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200 स्कूलों में 1000 बनेंगी स्मार्ट क्लास

Mon, 04 Jul 2022 10:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 10:57 PM IST
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1000 will be made smart class in 200 schools
गोंडा। शासन की ओर से परिषदीय स्कूलों को हाईटेेक करने की पहल में जिले के 200 से अधिक स्कूलों को शामिल करने की कवायद हो रही है। इसके तहत इन स्कूलों मेें एक हजार से अधिक कक्षाएं क्लास बनाई जाएंगी। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को 2.40 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट मिलेगा। साथ ही कंपोजिट ग्रांट के बजट का भी इस्तेमाल होगा। यू-डायस पर दर्ज आंकड़ों के आधार पर ही सीधे परियोजना कार्यालय स्कूलों का चयन करके सूची जिले को उपलब्ध कराएगा। बुधवार तक स्कूलों के नामों की रिपोर्ट जिले को मिल जाएगी।
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समग्र शिक्षा अभियान के दो सौ विद्यालयों में अब स्मार्ट कक्षाएं चलेंगी। इसका खाका खींचा जा रहा है, संबंधित विद्यालयों को इस संबंध में जरूरी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गये हैं। साथ ही डेढ़ सौ से अधिक विद्यालयों में अगले वर्ष से स्मार्ट कक्षाएं शुरू करने की रणनीति भी बनाई गई है। इन विद्यालयों के चयन की प्रक्रिया चल रही है।
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जिले के 2,611 परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का तेजी से कायाकल्प कराया जा रहा है। अधिकांश स्कूलों को 19 अवस्थापना सुविधाओं से लैस किया जा चुका है, जो कार्य शेष हैं उनकी समय सारिणी तय कर दी गई है। स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गये हैं, उसी के तहत स्मार्ट कक्षाएं चलाने की योजना बनाई गई। 2022-23 की वार्षिक कार्ययोजना में करीब दो सौ स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू होनी हैं, जबकि 52 विद्यालय पहले से स्मार्ट कक्षाएं चला रहे हैं। इसके लिए उन स्कूलों ने व्यक्तिगत व सामूहिक सहभागिता के तहत इंतजाम किए थे।
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अब जिन स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं बनेंगी वहां कक्ष का चिन्हांकन, विद्युतीकरण व सुरक्षा के उपाय पूरे किए जाएंगे। जिला समन्वयक प्रशिक्षण को नोडल अधिकारी बनाया जाए। स्कूलों में सामूहिक सहभागिता के माध्यम से प्रोजेक्टर, स्मार्ट टीवी आदि इंतजाम किये जाएंगे।
स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम बनाने के लिए बजट की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही कंपोजिट ग्रांट का उपयोग भी होगा। ग्रांट की 10 प्रतिशत राशि स्वच्छता पर व्यय की जाएगी। व्यय के विवरण का पूरा ब्योरा दीवार पर पेंट कराने के निर्देश दिए गये हैं। रंगाई-पुताई भी मानक के अनुसार होगी। स्कूलों में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्मार्ट क्लास के लिए विद्यालय कक्ष की मजबूत दीवार का उपयोग होगा। विद्यालय के गेट व कक्षों में सामान्य ताले की जगह सुरक्षा के लिए स्मार्ट क्लास वाली कक्षाओं में डबल लॉक व लोहे के गेट और खिड़कियों में मजबूत ग्रिल अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए गये हैं। ग्राम प्रधान व स्कूल परिसर के निकट रहने वाले ग्रामीणों से सुरक्षा के लिए मदद ली जाएगी। रसोइया या शिक्षामित्र पड़ोस रहते हैं तो उनको जिम्मेदारी दी जाएगी।

बीएसए डॉ. अखिलेश प्रताप सिंह का कहना है कि परिषदीय स्कूलों को स्मार्ट बनाने की कवायद हो रही है। स्कूलों के चयन की जानकारी मिलने पर वहां का सत्यापन करके रिपोर्ट दी जाएगी। जिसके बाद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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