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क्षेत्रीय आशा व एएनएम के भूमिका की होगी जांच
Updated Fri, 10 Nov 2017 10:47 PM IST
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आशा कार्यकर्ता व एएनएम के भूमिका की होगी जांच
गोंडा। बालपुर बाजार में गुरुवार को बमडेरा निवासी एक प्रसूता की सड़क पर हुई डिलीवरी के मामले में सीएमओ डा. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने क्षेत्रीय एएनएम व आशा की भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि जच्चा-बच्चा की सेहत के लिए भारत सरकार पहले एनआरएचएम तो अब एनएचएम के नाम से एक ऐसी योजना चला रही है, जिसमें प्रसूता महिला के गर्भवती होने से लेकर उसके पैदा होने व एक साल तक चलने वाले उसके टीकाकरण की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होती है।
इसके लिए हर साल भारत सरकार अरबों रुपए प्रसूता महिलाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही जेएसवाई में उनके खाने-पीने से लेकर अस्पताल में भर्ती होने और घर से अस्पताल तक लाने-ले जाने में खर्च करती है।
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गुरुवार को बालपुर बाजार में सड़क पर हुई डिलीवरी में गलती किसकी की थी। यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। लेकिन जहां तक बात मामले की छानबीन की है तो इस सम्बंध में प्रथम दृष्टया सवाल यहां की क्षेत्रीय एएनएम व आशाओं व उठना लाजिमी है।
जिसे लेकर सीएमओ की ओर से एक-एक पत्र यहां की आशा व एएनएम को लिखकर जवाब मांगा गया है। सीएमओ डा.संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्रीय आशा व इलाकाई एएनएम को अगर इस केस की पहले से जानकारी थी तो उन्होंने महिला डिलीवरी के लिए पहले से व्यवस्था क्यों नहीं की। जिसे लेकर दोनों लोगों से जवाब मांगा गया है। रही बात एंबुलेंस सेवा की तो इसकी भी जांच-पड़ताल फोन नम्बर इकट्ठा कर की जा रही है।
गोंडा। बालपुर बाजार में गुरुवार को बमडेरा निवासी एक प्रसूता की सड़क पर हुई डिलीवरी के मामले में सीएमओ डा. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने क्षेत्रीय एएनएम व आशा की भूमिका की जांच के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि जच्चा-बच्चा की सेहत के लिए भारत सरकार पहले एनआरएचएम तो अब एनएचएम के नाम से एक ऐसी योजना चला रही है, जिसमें प्रसूता महिला के गर्भवती होने से लेकर उसके पैदा होने व एक साल तक चलने वाले उसके टीकाकरण की पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होती है।
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इसके लिए हर साल भारत सरकार अरबों रुपए प्रसूता महिलाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही जेएसवाई में उनके खाने-पीने से लेकर अस्पताल में भर्ती होने और घर से अस्पताल तक लाने-ले जाने में खर्च करती है।
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गुरुवार को बालपुर बाजार में सड़क पर हुई डिलीवरी में गलती किसकी की थी। यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। लेकिन जहां तक बात मामले की छानबीन की है तो इस सम्बंध में प्रथम दृष्टया सवाल यहां की क्षेत्रीय एएनएम व आशाओं व उठना लाजिमी है।
जिसे लेकर सीएमओ की ओर से एक-एक पत्र यहां की आशा व एएनएम को लिखकर जवाब मांगा गया है। सीएमओ डा.संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्रीय आशा व इलाकाई एएनएम को अगर इस केस की पहले से जानकारी थी तो उन्होंने महिला डिलीवरी के लिए पहले से व्यवस्था क्यों नहीं की। जिसे लेकर दोनों लोगों से जवाब मांगा गया है। रही बात एंबुलेंस सेवा की तो इसकी भी जांच-पड़ताल फोन नम्बर इकट्ठा कर की जा रही है।