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79 राजस्व गांवों में खुलेंगे 1400 प्लास्टिक बैंक
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गोंडा। स्वच्छता अभियान के तहत अब गांवों में प्लास्टिक बैंक की स्थापना होगी। जिसके लिए पंचायतीराज विभाग ने 79 गांवों को चिह्नित किया है। इसके लिए पंचायत सचिवों को निर्देश दिए गए हैं। इन राजस्व ग्रामों के मजरों में प्लास्टिक बैंक स्थापित होंगे। अभी करीब 1400 प्लास्टिक बैंक स्थापित करने की योजना बनी है। गांवों में जरूरत के आधार पर इनकी संख्या बढ़ भी सकती है।
ग्राम पंचायतों में कचरा निस्तारण प्रबंधन के अंतर्गत प्लास्टिक पर रोक लगाने की पहल शुरू हुई है। इसके लिए 79 बड़े राजस्व ग्राम चिह्नित किए गए हैं। ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त करने की कवायद की जाएगी। इससे ग्राम पंचायतों की आय भी बढ़ेगी।
जिला पंचायतीराज विभाग की ओर से जिले की 79 ग्राम पंचायतों में करीब 1400 प्लास्टिक बैंक बनाए जा रहे हैं। ये बैंक लोहे की जालीदार हैं। इसमें पॉलीथिन व प्लास्टिक कचरा आदि डाला जाएगा। इससे आसपास का पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत के हर मजरे में दो-दो प्लास्टिक बैंक स्थापित किए जा रहे हैं। जिससे पर्यावरण सुरक्षित रखा जा सकता है।
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गांवों से एकत्र प्लास्टिक को पंचायत स्तर पर बन रहे कूड़ा प्रबंधन केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। जिले में 72 केंद्रों के निर्माण की कवायद हो रही है। केंद्रों पर प्लास्टिक को सुरक्षित तरीके से रिसाइकिल किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत में प्लास्टिक को इकट्ठा करने के बाद रिसाइकिल करके बिक्री योग्य बनाया जाएगा। जिससे ग्राम पंचायत की आय बढ़ सके।
स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक अभय प्रताप रमन ने बताया कि स्वच्छता अभियान के द्वितीय चरण के लिए 72 पंचायतों का चयन किया गया है। इसके 79 राजस्व ग्रामों में अभियान शुरू किया जा रहा है। इन ग्रामों के गांवों में करीब 1400 प्लास्टिक बैंक की स्थापना की जाएगी।
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ग्राम पंचायतों में कचरा निस्तारण प्रबंधन के अंतर्गत प्लास्टिक पर रोक लगाने की पहल शुरू हुई है। इसके लिए 79 बड़े राजस्व ग्राम चिह्नित किए गए हैं। ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त करने की कवायद की जाएगी। इससे ग्राम पंचायतों की आय भी बढ़ेगी।
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जिला पंचायतीराज विभाग की ओर से जिले की 79 ग्राम पंचायतों में करीब 1400 प्लास्टिक बैंक बनाए जा रहे हैं। ये बैंक लोहे की जालीदार हैं। इसमें पॉलीथिन व प्लास्टिक कचरा आदि डाला जाएगा। इससे आसपास का पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत के हर मजरे में दो-दो प्लास्टिक बैंक स्थापित किए जा रहे हैं। जिससे पर्यावरण सुरक्षित रखा जा सकता है।
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गांवों से एकत्र प्लास्टिक को पंचायत स्तर पर बन रहे कूड़ा प्रबंधन केंद्र तक पहुंचाया जाएगा। जिले में 72 केंद्रों के निर्माण की कवायद हो रही है। केंद्रों पर प्लास्टिक को सुरक्षित तरीके से रिसाइकिल किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत में प्लास्टिक को इकट्ठा करने के बाद रिसाइकिल करके बिक्री योग्य बनाया जाएगा। जिससे ग्राम पंचायत की आय बढ़ सके।
स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक अभय प्रताप रमन ने बताया कि स्वच्छता अभियान के द्वितीय चरण के लिए 72 पंचायतों का चयन किया गया है। इसके 79 राजस्व ग्रामों में अभियान शुरू किया जा रहा है। इन ग्रामों के गांवों में करीब 1400 प्लास्टिक बैंक की स्थापना की जाएगी।