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बहुविषयक शिक्षा पद्धति को आवश्यक बताया
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मतसा। महात्मा गांधी शती स्मारक महाविद्यालय की ओर से ‘समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा की ओर बढ़ते कदम’ विषयक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें बहुविषयक शिक्षा पद्धति को आवश्यक बताया गया।
मुख्य वक्ता पूर्व प्राचार्य डॉ. द्वारिकानाथ राय ने शिक्षा की समग्रता एवं बहु विषयकता की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए शिक्षा में बौद्धिक, भावनात्मक, शारीरिक, सामाजिक, सौंदर्य एवं नैतिक पहलुओं को एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके लिए बहुविषयक शिक्षा पद्धति को आवश्यक बताया। डॉ. रमाशंकर यादव ने शिक्षा को वास्तविकता एवं संभावना के बीच सेतु बताया। सुभाषचंद्र यादव ने विद्यार्थी, अध्यापक, पाठ्यक्रम एवं ढांचागत सुविधा से नई शिक्षा नीति की रेखांकित किया। अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नितेश कुमार पांडेय ने शिक्षा की भावी रणनीति में समग्रता एवं बहुविषयकता को साध्य, साधन के रूप में स्पष्ट किया।
इस दौरान वेबिनार के मुख्य संरक्षक प्रो. केपी राय, संयोजक डा. सुशील कुमार तिवारी, संचालक अविनाश शर्मा एवं अन्य महाविद्यालयों के प्रतिभागी, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन जुड़कर आयोजन को सफल बनाया।
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मुख्य वक्ता पूर्व प्राचार्य डॉ. द्वारिकानाथ राय ने शिक्षा की समग्रता एवं बहु विषयकता की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए शिक्षा में बौद्धिक, भावनात्मक, शारीरिक, सामाजिक, सौंदर्य एवं नैतिक पहलुओं को एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके लिए बहुविषयक शिक्षा पद्धति को आवश्यक बताया। डॉ. रमाशंकर यादव ने शिक्षा को वास्तविकता एवं संभावना के बीच सेतु बताया। सुभाषचंद्र यादव ने विद्यार्थी, अध्यापक, पाठ्यक्रम एवं ढांचागत सुविधा से नई शिक्षा नीति की रेखांकित किया। अध्यक्षता करते हुए कॉलेज के प्राचार्य डॉ. नितेश कुमार पांडेय ने शिक्षा की भावी रणनीति में समग्रता एवं बहुविषयकता को साध्य, साधन के रूप में स्पष्ट किया।
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इस दौरान वेबिनार के मुख्य संरक्षक प्रो. केपी राय, संयोजक डा. सुशील कुमार तिवारी, संचालक अविनाश शर्मा एवं अन्य महाविद्यालयों के प्रतिभागी, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन जुड़कर आयोजन को सफल बनाया।
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