{"_id":"b3edacb27cfd3ad20cad3d638a7d1b2d","slug":"ganga-flood-prevention-work-going-on-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा तट पर हो रहा बाढ़ निरोधक कार्य ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा तट पर हो रहा बाढ़ निरोधक कार्य
ब्यूरो/ अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Sun, 27 Sep 2015 11:37 PM IST
विज्ञापन
पौराणिक दृष्टि से ख्यातिलब्ध चक्काबांध गांव स्थित गंगा तटों का पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह की पहल से विकास होगा। अधिशासी अभियंता दिनेश सिंह ने बताया कि अनुरक्षण के कार्य के तहत 75 लाख की लागत से बाढ़
निरोधक कार्य चक्काबांध में किये जा रहे हैं। इसमें दो जगहों पर लगभग 75 मीटर लंबा बोल्डर स्टैपिंग का कार्य किया जा रहा है। इस बोल्डर स्टैपिंग का कार्य कराने के बाद मंदिर एवं गांव सुरक्षित हो जाएंगे और ग्रामीणों को बैठने के लिए
पर्याप्त जगह मिल जाएगी। जगह जगह पर पुराने एवं जर्जर हो चुके घाटों का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि घाट, सीढ़ी, मंदिर तक जाने के लिए सड़क, तालाब का सुंदरीकरण कराने की योजना है। चौधरी चरण
सिंह पंप कैनाल से गंगा का पानी सीधे न टकराये इसके लिए चार डैम्पनर का निर्माण किया जाना है जिसके लिए 12 करोड़ 10 लाख रुपये का प्रस्ताव नाबार्ड को भेजा गया है। इस परियोजना में दो अप स्ट्रीम तथा दो डाउन स्ट्रीम में
विज्ञापन
लांचिंग के साथ डैम्पनर बनाए जाने हैं। इसके बनने के बाद पंप कैनाल सहित ग्रामीणों को कटान से बहुत हद तक मुक्ति मिल जाएगी। पंप कैनाल से कुछ दूरी पर अस्थाई गेस्ट हाउस का निर्माण भी किया जाएगा। गौरतलब है कि इन कार्यों
को पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से कराया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भागीरथ जब शिव की जटा से गंगा को लेकर चले तो चक्काबांध में आकर उनके रथ का पहिया धंस गया था। जिस पर इस स्थान का नाम चक्काबांध
पड़ा। इस स्थान का विशेष महत्व है। इसी स्थान से गंगा उत्तरायण हुई हैं।
विज्ञापन
निरोधक कार्य चक्काबांध में किये जा रहे हैं। इसमें दो जगहों पर लगभग 75 मीटर लंबा बोल्डर स्टैपिंग का कार्य किया जा रहा है। इस बोल्डर स्टैपिंग का कार्य कराने के बाद मंदिर एवं गांव सुरक्षित हो जाएंगे और ग्रामीणों को बैठने के लिए
विज्ञापन
पर्याप्त जगह मिल जाएगी। जगह जगह पर पुराने एवं जर्जर हो चुके घाटों का जीर्णोद्धार भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि घाट, सीढ़ी, मंदिर तक जाने के लिए सड़क, तालाब का सुंदरीकरण कराने की योजना है। चौधरी चरण
सिंह पंप कैनाल से गंगा का पानी सीधे न टकराये इसके लिए चार डैम्पनर का निर्माण किया जाना है जिसके लिए 12 करोड़ 10 लाख रुपये का प्रस्ताव नाबार्ड को भेजा गया है। इस परियोजना में दो अप स्ट्रीम तथा दो डाउन स्ट्रीम में
विज्ञापन
लांचिंग के साथ डैम्पनर बनाए जाने हैं। इसके बनने के बाद पंप कैनाल सहित ग्रामीणों को कटान से बहुत हद तक मुक्ति मिल जाएगी। पंप कैनाल से कुछ दूरी पर अस्थाई गेस्ट हाउस का निर्माण भी किया जाएगा। गौरतलब है कि इन कार्यों
को पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से कराया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भागीरथ जब शिव की जटा से गंगा को लेकर चले तो चक्काबांध में आकर उनके रथ का पहिया धंस गया था। जिस पर इस स्थान का नाम चक्काबांध
पड़ा। इस स्थान का विशेष महत्व है। इसी स्थान से गंगा उत्तरायण हुई हैं।