फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   Police and administrative officials shunned by former chief Chand threat of self immolation

पूर्व प्रमुख चंदा के आत्मदाह की धमकी से हलाकान रहे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी

Thu, 22 Oct 2020 10:02 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2020 10:02 PM IST
विज्ञापन
Police and administrative officials shunned by former chief Chand threat of self immolation
मुहम्मदाबाद। पूर्व प्रमुख चंदा यादव की ओर से क्षेत्र पंचायत की बैठक की सूचना नियमानुसार नहीं देने पर बैठक स्थगित करने की मांग करते हुए आत्मदाह की धमकी देने से बृहस्पतिवार की सुबह से ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी हलाकान रहे। क्षेत्र पंचायत की बैठक बृहस्पतिवार को 11 बजे दिन से बुलाई गई थी।
विज्ञापन

पूर्व प्रमुख चंदा यादव बीडीसी सदस्य हैं, उनका कहना था कि हमें बैठक की जानकारी 21 अक्तूबर को अमर उजाला अखबार पढ़ने से हुई और जब मैंने बीडीओ से बात की तो उन्होंने बैठक की पुष्टि किया। उसके बाद बुधवार को 2.40 बजे हमें सूचना भेजी गई। इसी प्रकार बहुत से सदस्यों को सूचना समय से नहीं दी गई है। इसलिए बैठक स्थगित कर नियमानुसार पिछली बैठक की कार्यवाही की कापी संलग्न कर 15 दिन पूर्व सूचना देकर बैठक बुलाई जाए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होता तो वे आत्मदाह कर लेंगी। इस घोषणा के बाद क्षेत्र पंचायत कार्यालय के परिसर में सुबह से ही एसडीएम राजेश कुमार गुप्ता, तहसीलदार शिवधर चौरसिया, जिला विकास अधिकारी भूषण कुमार, क्षेत्राधिकारी विनय गौतम, बीडीओ सुशील कुमार सिंह और कोतवाल अशेषनाथ सिंह पुलिस कर्मियों और अग्निशमन की गाड़ी के साथ पहुंच गए। प्रमुख रामकृत सिंह यादव और पूर्व प्रमुख चंदा यादव से वार्ता कर समाधान का प्रयास किया लेकिन वार्ता विफल रहा। प्रमुख और उनके समर्थक बैठक करने पर अड़े रहे जबकि पूर्व प्रमुख बैठक स्थगित करने की अपनी मांग पर समझौता करने को तैयार नहीं थीं। बैठक शुरू हुई तो पूर्व प्रमुख चंदा यादव बीडीओ कक्ष के दरवाजे पर धरने पर बैठ गईं। इसके बाद अधिकारियों के समझाने पर पूर्व प्रमुख ने जिला विकास अधिकारी भूषण कुमार और उपजिलाधिकारी राजेश कुमार गुप्ता को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर धरना समाप्त किया। मांग पत्र में चंदा यादव ने लिखा कि क्षेत्र पंचायत की 22 अक्तूबर की बैठक को निरस्त कर पंचायत नियमावली के अनुसार 15 दिन पूर्व सूचना देकर बैठक बुलाई जाए, सलेमपुर में नाली निर्माण में अनियमितता तथा मनरेगा के तहत फर्जी तालाब खुदवाने की जांच कराई जाए, चार वर्ष तक जिन सदस्यों के प्रस्ताव पर कार्य नहीं हुआ है, उस पर धन स्वीकृत कर कार्य कराने आदि मांग शामिल रही। उपजिलाधिकारी के सभी बिंदुओं पर जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद पूर्व प्रमुख चंदा यादव ने धरना समाप्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed