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Ghazipur News: गड्ढे वाली सड़क से गुजरा रामरथ, इसी मार्ग से अब पूजा पंडाल जाएंगे भक्त
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गाजीपुर। नवरात्र शुरू होने से पहले पूजा पंडालों से संबंधित सड़कों को गड्ढामुक्त करने की योजना थी। साथ ही प्रशासन ने शहर में हो रही ऐतिहासिक रामलीला के रूट को भी गड्ढा मुक्त करने को कहा था। लेकिन, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को गड्ढे वाली सड़कों से ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का रथ गुजरा, जिसे लेकर भक्तजनों में काफी आक्रोश था। वहीं, अब इसी रूट पर जगह-जगह पूजन पंडाल स्थापित हैं। इसी मार्ग पर स्थित देवी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भक्त जाते हैं।
रामरथ श्री राम चबूतरा हरिशंकरी से निकलकर महाजन टोली पहुंचा। यहां भगवान श्री राम रथ में सवार हुए। रथ झुन्नूलाल चौराहा होते हुए आमघाट, चित्रगुप्त चौराहा, महुआबाग के रास्ते सकलेनाबाद स्थित पहाड़ खां पोखरा पहुंचा। चित्रगुप्त चौराहा के पास सड़क के गड्ढों को भरने के लिए डाली गईं गिट्टियां उखड़कर बिखर गई हैं। आमघाट में सीवर का मेनहोल धंस गया है। इसके कारण रामरथ को हिचकोले खाते हुए देखा गया।
वहीं नगर के प्रमुख पांच मार्गों पर 80 गड्ढे हैं। अचानक गड्ढों में आ जाने के कारण दो पहिया वाहनों के पहिये फंस जाते हैं। गड्ढे आवागमन के लिए नासूर बन चुके हैं। लगभग दो महीने से मार्गों में गड्ढे बने हुए हैं। लेकिन, इसकी सुध नहीं ली जा रही है। गड्ढों के कारण की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। मिश्रबाजार नगर का मध्य हिस्सा है। इसके आसपास कई पॉश कॉलोनियां हैं। यहां के लोग प्रतिदिन खरीदारी के लिए मिश्रबाजार आते हैं। यह शहर का एक प्रमुख व्यवसायिक स्थल है। नगर से सटे रौजा क्षेत्र के लोग भी रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी के लिए आते हैं। लेकिन, मिश्रबाजार मार्ग काफी जर्जर है, लगभग 30 गड्ढे हैं। महुआबाग भी वीआईपी मार्केट में शामिल हैं। लेकिन, यह भी गड्ढामुक्त नहीं है। यहां पर 15 गड्ढे हैं। महुआबाग में कई कंपनियों के शोरूम, बैंकों के दफ्तर, रेस्टारेंट, होटल आदि स्थित हैं। विकास भवन रोड पर 20 गड्ढे हैं। जबकि इस मार्ग से जिले के विभिन्न अधिकारियों का प्रतिदिन आवागमन होता है। इसी तरह बंधवा-डीएम आवास रोड पर 10 गड्ढे हैं। झंडातर मुहल्ला जो जलभराव को लेकर सबसे अधिक सुर्खियों में रहा, यहां पर पांच गड्ढे हैं। यहां के क्षेत्रीय लोग बारिश होने पर जलभराव तो सामान्य मौसम में गड्ढों से दो-चार होते हैं।
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मौसम बना बहाना, नहीं किया जा रहा डामर
गाजीपुर। नवरात्र को देखते हुए नगर के कुछ सड़कों को गड्ढामुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। जलनिगम की ओर से गड्ढा मुक्ति के नाम पर केवल गिट्टी व राबिश का प्रयोग किया जा रहा है। सड़कों के गड्ढों की भराई डामर के जरिए नहीं हो रही है। ऐसे में गड्ढों में डाली गईं गिट्टियां व राबिश कुछ समय बाद ही बिखर जा रही हैं। डामर नहीं किए जाने को लेकर विभागीय अभियंताओं की ओर से बारिश के मौसम का हवाला दिया जा रहा है।
