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जिले के दस बीज गोदाम जर्जर, मरम्मत के लिए शासन को भेजा गया प्रस्ताव
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सैदपुर स्थित कृषि विभाग का जर्जर बीज गोदाम। संवाद
- फोटो : GHAZIPUR
जिले में स्थित सोलह बीज गोदामों में छह को हटवा कर वहां कृषि कल्याण केंद्र बनवाए गए हैं लेकिन वर्तमान में स्थित दस गोदाम बेहतर जर्जर हो चुके हैं। इन गोदामों में रखे बीज खराब हो जाते हैं। इससे किसानों को बीज नहीं मिल पाते हैं और विभाग को भी नुकसान होता है। बारिश के मौसम में तो गोदाम में पानी भर जाता है। इन गोदामों की मरम्मत के लिए चार माह पूर्व शासन को प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन अब तक धनराशि स्वीकृत न होने से रंग-रोगन और मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो सका है।
जिले में चार लाख आठ हजार किसान दो लाख 53 हजार हेक्टेयर में खेती करते हैं। अनाज की उत्पादकता दोगुनी करने के लिए कृषि विभाग की ओर से बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। बीज के भंडारण के लिए कृषि विभाग की ओर से प्रत्येक ब्लाक में एक-एक गोदाम बनवाए गए हैं। तीन दशक पूर्व बने ये गोदाम देखरेख और मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुके हैं। इन गोदामों की क्षमता 200 से 300 क्विंटल बीच की है। गोदाम जर्जर होने की वजह से बीजों को सुरक्षित रखना मुश्किल साबित हो रहा है। बारिश के मौसम में बीच खराब होने से नुकसान होता है। बारिश के मौसम में गोदाम में पानी भरने और छत से पानी टपकने के चलते गोदाम में रखे बीज खराब हो जाते हैं। इससे जहां किसानों को बीज उपलब्ध नहीं हो पाता है, वहीं विभाग को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में जर्जर गोदामों को दुरुस्त कराने के लिए विभाग की ओर से चार माह पूर्व निदेशालय को पत्र भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई स्वीकृति न मिलने से स्थिति जस की तस बनी हुई है।
कृषि विभाग की ओर से सदर ब्लाक में स्थित जर्जर बीज गोदाम को हटवाकर कृषि कल्याण केंद्र बनाया जा चुका है। जबकि मरदह और सादात में भवन का निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। वहीं मुहम्मदाबाद और कासिमाबाद में भी भवन का निर्माण का कार्य चल रहा है। जमानिया में वर्ष 2014 में नया बीज गोदाम स्थापित कराया गया है। ऐसे में इन जगहों पर मरम्मत का कार्य नहीं कराया जाएगा।
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सहमति के लिए राजस्व विभाग को भेजा पत्र
गाजीपुर। बिरनो में कृषि कल्याण केंद्र स्थापित कराने के लिए कृषि विभाग की ओर से राजस्व विभाग को पत्र भेजा गया है। वहां से सहमति मिलने के बाद चिह्नित भूमि पर कृषि कल्याण केंद्र के भवन निर्माण का डायग्राम तैयार कर निदेशालय को भेजा जाएगा। वहां से धन स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जहां गोदाम की जगह कृषि कल्याण केंद्र बन गए हैं, उनको छोड़कर अन्य गोदामों की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलने और धनराशि जारी होने के बाद गोदामों की मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा। - मृत्युंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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जिले में चार लाख आठ हजार किसान दो लाख 53 हजार हेक्टेयर में खेती करते हैं। अनाज की उत्पादकता दोगुनी करने के लिए कृषि विभाग की ओर से बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। बीज के भंडारण के लिए कृषि विभाग की ओर से प्रत्येक ब्लाक में एक-एक गोदाम बनवाए गए हैं। तीन दशक पूर्व बने ये गोदाम देखरेख और मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुके हैं। इन गोदामों की क्षमता 200 से 300 क्विंटल बीच की है। गोदाम जर्जर होने की वजह से बीजों को सुरक्षित रखना मुश्किल साबित हो रहा है। बारिश के मौसम में बीच खराब होने से नुकसान होता है। बारिश के मौसम में गोदाम में पानी भरने और छत से पानी टपकने के चलते गोदाम में रखे बीज खराब हो जाते हैं। इससे जहां किसानों को बीज उपलब्ध नहीं हो पाता है, वहीं विभाग को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में जर्जर गोदामों को दुरुस्त कराने के लिए विभाग की ओर से चार माह पूर्व निदेशालय को पत्र भेजा गया है, लेकिन अब तक कोई स्वीकृति न मिलने से स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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कृषि विभाग की ओर से सदर ब्लाक में स्थित जर्जर बीज गोदाम को हटवाकर कृषि कल्याण केंद्र बनाया जा चुका है। जबकि मरदह और सादात में भवन का निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। वहीं मुहम्मदाबाद और कासिमाबाद में भी भवन का निर्माण का कार्य चल रहा है। जमानिया में वर्ष 2014 में नया बीज गोदाम स्थापित कराया गया है। ऐसे में इन जगहों पर मरम्मत का कार्य नहीं कराया जाएगा।
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सहमति के लिए राजस्व विभाग को भेजा पत्र
गाजीपुर। बिरनो में कृषि कल्याण केंद्र स्थापित कराने के लिए कृषि विभाग की ओर से राजस्व विभाग को पत्र भेजा गया है। वहां से सहमति मिलने के बाद चिह्नित भूमि पर कृषि कल्याण केंद्र के भवन निर्माण का डायग्राम तैयार कर निदेशालय को भेजा जाएगा। वहां से धन स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जहां गोदाम की जगह कृषि कल्याण केंद्र बन गए हैं, उनको छोड़कर अन्य गोदामों की मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलने और धनराशि जारी होने के बाद गोदामों की मरम्मत का कार्य शुरू हो जाएगा। - मृत्युंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी