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Ghazipur News: एक ट्वीट से गाजीपुर की सियासत हुई सरगर्म
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सोशल मीडिया पर सोमवार को एक ट्वीट वायरल हुआ, इसे सपा के पूर्वमंत्री और जमानिया के विधायक ओम प्रकाश सिंह का बताया जा रहा है। इसमें लिखा गया है, ‘ये अलग बात है, मैंने कभी जताया नहीं। मगर तू ये ना समझ, तूने दिल को दुखाया नहीं।’ इस पर जिले में तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गईं। हालांकि विधायक ने ट्वीट किए जाने से इनकार करते हुए कहा कि भाजपा के लोग कथित ट्वीट को प्रचारित करने में जुटे हैं।
ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि ट्वीट को सपा से जोड़कर पार्टी को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा करना निंदनीय है। अखिलेश यादव हमारे नेता हैं। दो दिन पहले वह मंदिर में दर्शन करने गए तो उन्हें काले झंडे दिखाए गए। इससे मन आहत हुआ कि भाजपा हिंदुओं का ठेकेदार बनती है और हिंदुओं को ही मंदिर में जाने से रोकती है। इनका 2024 में जाना तय है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरे प्रदेश से भाजपा का सफाया होगा।
दरअसल ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा इसलिए हो रही है कि रविवार को सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा हुई। इसमें सपा के कई पुराने नेताओं के नाम नहीं है। इसमें साल 1989 से राजनीति और 1992 में सपा के गठन से लगातार सक्रिय ओमप्रकाश सिंह का भी नाम नहीं है। हालांकि गाजीपुर से जुड़े सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा और पूर्व राज्यसभा सांसद अरविंद सिंह के नाम शामिल हैं। इससे ट्वीट के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं।
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ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि ट्वीट को सपा से जोड़कर पार्टी को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा करना निंदनीय है। अखिलेश यादव हमारे नेता हैं। दो दिन पहले वह मंदिर में दर्शन करने गए तो उन्हें काले झंडे दिखाए गए। इससे मन आहत हुआ कि भाजपा हिंदुओं का ठेकेदार बनती है और हिंदुओं को ही मंदिर में जाने से रोकती है। इनका 2024 में जाना तय है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरे प्रदेश से भाजपा का सफाया होगा।
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दरअसल ट्वीट को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा इसलिए हो रही है कि रविवार को सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा हुई। इसमें सपा के कई पुराने नेताओं के नाम नहीं है। इसमें साल 1989 से राजनीति और 1992 में सपा के गठन से लगातार सक्रिय ओमप्रकाश सिंह का भी नाम नहीं है। हालांकि गाजीपुर से जुड़े सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा और पूर्व राज्यसभा सांसद अरविंद सिंह के नाम शामिल हैं। इससे ट्वीट के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं।
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