोंडा रेलवे यार्ड के अंतर्गत बने हुए आवासों का सर्वे कराने के लिए एक तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है जोकि बहुत जल्दी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगी। बताया कि क्वार्टरों की मरम्मत व रखरखाव के लिए अधिकारियों को समय-समय पर निर्देश दिया जाता है।
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