तीन-चार दिनों से नगर के सड़कों के गड्ढों की भराई का कार्य शुरू है। गड्ढों में गिट्टी डालकर रोलिंग करने का कार्य किया जा रहा है। बरसात का मौसम होने के कारण गड्ढों का डामर नहीं किया जा रहा है। बारिश का मौसम बीतने के बाद डामर किया जाएगा।-पीयूष मौर्या, अधिशासी अभियंता जलनिगम शहरी
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रामरथ श्री राम चबूतरा हरिशंकरी से निकलकर महाजन टोली पहुंचा। यहां भगवान श्री राम रथ में सवार हुए। रथ झुन्नूलाल चौराहा होते हुए आमघाट, चित्रगुप्त चौराहा, महुआबाग के रास्ते सकलेनाबाद स्थित पहाड़ खां पोखरा पहुंचा। चित्रगुप्त चौराहा के पास सड़क के गड्ढों को भरने के लिए डाली गईं गिट्टियां उखड़कर बिखर गई हैं। आमघाट में सीवर का मेनहोल धंस गया है। इसके कारण रामरथ को हिचकोले खाते हुए देखा गया।
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वहीं नगर के प्रमुख पांच मार्गों पर 80 गड्ढे हैं। अचानक गड्ढों में आ जाने के कारण दो पहिया वाहनों के पहिये फंस जाते हैं। गड्ढे आवागमन के लिए नासूर बन चुके हैं। लगभग दो महीने से मार्गों में गड्ढे बने हुए हैं। लेकिन, इसकी सुध नहीं ली जा रही है। गड्ढों के कारण की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। मिश्रबाजार नगर का मध्य हिस्सा है। इसके आसपास कई पॉश कॉलोनियां हैं। यहां के लोग प्रतिदिन खरीदारी के लिए मिश्रबाजार आते हैं। यह शहर का एक प्रमुख व्यवसायिक स्थल है। नगर से सटे रौजा क्षेत्र के लोग भी रोजमर्रा की चीजों की खरीदारी के लिए आते हैं। लेकिन, मिश्रबाजार मार्ग काफी जर्जर है, लगभग 30 गड्ढे हैं। महुआबाग भी वीआईपी मार्केट में शामिल हैं। लेकिन, यह भी गड्ढामुक्त नहीं है। यहां पर 15 गड्ढे हैं। महुआबाग में कई कंपनियों के शोरूम, बैंकों के दफ्तर, रेस्टारेंट, होटल आदि स्थित हैं। विकास भवन रोड पर 20 गड्ढे हैं। जबकि इस मार्ग से जिले के विभिन्न अधिकारियों का प्रतिदिन आवागमन होता है। इसी तरह बंधवा-डीएम आवास रोड पर 10 गड्ढे हैं। झंडातर मुहल्ला जो जलभराव को लेकर सबसे अधिक सुर्खियों में रहा, यहां पर पांच गड्ढे हैं। यहां के क्षेत्रीय लोग बारिश होने पर जलभराव तो सामान्य मौसम में गड्ढों से दो-चार होते हैं।
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मौसम बना बहाना, नहीं किया जा रहा डामर
गाजीपुर। नवरात्र को देखते हुए नगर के कुछ सड़कों को गड्ढामुक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। जलनिगम की ओर से गड्ढा मुक्ति के नाम पर केवल गिट्टी व राबिश का प्रयोग किया जा रहा है। सड़कों के गड्ढों की भराई डामर के जरिए नहीं हो रही है। ऐसे में गड्ढों में डाली गईं गिट्टियां व राबिश कुछ समय बाद ही बिखर जा रही हैं। डामर नहीं किए जाने को लेकर विभागीय अभियंताओं की ओर से बारिश के मौसम का हवाला दिया जा रहा है।
तीन-चार दिनों से नगर के सड़कों के गड्ढों की भराई का कार्य शुरू है। गड्ढों में गिट्टी डालकर रोलिंग करने का कार्य किया जा रहा है। बरसात का मौसम होने के कारण गड्ढों का डामर नहीं किया जा रहा है। बारिश का मौसम बीतने के बाद डामर किया जाएगा।-पीयूष मौर्या, अधिशासी अभियंता जलनिगम शहरी