गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी, सत्रों के पिछड़ने और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ मंगलवार को छात्रसंघ प्रतिनिधिमंडल ने मोर्चा खोला। छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सदर तहसीलदार राजीव यादव को सौंपा।
पत्रक के माध्यम से छात्रों ने अवगत कराया कि यूजीसी और शासन के निर्देशों के बावजूद विश्वविद्यालय में पिछले चार वर्षों के दौरान केवल दो बार ही पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराई जा सकी है, जिससे वर्ष 2023 और 2025 का सत्र पूरी तरह शून्य हो गया है।
सितंबर का महीना बीतने को है, लेकिन अभी तक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही से हजारों मेधावी छात्रों का शैक्षणिक और शोध भविष्य गर्त में जा रहा है। नए कुलपति से न्याय की उम्मीद है, इसलिए हमारी मांग है कि सत्र 2026-27 का नोटिफिकेशन बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए।