गाजीपुर: पौने चार करोड़ के टेंडर पर विवाद, अपर मुख्य अधिकारी की बढ़ाई गई सुरक्षा
गाजीपुर जिला पंचायत में करीब पौने चार करोड़ रुपये के सड़क मरम्मत टेंडर को लेकर अपर मुख्य अधिकारी और जिला पंचायत प्रशासक के पति के बीच विवाद की चर्चा है। इसके बाद अपर मुख्य अधिकारी की सुरक्षा बढ़ाई गई है। प्रशासक के पति ने पिस्टल निकालने और धमकाने के आरोपों को निराधार बताया है। डीआईजी के मुताबिक, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जिला पंचायत में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए जारी करीब पौने चार करोड़ रुपये के टेंडर को लेकर विवाद सामने आया है। तीन दिन पहले टेंडर प्रक्रिया को लेकर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और प्रशासक के पति के बीच विवाद होने की चर्चा है। इस दौरान बंद कमरे में कहासुनी और पिस्टल निकलने की भी चर्चा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले के बाद अपर मुख्य अधिकारी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि पूरे प्रकरण की पुलिस जांच कर रही है।
22 अक्तूबर को जारी हुआ था टेंडर
जिला पंचायत की ओर से 22 अक्तूबर को 16वें वित्त आयोग और पंचम राज्य वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में सड़कों की गड्ढामुक्ति के कार्यों के लिए टेंडर जारी किया गया था। इसकी अनुमानित लागत करीब पौने चार करोड़ रुपये बताई गई है। टेंडर में जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों को ही आवेदन करना था। बताया जा रहा है कि टेंडर अपने करीबियों को दिलाने को लेकर खींचतान चल रही थी।
प्रशासक के पति ने आरोपों को नकारा
तीन दिन पहले जिला पंचायत प्रशासक के प्रतिनिधि और अपर मुख्य अधिकारी के बीच विवाद होने की बात सामने आई है। इस संबंध में अपर मुख्य अधिकारी राजेश मालवीय से उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
वहीं, जिला पंचायत प्रशासक के पति पंकज सिंह चंचल ने विवाद और पिस्टल निकालने की चर्चाओं को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने एडीएम को डांटने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी अध्यक्ष से पूछे बिना कोई पेपर आगे बढ़ा देता है तो उसे डांटना उनका कर्तव्य है।
उन्होंने पिस्टल निकालने और धमकाने की बात को मनगढ़ंत बताया। उनका कहना है कि जिस दिन की घटना का जिक्र किया जा रहा है, उस दिन वह लखनऊ में गृह मंत्री की बैठक में शामिल थे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से इस तरह की अफवाहें उड़ाई जाती रही हैं, जिनका कोई आधार नहीं है।
डीआईजी बोले- पुलिस कर रही जांच
वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि पूरा घटनाक्रम संज्ञान में है। मामले की पुलिस जांच कर रही है।