{"_id":"f3f2dce6233c4d46c594def38a2e2fc4","slug":"full-shout-against-land-acquisition-ordinance-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ भरी हुंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ भरी हुंकार
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Mon, 23 Feb 2015 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भू अधिग्रहण अध्यादेश को लेकर अखिल भारतीय किसान महासभा ने आस्तीन चढ़ा ली
विज्ञापन
है। सोमवार को राष्ट्रीय आह्वान पर महासभा की ओर से सरजू पांडेय पार्क में
धरना दिया गया। इस मौके पर आयोजित सभा में महासभा के राष्ट्रीय सचिव ईश्वरी
प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि भू अधिग्रहण अध्यादेश के जरिए देश के किसानों की
जमीन लूटकर देशी-विदेशी पूंजी घरानों को मालामाल एवं उनके अच्छे दिन लाने
की तैयारी है।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के 1894 के भू अधिग्रहण कानून के खिलाफ संघर्ष एवं शहादत से बने 2013 के कानून को बदलकर सरकार ने साबित कर दिया है कि वे देश और किसानों के साथ छल कर रहे हैं। पूरे देश में किसानों के बीच हलचल और बेचैनी है। केंद्र सरकार अगर समय रहते नहीं चेती तो किसान उसे अपनी ताकत का एहसास करा देंगे। 24 फरवरी से 4 मार्च तक गाजीपुर में पंचायतों में इस अध्यादेश के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष को भेजे जाएंगे।
5 मार्च को होलिका दहन के समय किसान अध्यादेश की होलिका जलाएंगे। कहा कि उदारीकरण, निजीकरण के इस दौर में खेती कर्ज में डूब रही है। मेक इन इंडिया के नाम पर विदेशी पूंजी से विकास और रोजगार का झूठा सब्जबाग दिखाया जा रहा है। देश के 70 फीसदी किसानों की हालत सुधारे बिना कोई विकास नहीं हो सकता। सरकार झूठ के बल पर लूट की खेती को बढ़ावा दे रही है। भाजपा और कांग्रेस में नीतियों के प्रश्न पर मतभेद नहीं है।
महासभा के राज्य कार्यकारिणी के सदस्य विजयबहादुर सिंह ने कहा कि इतिहास में बड़ी आबादी को तबाह करने वाली कोई भी सरकार नहीं टिक पाई है। दिल्ली चुनाव के बाद मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरु हो गई है। सभा में सिधौना बाजार में एनएच-29 पर फ्लाईओवर बनाने आदि मांग संबधित प्रस्ताव पारित किया गया।
इस अवसर पर अनुभव दास शास्त्री, कमलाकर राम, मोती प्रधान, सगीर अहमद, नंदकिशोर बिंद, आजाद यादव ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता गुलाब सिंह संचालन प्रमोद कुशवाहा ने किया। अंत में अध्यादेश के खिलाफ 16 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली जन संसद में किसानों की भागीदारी का आह्वान किया गया।
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के 1894 के भू अधिग्रहण कानून के खिलाफ संघर्ष एवं शहादत से बने 2013 के कानून को बदलकर सरकार ने साबित कर दिया है कि वे देश और किसानों के साथ छल कर रहे हैं। पूरे देश में किसानों के बीच हलचल और बेचैनी है। केंद्र सरकार अगर समय रहते नहीं चेती तो किसान उसे अपनी ताकत का एहसास करा देंगे। 24 फरवरी से 4 मार्च तक गाजीपुर में पंचायतों में इस अध्यादेश के खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष को भेजे जाएंगे।
5 मार्च को होलिका दहन के समय किसान अध्यादेश की होलिका जलाएंगे। कहा कि उदारीकरण, निजीकरण के इस दौर में खेती कर्ज में डूब रही है। मेक इन इंडिया के नाम पर विदेशी पूंजी से विकास और रोजगार का झूठा सब्जबाग दिखाया जा रहा है। देश के 70 फीसदी किसानों की हालत सुधारे बिना कोई विकास नहीं हो सकता। सरकार झूठ के बल पर लूट की खेती को बढ़ावा दे रही है। भाजपा और कांग्रेस में नीतियों के प्रश्न पर मतभेद नहीं है।
महासभा के राज्य कार्यकारिणी के सदस्य विजयबहादुर सिंह ने कहा कि इतिहास में बड़ी आबादी को तबाह करने वाली कोई भी सरकार नहीं टिक पाई है। दिल्ली चुनाव के बाद मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरु हो गई है। सभा में सिधौना बाजार में एनएच-29 पर फ्लाईओवर बनाने आदि मांग संबधित प्रस्ताव पारित किया गया।
इस अवसर पर अनुभव दास शास्त्री, कमलाकर राम, मोती प्रधान, सगीर अहमद, नंदकिशोर बिंद, आजाद यादव ने विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता गुलाब सिंह संचालन प्रमोद कुशवाहा ने किया। अंत में अध्यादेश के खिलाफ 16 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाली जन संसद में किसानों की भागीदारी का आह्वान किया गया।