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Ghazipur News: पैसे खत्म, भवन निर्माण का 15 प्रतिशत काम अटका
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गाजीपुर। ग्राम विकास विभाग की ओर से मुहम्मदाबाद ब्लाॅक में चार वर्ष पूर्व अवासीय-अनावसीय भवनों का निर्माण शुरू हुआ था। वर्ष 2021 में काम पूरा करना था, लेकिन शासन से धनराशि नहीं आने से प्रोजेक्ट अब तक पूरा नहीं हो पाया। पूरा प्रोजेक्ट 2.66 करोड़ रुपये का है।
ब्लाॅक के अधिकारियों के रहने के लिए वर्ष 2020 के दिसंबर में आवासीय-अनावासीय भवनों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। उस समय शासन की ओर से प्रोजेक्ट की कुल लागत धनराशि का 50 प्रतिशत हिस्सा 1.33 करोड़ रुपये जारी कर दिया गया था। जितनी धनराशि जारी की गई, उससे निर्माण कार्य जोरशोर से चला। शेष धनराशि अवमुक्त नहीं होने के कारण कार्य बीते एक वर्ष से रुका हुआ है। अब तक 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। प्रोजेक्ट पूरा करने की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी के रूप में ग्रामीण अभियंत्रण संस्थान को दी गई है। वहीं जब अवासीय-अनावासीय भवनों का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो ब्लाक के अधिकारियों के अंदर उम्मीद जगी कि उनको काफी सहूलियत मिलेगी। ब्लाक में ही आवासीय भवनों का निर्माण होने से सरकारी कार्यों के निष्पादन भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीण अभियंत्रण संस्थान के अधिशासी अभियंता पुनीत कुमार ने बताया कि शेष धनराशि को लेकर शासन को पत्र लिखा गया है।
मीटिंग हाल का निर्माण भी प्रस्तावित
अवासीय-अनावासीय भवन प्रोजेक्ट के तहत टाइप-1 के तीन, टाइप-2 के सात व टाइप-3 के छह आवासीय भवनों का निर्माण होना तय है। साथ ही एक मीटिंग हाल का निर्माण कार्य होना भी प्रस्तावित है। मीटिंग हाल बनाने के पीछे की मंशा यह है कि संबंधित अधिकारी अपने आवास से ही विभिन्न कार्यों को लेकर मीटिंग कर सकते हैं। मीटिंग के लिए उनको अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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ब्लाॅक के अधिकारियों के रहने के लिए वर्ष 2020 के दिसंबर में आवासीय-अनावासीय भवनों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। उस समय शासन की ओर से प्रोजेक्ट की कुल लागत धनराशि का 50 प्रतिशत हिस्सा 1.33 करोड़ रुपये जारी कर दिया गया था। जितनी धनराशि जारी की गई, उससे निर्माण कार्य जोरशोर से चला। शेष धनराशि अवमुक्त नहीं होने के कारण कार्य बीते एक वर्ष से रुका हुआ है। अब तक 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। प्रोजेक्ट पूरा करने की जिम्मेदारी नोडल एजेंसी के रूप में ग्रामीण अभियंत्रण संस्थान को दी गई है। वहीं जब अवासीय-अनावासीय भवनों का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो ब्लाक के अधिकारियों के अंदर उम्मीद जगी कि उनको काफी सहूलियत मिलेगी। ब्लाक में ही आवासीय भवनों का निर्माण होने से सरकारी कार्यों के निष्पादन भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीण अभियंत्रण संस्थान के अधिशासी अभियंता पुनीत कुमार ने बताया कि शेष धनराशि को लेकर शासन को पत्र लिखा गया है।
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मीटिंग हाल का निर्माण भी प्रस्तावित
अवासीय-अनावासीय भवन प्रोजेक्ट के तहत टाइप-1 के तीन, टाइप-2 के सात व टाइप-3 के छह आवासीय भवनों का निर्माण होना तय है। साथ ही एक मीटिंग हाल का निर्माण कार्य होना भी प्रस्तावित है। मीटिंग हाल बनाने के पीछे की मंशा यह है कि संबंधित अधिकारी अपने आवास से ही विभिन्न कार्यों को लेकर मीटिंग कर सकते हैं। मीटिंग के लिए उनको अन्यत्र जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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