फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ghazipur News ›   health wellness center construction affetcted by corona crisis in ghazipur only 95 operated in 106 CHO was not deployed on 11 centers

गाजीपुरः हेल्थ वेलनेस सेंटर निर्माण पर कोरोना का ग्रहण, 106 में 95 ही संचालित, 11 पर सीएचओ की नहीं हुई तैनाती

Sun, 04 Jul 2021 05:25 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 04 Jul 2021 05:25 PM IST
सार

कोरोना संक्रमण काल से पहले तैयार 106 सेंटरों में 95 पर बीते वर्ष 2020 में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की तैनाती कर किसी तरह संचालन शुरू कराया गया। जबकि 11 पर दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सीएचओ की नियुक्ति नहीं हो पाई। 

विज्ञापन
health wellness center construction affetcted by corona crisis in ghazipur only 95 operated in 106 CHO was not deployed on 11 centers
हेल्थ वेलनेस सेंटर - फोटो : फाइल

विस्तार

गाजीपुर जिले में हेल्थ वेलनेस सेंटर निर्माण पर कोरोना का ग्रहण लग चुका है। बीते मार्च तक पूरा होने वाले 206 सेंटर का कार्य अधर में लटका हुआ है। जबकि तैयार 106 में 95 का ही संचालन हो रहा है, वहीं 11 वेलनेस सेंटरों पर सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) की तैनाती नहीं हुई है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जांच एवं इलाज की बेहतर चिकित्सकीय सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है।

विज्ञापन


मधुमेह, टायफाइड, मलेरिया, टीबी सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों की जांच की सुविधा के अलावा सामान्य बीमारियों के उपचार की सुविधा के लिए बीते तीन वर्षों पूर्व वेलनेस सेंटर स्थापित कराने का कार्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराया जा रहा था। ऐसे में कोरोना संक्रमण काल से पहले तैयार 106 सेंटरों में 95 पर बीते वर्ष 2020 में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की तैनाती कर किसी तरह संचालन शुरू कराया गया। जबकि 11 पर दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सीएचओ की नियुक्ति नहीं हो पाई।
विज्ञापन


ऐसे में उन क्षेत्र के ग्रामीणों को आज भी जांच एवं उपचार के लिए निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। जबकि 206 नए सेंटरों के निर्माण का कार्य भी कार्यदायी संस्था की ओर से शुरू कराया है, जिन्हें बीते 31 मार्च तक हैंडओवर करना था, लेकिन कोरोना संकट के कारण  ने निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण कराना तो दूर पूरा कार्य ही अधर में लटक चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी 206 नए वेलनेस सेंटर के निर्माण पर तो कोरोना संक्रमण का ग्रहण बताते हैं, जबकि 11 बनकर तैयार सेंटरों पर अब तक सीएचओ की तैनाती न करने का ठिकरा शासन पर फोड़कर पल्ला झाड़ ले रहे हैं। इस संबंध में एसीएओ डा. केके वर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते 206 नए हेल्थ वेलनेस सेंटर के निर्माण पर कोरोना का ग्रहण लग चुका है। जबकि बनकर तैयार 11 सेंटरों पर सीएचओ की तैनाती नहीं हो सकी। जल्द ही यहां भी तैनाती कर इसे संचालित कराई जाएगी।

सीएचसी-पीएचसी पर कंडम बेडों पर उपचार कराने को विवश मरीज

गाजीपुर जिले के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कंडम बेडों पर उपचार कराने को मरीज विवश हैं। यही नहीं अक्रियाशील उपकरणों के परीक्षण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। स्थिति तो यह है एक वर्ष में एक कमेटी गठित कर किसी तरह से कोरमपूर्ति कर इतिश्री कर ली जाती है। विभाग के उच्चाधिकारियों की इस लापरवाही से मरीज बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर उपचार की सुविधा प्रदान करने के लिए 16 सीएचसी एवं पीएचसी स्थापित तो कराया गया, लेकिन स्थिति यह है कि यहां के बेड सिर्फ वार्ड में रखे मात्र हैं। चिकित्सा से संबंधित उपकरण की स्थिति भी काफी खराब है। खराब पड़े बेड और अक्रियाशील उपकरणों की स्थिति इन केंद्रों पर लंबे समय खराब है।

बावजूद इसको बदलने एवं परीक्षण कर कंडम घोषित करने की प्रक्रिया को लेकर महकमे के अधिकारी लापरवाह बने हुए है। इस संबंध में सीएमओ डा. जीसी मौर्या ने बताया कि कमेटी गठित कर जल्द ही कंडम उपकरणों की सूची तैयार कराई जाएगी। साथ ही नए उपकरण एवं बेड स्थापित कराए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed