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घर और स्कूल के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा प्रगति कार्ड
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माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों से संबंधित प्रगति कार्ड और छात्र दैनंदिनी के स्वरूप को बदल दिया गया है। बदले रूप में अब यह प्रगति कार्ड एक समग्र बहुआयामी कार्ड होगा। यह समग्र प्रगति कार्ड घर और स्कूल के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा। यह जानकारी माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ला की ओर से सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे गए आदेश पत्र में दी गई है। यह पत्र यहां के जिला विद्यालय निरीक्षक को भी प्राप्त हो चुका है।
इसे शैक्षिक सत्र 2022-23 में कक्षा-नौ से लागू किया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की धारा 4.35 के मुताबिक अभी तक सभी छात्रों के स्कूल आधारित आंकलन के आधार पर प्रगति कार्ड तैयार होता रहा है। इसके अलावा अब तक बनती रही दैनंदिनी (स्कूल डायरी) के स्वरूप में बदलाव किया गया है। बदले हुए प्रगति कार्ड में छात्रों के संज्ञानात्मक और भावनात्मक विकास के विश्लेषण का विवरण और उसकी विशिष्टताओं को दर्शाया जाएगा। यह प्रगति कार्ड माता-पिता एवं शिक्षक बैठकों में छात्र के समग्र शिक्षा विकास को प्रस्तुत करेगा। इससे माता-पिता को अपने बच्चों की प्रगति की समीक्षा करने का अवसर मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि इस कार्ड के जरिए माता-पिता और शिक्षक को छात्र के बारे में जानकारी मिलेगी और उसको कक्षा एवं कक्षा के बाहर मदद भी मिल सकेगी। 360 डिग्री बहुआयामी प्रगति पत्र में छात्र का व्यक्तिगत विवरण, पाठ्य सहगामी क्रियाकलाप एवं व्यक्तिगत मूल्यांकन के आधार पर उसकी ग्रेडिंग निर्धारित होगी। इसमेें प्रोजेक्ट कार्य, क्विज, रोल प्ले, समूह कार्य शामिल होंगे। प्रगति कार्ड और दैनंदिनी का प्रारुप बदल दिया गया है। नए प्रारूप को जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा विद्यालयों को भेजा गया है।
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इसे शैक्षिक सत्र 2022-23 में कक्षा-नौ से लागू किया जाएगा। आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की धारा 4.35 के मुताबिक अभी तक सभी छात्रों के स्कूल आधारित आंकलन के आधार पर प्रगति कार्ड तैयार होता रहा है। इसके अलावा अब तक बनती रही दैनंदिनी (स्कूल डायरी) के स्वरूप में बदलाव किया गया है। बदले हुए प्रगति कार्ड में छात्रों के संज्ञानात्मक और भावनात्मक विकास के विश्लेषण का विवरण और उसकी विशिष्टताओं को दर्शाया जाएगा। यह प्रगति कार्ड माता-पिता एवं शिक्षक बैठकों में छात्र के समग्र शिक्षा विकास को प्रस्तुत करेगा। इससे माता-पिता को अपने बच्चों की प्रगति की समीक्षा करने का अवसर मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि इस कार्ड के जरिए माता-पिता और शिक्षक को छात्र के बारे में जानकारी मिलेगी और उसको कक्षा एवं कक्षा के बाहर मदद भी मिल सकेगी। 360 डिग्री बहुआयामी प्रगति पत्र में छात्र का व्यक्तिगत विवरण, पाठ्य सहगामी क्रियाकलाप एवं व्यक्तिगत मूल्यांकन के आधार पर उसकी ग्रेडिंग निर्धारित होगी। इसमेें प्रोजेक्ट कार्य, क्विज, रोल प्ले, समूह कार्य शामिल होंगे। प्रगति कार्ड और दैनंदिनी का प्रारुप बदल दिया गया है। नए प्रारूप को जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा विद्यालयों को भेजा गया है।
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