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Ghazipur News: लंपी से बचाव के लिए बिहार सीमा से सटे गांवों में टीकाकरण अभियान शुरू
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गाजीपुर। बारिश के मौसम में मवेशियों में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ने के बीच लंपी वायरस को लेकर पशुपालन विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिले में अभी लंपी का एक भी मामला सामने नहीं आया है, लेकिन संक्रमण के संभावित खतरे को देखते हुए विभाग ने बिहार सीमा से सटे गांवों में बेल्ट वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया है। शासन से मिली 1.20 लाख वैक्सीन में से एक महीने में अब तक 62 हजार मवेशियों का टीकाकरण किया जा चुका है।
अभियान में जिले के 16 ब्लॉकों में 48 टीमें लगाई गई हैं। प्रत्येक ब्लॉक में तीन-तीन टीमें मवेशियों का टीकाकरण कर रही हैं। विभाग की प्राथमिकता बिहार सीमा से सटे गांवों में शत-प्रतिशत टीकाकरण पूरा करना है। इसके बाद जिले के अन्य गांवों में भी टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
बिहार सीमा से संक्रमण का खतरा, इसलिए पहले बॉर्डर बेल्ट
जिले में करीब नौ लाख मवेशी हैं। भांवरकोल, भदौरा और जमानिया ब्लॉक के कई गांव बिहार सीमा से लगे हैं। विभाग का मानना है कि दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले पशुओं के कारण इन सीमावर्ती क्षेत्रों में संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। इसी को देखते हुए पहले सीमा से लगे गांवों को टीकाकरण के दायरे में लिया गया है। विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई वैक्सीन के जरिये अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। एक महीने में 62 हजार मवेशियों का टीकाकरण होने के बाद अब शेष मवेशियों को भी अभियान से जोड़ने की तैयारी है।
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अभी एक भी केस नहीं, फिर भी अलर्ट
गाजीपुर में अभी तक लंपी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद पशुपालन विभाग संभावित संक्रमण को लेकर एहतियाती कदम उठा रहा है। सीमावर्ती गांवों में पहले टीकाकरण पूरा करने के बाद अन्य क्षेत्रों में भी अभियान चलाया जाएगा।
ऐसे पहचानें लंपी का संक्रमण
पशु के शरीर पर छोटी-बड़ी कठोर गांठें निकलना।
आंख और नाक से पानी या रक्तस्राव होना।
भूख कम होना या खाना छोड़ देना।
दूध उत्पादन में अचानक कमी आना।
गंभीर स्थिति में घाव, कमजोरी और वजन कम होना।
बीमार पशु को झुंड से रखें अलग
लंपी को लेकर विभाग अलर्ट है। बिहार बॉर्डर पर स्थित गांवों में टीकाकरण अभियान चल रहा है। इसके लिए 48 टीमों का गठन किया गया है।- डॉ. आरके गौतम, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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अभियान में जिले के 16 ब्लॉकों में 48 टीमें लगाई गई हैं। प्रत्येक ब्लॉक में तीन-तीन टीमें मवेशियों का टीकाकरण कर रही हैं। विभाग की प्राथमिकता बिहार सीमा से सटे गांवों में शत-प्रतिशत टीकाकरण पूरा करना है। इसके बाद जिले के अन्य गांवों में भी टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा।
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बिहार सीमा से संक्रमण का खतरा, इसलिए पहले बॉर्डर बेल्ट
जिले में करीब नौ लाख मवेशी हैं। भांवरकोल, भदौरा और जमानिया ब्लॉक के कई गांव बिहार सीमा से लगे हैं। विभाग का मानना है कि दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले पशुओं के कारण इन सीमावर्ती क्षेत्रों में संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। इसी को देखते हुए पहले सीमा से लगे गांवों को टीकाकरण के दायरे में लिया गया है। विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई वैक्सीन के जरिये अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। एक महीने में 62 हजार मवेशियों का टीकाकरण होने के बाद अब शेष मवेशियों को भी अभियान से जोड़ने की तैयारी है।
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अभी एक भी केस नहीं, फिर भी अलर्ट
गाजीपुर में अभी तक लंपी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद पशुपालन विभाग संभावित संक्रमण को लेकर एहतियाती कदम उठा रहा है। सीमावर्ती गांवों में पहले टीकाकरण पूरा करने के बाद अन्य क्षेत्रों में भी अभियान चलाया जाएगा।
ऐसे पहचानें लंपी का संक्रमण
पशु के शरीर पर छोटी-बड़ी कठोर गांठें निकलना।
आंख और नाक से पानी या रक्तस्राव होना।
भूख कम होना या खाना छोड़ देना।
दूध उत्पादन में अचानक कमी आना।
गंभीर स्थिति में घाव, कमजोरी और वजन कम होना।
बीमार पशु को झुंड से रखें अलग
लंपी को लेकर विभाग अलर्ट है। बिहार बॉर्डर पर स्थित गांवों में टीकाकरण अभियान चल रहा है। इसके लिए 48 टीमों का गठन किया गया है।- डॉ. आरके गौतम, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।