यूपी को बिहार से जोड़ने वाले गाजीपुर का हमीद सेतु 36 दिन बाद फिर बंद, दो ज्वाइंट्स में आई दरार
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ढाई माह की मरम्मत के बाद खुले हमीद सेतु को 36 दिन बाद फिर बंद करना पड़ा। ओवरलोड से रविवार को ज्वाइंट नंबर 12 एवं 10 में दरार आ गई है। डीएम एमपी सिंह के निर्देश पर दो पहिया को छोड़कर अन्य वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है। सेतु की मरम्मत का काम नौ नवंबर को सुबह 10 बजे से शुरू होगा। ऐसे में ट्रक, चार एवं तीन पहिया वाहनों को जमानिया-धरम्मरपुर होकर जाना पड़ेगा। लोगों को 40 किमी यात्रा कर जिला मुख्यालय आना पड़ेगा।
बिहार प्रांत को जोड़ने में गंगा पर बना 1100 मीटर लंबा हमीद सेतु महत्वपूर्ण भूमिका करीब 35 वर्षों से निभाता आ रहा है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही से यह छह बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। 26 ज्वाइंटर, 12 पिलर और 52 रोलर बैरिंग का यह सेतु बीते सात जून को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।
बीते तीन जुलाई को शुरू हुए मरम्मत कार्य के दौरान सभी ज्वाइंटर बदले गए और 22 रोलर बैरिंग लगाई गई। ढाई माह बाद बीते 31 सितंबर को काम पूरा हुआ और दो अक्तूबर से इसे सभी वाहनों के लिए खोल दिया गया। महज 36 दिनों बाद पर सेतु में फिर समस्या आ गई।
विभिन्न प्रांतों से होकर गुजरते हैं वाहन
सुहवल। इस पुल से वाहन पड़ोसी राज्य बिहार के अलावा नेपाल और बलिया, आजमगढ़, मुंबई, मध्यप्रदेश, वाराणसी, प्रयागराज, दिल्ली, पंजाब, असोम, पश्चिम बंगाल, चंदौली, मऊ, गोरखपुर, महाराजगंज, अयोध्या, फैजाबाद, लखनऊ सहित अन्य विभिन्न जगहों के वाहनों का आवागमन होता है। पुल के बंद होने से अब इन वाहनों को सुदूर बिहार से होकर नौबतपुर होते हुए गतंव्य के लिए करीब ढाई सौ किमी की अधिक दूरी तय करनी होगी।
सेतु के ज्वाइंटरों में ओवरलोडिंग के कारण कुछ समस्या आई है। पुल के दोनों तरफ लोहे के हाइटगेज बैरियर लगाए जा रहे हैं। विभाग की तकनीकी टीम के रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
समर बहादुर सिंह, परियोजना निदेशक एनएचएआई वाराणसी