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गोंडा व कैसरगंज के कांग्रेस समेत 23 प्रत्याशियों की जमानत हुई जब्त
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गोंडा। लोकसभा चुनाव की मतगणना के बाद परिणाम से एक और रेकार्ड बनने जा रहा है। गोंडा व कैसरगंज संसदीय सीट से भाजपा प्रत्याशियों की जहां जीत तय हो चुकी है वहीं गठबंधन के प्रत्याशियों के अलावा किसी भी अन्य प्रत्याशी की जमानत जब्त होना भी तय है। मतदान के दौरान मतदाताओं ने भाजपा के प्रत्याशियों को वोट देने में जहां सबसे ज्यादा रुचि दिखाई वहीं गठबंधन के प्रत्याशियों को मत देकर उन्हें दूसरे पायदान पर पहुंचा दिया है। इसके अलावा कांग्रेस समेत शेष प्रत्याशियों को मतदाताओं ने नकार दिया है। चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों से नामांकन के दौरान जमानत राशि जमा कराई जाती है। यह इसलिए जमा होती है कि कोई प्रत्याशी अपनी जमानत वोटों के माध्यम से नहीं बचा पाता तो उसकी राशि को जब्त कर लिया जाए। यह धनराशि उसी सूरत में बचती हैए जब प्रत्याशी को पड़े हुए मत का 1/6 हिस्सा मिले।
लोकसभा चुनाव में गोंडा संसदीय सीट से 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 1754478 मतदाताओं में से 9 लाख 22 हजार 264 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। प्रत्येक प्रत्याशी को 1.60 लाख से अधिक वोट जमानत बचाने को चाहिए। भाजपा प्रत्याशी कीर्ति वर्धन सिंह उर्फ राजा भैया 503474 मत पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह को 167050 मतों से पराजित किया। पंडित सिंह को 337655 मत मिले। 25036 मत पाकर तीसरे स्थान पर अपना दल की राष्ट्रीय दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा पटेल रहीं, जो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में थीं। गोंडा सीट पर 8352 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया।
इस सीट पर चुनाव लड़ रहे कुल 15 प्रत्याशियों में से 12 नोटा के बराबर भी मत हासिल नहीं कर सके। अब कांग्रेस समेत अन्य की जमानत नहीं बचा पाए। इसी तरह कैसरगंज सीट पर भाजपा प्रत्याशी बृजभूषण शरण सिंह 577298 मत पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी गठबंधन प्रत्याशी चन्द्रदेव राम यादव से 318110 मतों से पराजित किया। गठबंधन प्रत्याशी को 318110 मत मिले। कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व सांसद विनय कुमार पाण्डेय उर्फ बिन्नू को 36766 मत मिले हैं। गोण्डा संसदीय सीट की तर्ज पर यहां भी चुनाव मैदान में उतरे कुल 12 प्रत्याशियों में से अन्य नौ प्रत्याशी नोटा के बराबर भी मत हासिल नहीं कर सके। इस सीट पर 13107 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया। इस तरह यहां भी कांग्रेस समेत अन्य प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाएंगे।
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मतों की गणना से कांग्रेस को करार झटका लगा है और जमानत तक नहीं बचा पाई है इसके अलावा गठबंधन पूरी तरह विफल रहा। कैसरगंज में 9 लाख 79 हजार 807 मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग किया था। गठबंधन के अलावा किसी अन्य प्रत्याशी ने जमानत बचाने के मानक के बराबर मत हासिल नही कर पाए। इससे दोनो सीटों पर जहां भाजपा के प्रत्याशियों ने बड़ी जीत दर्ज की, वहीं गठबंधन के प्रत्याशी ही मैदान में टिक सके। इसके अलावा कांग्रेस के दोनो प्रत्याशियों के अलावा अन्य प्रत्याशी जमानत बचाने के वोट हासिल करन तो दो दूर उसके आसपास तक नहीं पहुंच पाए।
लोकसभा चुनाव में गोंडा संसदीय सीट से 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। 1754478 मतदाताओं में से 9 लाख 22 हजार 264 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। प्रत्येक प्रत्याशी को 1.60 लाख से अधिक वोट जमानत बचाने को चाहिए। भाजपा प्रत्याशी कीर्ति वर्धन सिंह उर्फ राजा भैया 503474 मत पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी सपा बसपा गठबंधन के प्रत्याशी विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह को 167050 मतों से पराजित किया। पंडित सिंह को 337655 मत मिले। 25036 मत पाकर तीसरे स्थान पर अपना दल की राष्ट्रीय दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा पटेल रहीं, जो कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में थीं। गोंडा सीट पर 8352 मतदाताओं ने नोटा का इस्तेमाल किया।
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इस सीट पर चुनाव लड़ रहे कुल 15 प्रत्याशियों में से 12 नोटा के बराबर भी मत हासिल नहीं कर सके। अब कांग्रेस समेत अन्य की जमानत नहीं बचा पाए। इसी तरह कैसरगंज सीट पर भाजपा प्रत्याशी बृजभूषण शरण सिंह 577298 मत पाकर अपने निकटतम प्रतिद्वन्दी गठबंधन प्रत्याशी चन्द्रदेव राम यादव से 318110 मतों से पराजित किया। गठबंधन प्रत्याशी को 318110 मत मिले। कांग्रेस प्रत्याशी व पूर्व सांसद विनय कुमार पाण्डेय उर्फ बिन्नू को 36766 मत मिले हैं। गोण्डा संसदीय सीट की तर्ज पर यहां भी चुनाव मैदान में उतरे कुल 12 प्रत्याशियों में से अन्य नौ प्रत्याशी नोटा के बराबर भी मत हासिल नहीं कर सके। इस सीट पर 13107 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया। इस तरह यहां भी कांग्रेस समेत अन्य प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाएंगे।
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मतों की गणना से कांग्रेस को करार झटका लगा है और जमानत तक नहीं बचा पाई है इसके अलावा गठबंधन पूरी तरह विफल रहा। कैसरगंज में 9 लाख 79 हजार 807 मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग किया था। गठबंधन के अलावा किसी अन्य प्रत्याशी ने जमानत बचाने के मानक के बराबर मत हासिल नही कर पाए। इससे दोनो सीटों पर जहां भाजपा के प्रत्याशियों ने बड़ी जीत दर्ज की, वहीं गठबंधन के प्रत्याशी ही मैदान में टिक सके। इसके अलावा कांग्रेस के दोनो प्रत्याशियों के अलावा अन्य प्रत्याशी जमानत बचाने के वोट हासिल करन तो दो दूर उसके आसपास तक नहीं पहुंच पाए।