जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सोमवार को तहसील सभागार में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई और इसका लाभ उठाने की अपील की गई। इस दौरान तहसील विधिक सेवा समिति के सचिव तहसीलदार घनश्याम ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को नि:शुल्क और सक्षम विधिक सेवा उपलब्ध कराने के लिए विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। गरीब पीड़ितों को इसका लाभ लेना चाहिए। कहा कि कोई नागरिक न्याय पाने से वंचित न हो, इसके लिए व्यवस्था की गई है। जो बच्चे अपने माता-पिता को खो चुके हैं, उनके जीवन को संवारने के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना चलाई जा रही है। इसका मूल उद्देश्य परेशान बच्चों को तत्काल मदद पहुंचाना है। इसके तहत अनाथ बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था का पूरा ध्यान शासन की ओर से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्य, महिला एवं बच्चे मानसिक रोगी एवं दिव्यांग, अनैतिक अत्याचार के शिकार लोग या ऐसे लोग जिनसे बेगार कराई जाती है और ऐसे सभी व्यक्ति, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है, वह नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। शिविर में मेडिटेशन एवं योग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर कानूनगो प्रदीप कुमार, अशोक कुमार, अजीत मौर्य, विजयशंकर मौजूद रहे।