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उद्यान विभाग परेशान, बगीचे नहीं लगा रहे हैं किसान

Sat, 23 Jul 2022 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Jul 2022 11:33 PM IST
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Horticulture department upset, farmers are not planting gardens
गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यान लगाने की योजना है। इसके लिए पौधरोपण का समय बीतता जा रहा है, लेकिन शासन की उद्यान लगाने की मंशा परवान नहीं चढ़ पा रही है। इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच जनपद के सात गंगा तटीय ब्लॉकों में 200 हेक्यटेयर में फलदार वृक्ष लगाने का लक्ष्य है। लेकिन अभी तक सिर्फ 52 हेक्टेयर में उद्यान विकसित करने के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ है। जिसको लेकर विभाग की ओर से सत्यापन होना बाकी है। जिसमें यह पता किया जाएगा कि कितने किसानों ने अब तक फलदार पौधों को लगा लिया है।
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नमामि गंगे के तहत रेवतीपुर, सैदपुर, करंडा, देवकली, भदौरा, मुहम्मदाबाद और भांवरकोल ब्लॉक में फलदार पौधे लगाया जाना है। जिसमें किसानों को आम, आंवला, बेल, अमरूद आदि फलदार पौधे लगाने हैं। उद्यान विभाग की तरफ से 0.25 हेक्टेयर से लेकर एक हेक्टेयर जमीन में उद्यान विकास करना है। इस योजना के मुताबिक, प्रति हेक्टेयर उद्यान लगाने पर प्रति माह तीन हजार रुपये दिया जाएगा। जिसका लाभ तीन साल तक मिलेगा। इस दौरान किसानों को अपने उद्यान में शत-प्रतिशत पौधों को जिंदा रखना होगा। यदि पौधे सूख जाते हैं तो उनकी जगह दूसरे का रोपण कर शत-प्रतिशत पौधों का स्तर बरकरार रखना होगा। तीन साल बाद उद्यान में फल आने लगेंगे। जिससे किसानों का आमदनी होने लगेगी । अपने फलों को नजदीकी मंडी में बेचा जा सकेगा या एपिडा में रजिस्ट्रेशन कर अपने उत्पाद को बेचा जा सकता है।
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फल देने तक खेतों में लगा सकेंगे सब्जी, औषधीय पौधे
उद्यान लगाने की योजना में फलदार वृक्ष तैयार होने के तीन साल के दौरान सब्जी, औषधीय पौधे लगाने के साथ इंटर क्रापिंग की जा सकती है। इसके लिए उद्यान विभाग खरीफ और रवि के दौरान प्याज, टमाटर, लौकी, खीरा या अन्य पौधों के बीज उपलब्ध कराएगा। ऐसे ही औषधीय पौधों में एलोवेरा, सतावरा, तुलसी आदि के बीज भी विभाग की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा।
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90 फीसदी अनुदान पर ड्रीप और स्प्रींकलर लगाने की सुविधा
प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत किसानों को ड्रीप और स्प्रींकलर लगाया जा सकता है। ड्रीप और स्प्रींकलर लगाने से पानी की बचत होने के साथ कम पानी को पौधों तक अधिक से अधिक मात्रा में पहुंचाया जा सकता है। जिससे उत्पादन भी बेहतर होता है। ड्रीप और स्प्रींकल लगाने के लिए सरकार की तरफ से 90 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है।

जनपद में 200 हेक्टेयर में उद्यान लगना है। लेकिन अभी तक 52 हेक्टेयर के लिए 50 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। बारिश के दौरान पौध रोपण बढ़ेगा। तीन साल में प्रति हेक्टेयर एक लाख 8 हजार रुपये किसानों को दिया जाएगा।
शैलेंद्र दुबे, उद्यान अधिकारी
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