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Ghazipur News: अब सड़कों और खेतों में घूमते नजर नहीं आएंगे गोवंश
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गाजीपुर। जिले में अक्सर सड़कों, खेत व राष्ट्रीय राजमार्ग पर छुट्टा गोवंश को घूमते हुए देखा जाता है। इससे किसानों को नुकसान होता है, वहीं लोग हादसे का शिकार भी होते हैं। कई बार गोवंश लोगों पर हमला तक कर देते हैं, लेकिन आने वाले दिनों में लोगों को इस समस्या से निजात मिलने की संभावना है। पशु पालन विभाग की ओर से विशेष निराश्रित गोवंश संरक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत छुट्टा गोवंशों को गो आश्रय स्थलों में पनाह दी जाएगी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 500 गोवंश छुट्टा घूम रहे हैं।
बीते सात दिसंबर से विशेष निराश्रित गोवंश संरक्षण अभियान शुरू हो गया है। पशु पालन विभाग 14 दिसंबर तक अभियान चलाएगा। जनपद में 193 न्याय पंचायतें हैं। प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक टीम का गठन किया गया है। कुल 193 टीमों का गठन किया गया है। टीम न्याय पंचायत स्तर पर छुट्टा घूम रहे गोवंशों को पकड़ने का कार्य करेगी। इसके बाद उनको संबंधित गो आश्रय स्थलों में पनाह दी जाएगी। न्याय पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव व ग्राम्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नगरीय निकायों में ईओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जिले में कुल गोवंशों की संख्या 4 लाख है। जबकि गोवंश पालकों की संख्या 1 लाख है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके शाही ने बताया कि विशेष निराश्रित गोवंश अभियान शुरू हो गया है। इसके तहत छुट्टा गोवंशों को गो आश्रय स्थलों पर रखा जाएगा।
आमजन दे सकेंगे जानकारी : नोडल अधिकारी के रूप में खंड विकास अधिकारी न्याय पंचायत स्तर पर टीम गठित करेंगे। इसमें ग्राम पंचायत सचिव, पंचायत सचिव, पंचायत मित्र, पशुधन प्रसार अधिकारी, सफाईकर्मी व ग्राम स्तरीय कर्मी शामिल रहेंगे। टीम पशु चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में कार्य करेगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी स्तर से निराश्रित गोवंश के लिए हाट स्पाट चिह्नित किए जाएंगे। साथ ही विकास खंडवार व नगर निकायवार छुट्टा गोवंशों की संख्या का आंकलन किया जाएगा। टीम के सदस्यों का मोबाइल नंबर सार्वजनिक होगा। इससे आमजन छुट्टा घूम रहे गोवंशों के बारे में जानकारी दे सकते हैं।
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लगाया जाएगा ईयर टैग, पोर्टल पर अपलोड होगा विवरण : गो आश्रय स्थल पर लाए गए गोवंशों को ईयर टैग लगाया जाएगा। साथ ही गो आश्रय पोर्टल पर उनका विवरण अपलोड किया जाएगा। न्याय पंचायतवार कैटल कैचर सक्रिय रहेंगे। एनएच, शहरी क्षेत्रों, मंडी, सब्जी बाजार व आवासी क्षेत्रों को अभियान के तहत प्राथमिकता दी जाएगी। शत-प्रतिशत छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने पर प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।
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बीते सात दिसंबर से विशेष निराश्रित गोवंश संरक्षण अभियान शुरू हो गया है। पशु पालन विभाग 14 दिसंबर तक अभियान चलाएगा। जनपद में 193 न्याय पंचायतें हैं। प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर एक टीम का गठन किया गया है। कुल 193 टीमों का गठन किया गया है। टीम न्याय पंचायत स्तर पर छुट्टा घूम रहे गोवंशों को पकड़ने का कार्य करेगी। इसके बाद उनको संबंधित गो आश्रय स्थलों में पनाह दी जाएगी। न्याय पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव व ग्राम्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नगरीय निकायों में ईओ को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जिले में कुल गोवंशों की संख्या 4 लाख है। जबकि गोवंश पालकों की संख्या 1 लाख है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके शाही ने बताया कि विशेष निराश्रित गोवंश अभियान शुरू हो गया है। इसके तहत छुट्टा गोवंशों को गो आश्रय स्थलों पर रखा जाएगा।
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आमजन दे सकेंगे जानकारी : नोडल अधिकारी के रूप में खंड विकास अधिकारी न्याय पंचायत स्तर पर टीम गठित करेंगे। इसमें ग्राम पंचायत सचिव, पंचायत सचिव, पंचायत मित्र, पशुधन प्रसार अधिकारी, सफाईकर्मी व ग्राम स्तरीय कर्मी शामिल रहेंगे। टीम पशु चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में कार्य करेगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी स्तर से निराश्रित गोवंश के लिए हाट स्पाट चिह्नित किए जाएंगे। साथ ही विकास खंडवार व नगर निकायवार छुट्टा गोवंशों की संख्या का आंकलन किया जाएगा। टीम के सदस्यों का मोबाइल नंबर सार्वजनिक होगा। इससे आमजन छुट्टा घूम रहे गोवंशों के बारे में जानकारी दे सकते हैं।
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लगाया जाएगा ईयर टैग, पोर्टल पर अपलोड होगा विवरण : गो आश्रय स्थल पर लाए गए गोवंशों को ईयर टैग लगाया जाएगा। साथ ही गो आश्रय पोर्टल पर उनका विवरण अपलोड किया जाएगा। न्याय पंचायतवार कैटल कैचर सक्रिय रहेंगे। एनएच, शहरी क्षेत्रों, मंडी, सब्जी बाजार व आवासी क्षेत्रों को अभियान के तहत प्राथमिकता दी जाएगी। शत-प्रतिशत छुट्टा पशुओं को संरक्षित करने पर प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।