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आम बजट555
Updated Thu, 01 Feb 2018 09:32 PM IST
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सौभाग्य योजना से रोशन होंगे सात लाख घर
गोंडा। प्रधानमंत्री की सहज बिजली हर घर योजना में दिसंबर 2018 तक जिले के भीतर करीब 6.75 लाख परिवारों के घरों तक बिजली पहुंचाकर उनको विद्युत कनेक्शन देने का लक्ष्य तय किया गया है। जिसमें से करीब तीन लाख परिवार ऐसे हैं, जो बीपीएल की श्रेणी में आते हैं, जिन्हें पूरी किट के साथ इस योजना में बिजली कनेक्शन बांटे जाएंगे।
नवंबर से चल रही इस योजना में अब तक पावर कॉर्पोरेशन की ओर से करीब 30 हजार बिजली कनेक्शन लोगों को दिए भी जा चुके हैं। वहीं भारत सरकार की दो अलग-अलग योजनाओं में गांवों को रोशन करने का काम भी चल रहा है, जिसमें जैसे-जैसे गांव इलेक्ट्रिफाइड होते जाएंगे, वैसे-वैसे मजरों की संख्या भी बढ़ती जाएगी।
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वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से संसद में पेश आम बजट में जिस सौभाग्य योजना का जिक्र गुरुवार को किया गया। उसमें जिले के भीतर कुल 6.75 लाख परिवारों को बिजली कनेक्शन दिया जाना है। इन परिवारों में लगभग तीन लाख परिवार ऐसे हैं, जो गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे हैं, जिनके घरों तक पावर कॉर्पोरेशन को दिसंबर 2018 के अंत तक बिजली के तार-खंभे लगाकर बिजली पहुंचानी है।
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योजना तीन महीने पहले लांच हुई थी। लेकिन योजना के तहत बिजली कनेक्शन देने का काम जनवरी से शुरू हुआ। इस कारण तीन महीनों में एक लाख परिवारों तक पहुंचने वाली बिजली केवल 30 हजार लोगों तक ही पहुंच पाई।
हालांकि मुख्य अभियंता देवीपाटन जोन आरके श्रीवास्तव का कहना है कि नवंबर और दिसंबर में इसकी प्लानिंग सेट करने में कुछ देरी जरूर हुई। पर आगे इसका काम लेट न हो, इसके लिए पूरी तैयारी के साथ रोजाना ही गांवों में कैंप लगाकर लोगों को बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
जिसके लिए आईएलएफएस सहित आधा दर्जन के करीब एजेंसियां भी लगा रखी गई है। वहीं भारत सरकार की 11वीं, 12वीं व डीडीयूजी योजना में जैसे-जैसे गांवों का विद्युतीकरण होता जा रहा है। बिजली के कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं। दिसंबर 2018 तक उन्हें गोंडा में 6.75 लाख परिवारों को बिजली कनेक्शन देना है, जिसमें से तीन लाख के करीब परिवार बीपीएल श्रेणी के हैं।