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गांव में घुसा तेंदुआ, भैंस का आधा भाग चबा गया
Updated Sun, 14 Oct 2018 10:32 PM IST
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तेंदुए ने भैंस को बनाया निवाला, गांव में दहशत
गोंडा। खरगूपुर थाना क्षेत्र के फरेंदा शुक्ल गांव में शनिवार की देर भटक कर आए तेंदुएं ने एक घर के सामने बंधी भैंस पर हमला कर दिया। रस्सी से बंधी भैंस के पीछे हमला कर उसके कुछ हिस्से को चबा लिया और मुंह की तरफ भी हमला कर घायल कर दिया। इससे भैंस की मौत हो गई।
गांव निवासी दीन दयाल शुक्ल ने बताया कि शनिवार की रात वह सभी परिवार के लोग घर के अंदर सो गए और दरवाजे पर तीन मवेशी बंधे थे, जिनमें दो भैंस व एक पंड़वा था। जिसको तेंदुवा ने खा लिया।
उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सुबह लगभग पांच बजे सोकर उठीं तो देखा कि एक भैंस बेसुध पड़ी थी जब वह उसके नजदीक पहुंची तो देखा कि उसकी गर्दन आधी कटी थी और पीछे का धड़ का कुछ भाग नहीं था जिसे देखकर वह चिल्लाई और शोर सुनकर परिवार व गांव के लोग जुट गए।
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तो लोगों ने आशंका जाहिर की कि तेंदुवा ने भैंस को काटा है। लोग लाठी लेकर इधर-उधर देखने लगे, लेकिन कोई जानवर दिखाई नहीं पड़ा। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत है।
घटना की सूचना पर डायल 100 मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल किया और वन विभाग को सूचना देकर चली गई। उसके बाद कटरा बाजार वन क्षेत्र के वन दरोगा दुर्गेश कुमार मिश्र, कृष्ण कुमार, रवि शुक्ल मौके पर पहुंचे और शाम को आने की बात कहकर चले गए।
ग्रामीण महादेव शुक्ल, अनिल कुमार अवस्थी, सत्य प्रकाश शुक्ल, अवधेश मिश्र, जगदम्मा प्रसाद शुक्ल, श्री निवास शुक्ल, भल्लर शुकल, बालमुकुन्द शुक्ल, ओम प्रकाश शुक्ल, पप्पू सहित सैकड़ों लोगों ने वन विभाग की टीम से गांव के आसपास कांबिंग की मांग की है।
गांव के बीच से होकर निकली है सरयू नहर
कतर्निया से निकली सरयू नहर की मुख्य शाखा गांव के मध्य से होकर निकली है। कंचनपुर व फरेंदा शुक्ल के मध्य निकली सरयू नहर की शाखा सीधे बहराइच के जंगली एरिया से जुड़ी है।
माना जा रहा है कि तेंदुआ सरयू नहर की पटरियों से होते हुए आया होगा। यह भी माना जा रहा है कि इस गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर कुआनों का जंगल है। हो सकता है कि भटककर तेंदुआ रिहायशी इलाके में प्रवेश कर गया हो।
गांव में पहली बार किसी तेंदुए ने हमला किया है। इससे गांव में दहशत है। गांव में लगभग सभी किसानों के जानवर बाहर बांधे जाते हैं। ऐसे में वन विभाग की टीम को कांबिंग करने तथा अभियान चलाकर तेंदुए को पकड़ने का काम करना चाहिए। -अन्नू शुक्ला, ग्राम प्रधान
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गोंडा। खरगूपुर थाना क्षेत्र के फरेंदा शुक्ल गांव में शनिवार की देर भटक कर आए तेंदुएं ने एक घर के सामने बंधी भैंस पर हमला कर दिया। रस्सी से बंधी भैंस के पीछे हमला कर उसके कुछ हिस्से को चबा लिया और मुंह की तरफ भी हमला कर घायल कर दिया। इससे भैंस की मौत हो गई।
गांव निवासी दीन दयाल शुक्ल ने बताया कि शनिवार की रात वह सभी परिवार के लोग घर के अंदर सो गए और दरवाजे पर तीन मवेशी बंधे थे, जिनमें दो भैंस व एक पंड़वा था। जिसको तेंदुवा ने खा लिया।
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उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी सुबह लगभग पांच बजे सोकर उठीं तो देखा कि एक भैंस बेसुध पड़ी थी जब वह उसके नजदीक पहुंची तो देखा कि उसकी गर्दन आधी कटी थी और पीछे का धड़ का कुछ भाग नहीं था जिसे देखकर वह चिल्लाई और शोर सुनकर परिवार व गांव के लोग जुट गए।
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तो लोगों ने आशंका जाहिर की कि तेंदुवा ने भैंस को काटा है। लोग लाठी लेकर इधर-उधर देखने लगे, लेकिन कोई जानवर दिखाई नहीं पड़ा। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत है।
घटना की सूचना पर डायल 100 मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल किया और वन विभाग को सूचना देकर चली गई। उसके बाद कटरा बाजार वन क्षेत्र के वन दरोगा दुर्गेश कुमार मिश्र, कृष्ण कुमार, रवि शुक्ल मौके पर पहुंचे और शाम को आने की बात कहकर चले गए।
ग्रामीण महादेव शुक्ल, अनिल कुमार अवस्थी, सत्य प्रकाश शुक्ल, अवधेश मिश्र, जगदम्मा प्रसाद शुक्ल, श्री निवास शुक्ल, भल्लर शुकल, बालमुकुन्द शुक्ल, ओम प्रकाश शुक्ल, पप्पू सहित सैकड़ों लोगों ने वन विभाग की टीम से गांव के आसपास कांबिंग की मांग की है।
गांव के बीच से होकर निकली है सरयू नहर
कतर्निया से निकली सरयू नहर की मुख्य शाखा गांव के मध्य से होकर निकली है। कंचनपुर व फरेंदा शुक्ल के मध्य निकली सरयू नहर की शाखा सीधे बहराइच के जंगली एरिया से जुड़ी है।
माना जा रहा है कि तेंदुआ सरयू नहर की पटरियों से होते हुए आया होगा। यह भी माना जा रहा है कि इस गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर कुआनों का जंगल है। हो सकता है कि भटककर तेंदुआ रिहायशी इलाके में प्रवेश कर गया हो।
गांव में पहली बार किसी तेंदुए ने हमला किया है। इससे गांव में दहशत है। गांव में लगभग सभी किसानों के जानवर बाहर बांधे जाते हैं। ऐसे में वन विभाग की टीम को कांबिंग करने तथा अभियान चलाकर तेंदुए को पकड़ने का काम करना चाहिए। -अन्नू शुक्ला, ग्राम प्रधान