गाजीपुरः गंगा में मिली नवजात बच्ची पूरी तरह स्वस्थ्य, मां पास होती तो इस चंचलता पर न्योछावर हो जाती
बीते 14 जून को गंगा में मिली नवजात बच्ची गाजीपुर के जिला महिला अस्पताल के आइसीयू वार्ड में भर्ती है। चिकित्सकों का कहना है कि वह बिल्कुल स्वस्थ है। अभी नवजात है इसलिए दो-तीन दिन उसे आइसीयू वार्ड में ही रखा जाएगा।
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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर शहर के ददरीघाट के पास गंगा नदी में लकड़ी के बक्से में मिली नवजात बच्ची पूरी तरह स्वस्थ्य है। जिला महिला अस्पताल का आइसीयू वार्ड इस समय गंगा ( नवजात बच्ची) का अपना घर है। ददरी घाट से मिले बृहस्पतिवार को उसका तीसरा दिन था। वह वार्ड में रह-रहकर हाथ-पैर और शरीर को हिला-डुला रही है। ऐसे में यदि उसकी मां पास होती तो उसकी चंचलता देख न्योछावर हो जाती।
चिकित्सकों का कहना है कि वह बिल्कुल स्वस्थ है। अभी नवजात है इसलिए दो-तीन दिन उसे आइसीयू वार्ड में ही रखा जाएगा। वार्ड में दो अन्य नवजात भी हैं। इन्हें ऑक्सीजन लगे हुए थे। एक को बृहस्पतिवार की सुबह जखनिया में झाड़ी से गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने निकाला।
वहीं, गंगा की जीवटता यहां भी दिख रही है, जो नदी की धार में खुद ही बहकर जिंदा किनारे लग जाए वो भला कमजोर कैसे होगी। गंगा अपने साथी नवजातों से ज्यादा हृष्ट-पुष्ट है। वजन साढ़े तीन किलो है। स्वस्थ बच्चे की तरह 24 घंटे में छह से सात बार दूध पी लेती है। शौच भी ठीक से करती है। वार्ड में गंगा की देख रेख तीन चिकित्सक कर रहे हैं।
बच्ची की जन्मपत्री पर शंका
चिकित्सक बताते हैं कि उसका वजन, दूध पीने की मात्रा और शौच की स्थिति उसके स्वस्थ होने के लक्षण हैं। गंगा की देखरेख के लिए 10 नर्स हैं। नर्सों ने बताया कि आइसीयू में तीन लावारिस नवजात हैं, सभी 28 दिन से कम के हैं। गंगा को आईसीयू में भर्ती करने वाले शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. के के सिंह ने बताया कि 14 जून को अस्पताल आई गंगा का उन्होंने ने ही सारे टेस्ट करवाए।
सारी रिपोर्ट ठीक है। जब अस्पताल में आई थी तो उसका नाड़ गिरा हुआ था। इससे यही प्रतीत होता है कि वह दो हफ्ते से ज्यादा की है। बच्ची के साथ मिली चिट्ठी का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें बच्ची के पैदा होने की तारीख 25 मई लिखा है जो सही लगता है लेकिन जन्मपत्री पर शंका है।
बता दें कि बीते सोमवार को गाजीपुर शहर के ददरीघाट के पास गंगा नदी में लकड़ी के बक्से में नवजात बच्ची मिली थी। गुल्लू मल्लाह ने गंगा में तैरता बक्सा निकाला तो उसमें चुनरी में लिपटी एक बच्ची मिली। बक्से के अंदर रोती हुई नवजात बच्ची मिली और वो बिल्कुल सुरक्षित थी।
बच्ची के साथ बक्से में देवी-देवताओं की फोटो और कुंडली थी। गुल्लू ने बच्ची को सीने से लगाया और अपने घर ले गए। हालांकि सूचना मिलने पर पुलिस ने बच्ची को अपने संरक्षण में ले लिया। फिलहाल चाइल्ड लाइन ने बच्ची को जिला महिला चिकित्सालय स्थित एसएनसीयू में भर्ती कराया है। उसी दिन ये घोषणा हुई कि नवजात बच्ची की देखभाल योगी सरकार करेगी।