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Ghazipur News: तहसील परिसर में अधिवक्ताओं के बैठने के लिए न भवन न कैंटीन
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कासिमाबाद तहसील परिसर स्थित दिव्यांग शौचालय की क्षतिग्रस्त सीट। संवाद
गंगौली। कासिमाबाद तहसील परिसर में अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। अधिवक्ताओं के बैठने के लिए समुचित भवन नहीं होने के कारण उन्हें करकट के नीचे बैठकर काम करना पड़ रहा है। इससे न केवल अधिवक्ताओं बल्कि दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कासिमाबाद तहसील बार के अध्यक्ष संतोष कुमार, पूर्व अध्यक्ष संजय तिवारी, मनोज गौतम, नील गगन, दामोदर यादव, नवीन वर्मा, मनीष सक्सेना, प्रेम सागर, नागेंद्र गौतम, नौशाद और दानिश समेत कई अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसील परिसर में अब तक बैठने के लिए कोई समुचित भवन नहीं बनाया गया है।
ऐसे में अधिवक्ता करकट के नीचे बैठकर कार्य निपटाते हैं। तहसील परिसर में वाहन स्टैंड की व्यवस्था नहीं है, जिससे आने वाले लोगों को परेशानी होती है। वहीं कैंटीन का आवंटन भी नहीं होने से लोगों को खाने-पीने के लिए बाहर भटकना पड़ता है।
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अधिवक्ताओं के बैठने वाले परिसर में बाउंड्री वॉल और पक्की सड़क का भी अभाव है। हल्की बारिश में सड़क पर जलभराव हो जाता है। शौचालय की स्थिति भी दयनीय है। नियमित सफाई न होने से गंदगी फैली रहती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
दिव्यांगों के लिए बना शौचालय भी दो वर्ष बाद तक चालू नहीं हो पाया है और उसके दरवाजे, पाइप व पानी की टंकी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कासिमाबाद एसडीएम संजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि तहसील में कोई नवीन भवन नहीं बना है।
शौचालय से संबंधित जो भी समस्या है, उसको चिह्नित कर मरम्मत और साफ-सफाई की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके साथ ही अन्य समस्याओं को दूर करने का प्रयास होगा।
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कासिमाबाद तहसील बार के अध्यक्ष संतोष कुमार, पूर्व अध्यक्ष संजय तिवारी, मनोज गौतम, नील गगन, दामोदर यादव, नवीन वर्मा, मनीष सक्सेना, प्रेम सागर, नागेंद्र गौतम, नौशाद और दानिश समेत कई अधिवक्ताओं ने बताया कि तहसील परिसर में अब तक बैठने के लिए कोई समुचित भवन नहीं बनाया गया है।
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ऐसे में अधिवक्ता करकट के नीचे बैठकर कार्य निपटाते हैं। तहसील परिसर में वाहन स्टैंड की व्यवस्था नहीं है, जिससे आने वाले लोगों को परेशानी होती है। वहीं कैंटीन का आवंटन भी नहीं होने से लोगों को खाने-पीने के लिए बाहर भटकना पड़ता है।
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अधिवक्ताओं के बैठने वाले परिसर में बाउंड्री वॉल और पक्की सड़क का भी अभाव है। हल्की बारिश में सड़क पर जलभराव हो जाता है। शौचालय की स्थिति भी दयनीय है। नियमित सफाई न होने से गंदगी फैली रहती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
दिव्यांगों के लिए बना शौचालय भी दो वर्ष बाद तक चालू नहीं हो पाया है और उसके दरवाजे, पाइप व पानी की टंकी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कासिमाबाद एसडीएम संजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि तहसील में कोई नवीन भवन नहीं बना है।
शौचालय से संबंधित जो भी समस्या है, उसको चिह्नित कर मरम्मत और साफ-सफाई की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके साथ ही अन्य समस्याओं को दूर करने का प्रयास होगा।

कासिमाबाद तहसील परिसर स्थित दिव्यांग शौचालय की क्षतिग्रस्त सीट। संवाद