{"_id":"6aa30e2c71f522aa1b008f21","slug":"manage-the-early-signs-of-stress-depression-or-suicide-ghazipur-news-c-313-1-svns1019-159917-2026-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghazipur News: तनाव, अवसाद या आत्महत्या के शुरुआती लक्षणों का करें प्रबंधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghazipur News: तनाव, अवसाद या आत्महत्या के शुरुआती लक्षणों का करें प्रबंधन
विज्ञापन
राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्व आत्महत्या निवारण दिवस पर बनी पोस्टरों के साथ छात
गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की ओर से विश्व आत्महत्या निवारण दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिला चिकित्सालय के साइकाइट्रिक स्टाफ सतीश कुमार ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण टेलीमानस हेल्पलाइन 14416 के उपयोग के बारे में बताया जो 24 घंटे लोगों को निशुल्क टोल-फ्री सहायता प्रदान करती है।
इसके माध्यम से तनाव, अवसाद या आत्महत्या के शुरुआती लक्षणों का प्रबंधन, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाताओं के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। मुख्य वक्ता नैदानिक मनोवैज्ञानिक अंकित आनंद ने बताया कि कई बार लोग ध्यान आकृष्ट करने के लिए भी अपने को क्षति पहुंचाने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों को सुनकर, संकट से निपटने के संवेग आधारित तरीकों के स्थान पर समस्या समाधान आधारित तरीकों के आधार का प्रयोग कर सहायता कर सकते हैं।
विज्ञापन
इस मौके पर प्रियंका प्रजापति, डॉ. संगीता मौर्य, डॉ. निरंजन कुमार, डॉ. राजेश कुमार यादव, डॉ. हरेंद्र यादव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. शंभूशरण प्रसाद एवं संचालन डॉ. शिवकुमार, डॉ. सारिका सिंह ने की।
विज्ञापन
जिला चिकित्सालय के साइकाइट्रिक स्टाफ सतीश कुमार ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण टेलीमानस हेल्पलाइन 14416 के उपयोग के बारे में बताया जो 24 घंटे लोगों को निशुल्क टोल-फ्री सहायता प्रदान करती है।
विज्ञापन
इसके माध्यम से तनाव, अवसाद या आत्महत्या के शुरुआती लक्षणों का प्रबंधन, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाताओं के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। मुख्य वक्ता नैदानिक मनोवैज्ञानिक अंकित आनंद ने बताया कि कई बार लोग ध्यान आकृष्ट करने के लिए भी अपने को क्षति पहुंचाने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों को सुनकर, संकट से निपटने के संवेग आधारित तरीकों के स्थान पर समस्या समाधान आधारित तरीकों के आधार का प्रयोग कर सहायता कर सकते हैं।
विज्ञापन
इस मौके पर प्रियंका प्रजापति, डॉ. संगीता मौर्य, डॉ. निरंजन कुमार, डॉ. राजेश कुमार यादव, डॉ. हरेंद्र यादव आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. शंभूशरण प्रसाद एवं संचालन डॉ. शिवकुमार, डॉ. सारिका सिंह ने की।