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...और गांव की शांत फिजां में मची चीख-पुकार
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बहादुरगंज। आम दिनों की तरह शुक्रवार को भोर में भी सनेहुआ गांव का माहौल शांत था। इसी बीच जैसे ही लोगों को इस बात की खबर लगी कि बेकाबू टाटा मैजिक ने विद्युत सब- स्टेशन के पास आठ लोगों को रौंद दिया है, तो लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। इसमें बबलू शर्मा के परिवार के लोग भी शामिल थे। मौके पर पहुंचने पर जैसे ही उन्हें यह पता चला उसकी मौत हो चुकी है, चीख-पुकार करने लगे।
शुक्रवार की सुबह सनेहुआ गांव के कुछ लोग सड़क पर टहल रहे थे, वहीं कई खेतों में काम में लगने के साथ ही मवेशियों को चारा-पानी देने में लगे थे। इस बीच करीब साढ़े चार बजे जैसे ही लोगों को यह जानकारी हुई कि विद्युत बस स्टेशन के बाद तेज रफ्तार टाटा मैजिक ने आठ लोगों को रौंद दिया, मौके की तरफ दौड़ पड़े। घटनास्थ पहुंचे पर पहुंचे तो देखा कि खून से लथपथ घायल कराह रहे थे, जबकि बबलू शर्मा की मौत हो चुकी थी। आनन-फानन में असरफी देवी, सावित्री देवी, सोनू पाल को मऊ और रमावती, बुधिया देवी तथा संदीप शर्मा जिला अस्पताल लाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान सरस्वती की भी मौत हो गई। मृतकों के घर चीख-पुकार मच गया। मौके पर मौजूद बिलख रहे लोगों को सांत्वना देने में जुटे रहे। बावजूद इसके परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पूरे दिन लोग दुखी मन से घटना की चर्चा करते हुए उस मैजिक चालक को कोसते रहे, जिसकी वजह से गांव के दो लोग काल के गाल में समा गए।
...और सड़क पर दौड़ने चला गया बबलू
कासिमाबाद। कासिमाबाद थाना क्षेत्र के सनेहुआ गांव के युवक सेना और पुलिस में भर्ती की तैयारी के लिए मऊ-कासिमाबाद मार्ग पर दौड़ लगाते है। जबकि तमाम युवक कासिमाबाद में स्थित नेशनल इंटर कालेज के मैदान में तैयारी करते है। मृतक बबलू भी रोज यहां भोर में बाइक से आता था और दौड़ सहित अन्य तैयारी कर घर लौट जाता था। पता नहीं उसके मन में क्या सूझा कि शुक्रवार को वह यहां आने के बजाय गांव के सड़क पर ही दौड़ने के लिए निकल गया और कालरूपी टाटा मैजिक की जद में आने से उसका जीवन समाप्त हो गया। लोग आपस में यह बातें करते रहे थे कि होनी को कौन जानता है, शायद काल ने आज उसे कासिमाबाद जाने से रोक लिया होगा।000
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घायलों के परिजन करते रहे प्रार्थना
बहादुरगंज। अनियंत्रित टाटा मैजिक की जद में आने से जहां बबलू शर्मा और सरस्वती चौहान की मौत हो गई। वहीं रामावती देवी (55), बुधिया देवी (60), सावित्री देवी (55), अशरफी देवी (58) और सोनू पाल (29) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का उपचार वाराणसी और मऊ में चल रहा है। परिवार के साथ ही ग्रामीण ईश्वर से यह प्रार्थना करते रहे जल्द से जल्द घायल ठीक होकर घर लौट गए।
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शुक्रवार की सुबह सनेहुआ गांव के कुछ लोग सड़क पर टहल रहे थे, वहीं कई खेतों में काम में लगने के साथ ही मवेशियों को चारा-पानी देने में लगे थे। इस बीच करीब साढ़े चार बजे जैसे ही लोगों को यह जानकारी हुई कि विद्युत बस स्टेशन के बाद तेज रफ्तार टाटा मैजिक ने आठ लोगों को रौंद दिया, मौके की तरफ दौड़ पड़े। घटनास्थ पहुंचे पर पहुंचे तो देखा कि खून से लथपथ घायल कराह रहे थे, जबकि बबलू शर्मा की मौत हो चुकी थी। आनन-फानन में असरफी देवी, सावित्री देवी, सोनू पाल को मऊ और रमावती, बुधिया देवी तथा संदीप शर्मा जिला अस्पताल लाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान सरस्वती की भी मौत हो गई। मृतकों के घर चीख-पुकार मच गया। मौके पर मौजूद बिलख रहे लोगों को सांत्वना देने में जुटे रहे। बावजूद इसके परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पूरे दिन लोग दुखी मन से घटना की चर्चा करते हुए उस मैजिक चालक को कोसते रहे, जिसकी वजह से गांव के दो लोग काल के गाल में समा गए।
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...और सड़क पर दौड़ने चला गया बबलू
कासिमाबाद। कासिमाबाद थाना क्षेत्र के सनेहुआ गांव के युवक सेना और पुलिस में भर्ती की तैयारी के लिए मऊ-कासिमाबाद मार्ग पर दौड़ लगाते है। जबकि तमाम युवक कासिमाबाद में स्थित नेशनल इंटर कालेज के मैदान में तैयारी करते है। मृतक बबलू भी रोज यहां भोर में बाइक से आता था और दौड़ सहित अन्य तैयारी कर घर लौट जाता था। पता नहीं उसके मन में क्या सूझा कि शुक्रवार को वह यहां आने के बजाय गांव के सड़क पर ही दौड़ने के लिए निकल गया और कालरूपी टाटा मैजिक की जद में आने से उसका जीवन समाप्त हो गया। लोग आपस में यह बातें करते रहे थे कि होनी को कौन जानता है, शायद काल ने आज उसे कासिमाबाद जाने से रोक लिया होगा।000
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घायलों के परिजन करते रहे प्रार्थना
बहादुरगंज। अनियंत्रित टाटा मैजिक की जद में आने से जहां बबलू शर्मा और सरस्वती चौहान की मौत हो गई। वहीं रामावती देवी (55), बुधिया देवी (60), सावित्री देवी (55), अशरफी देवी (58) और सोनू पाल (29) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का उपचार वाराणसी और मऊ में चल रहा है। परिवार के साथ ही ग्रामीण ईश्वर से यह प्रार्थना करते रहे जल्द से जल्द घायल ठीक होकर घर लौट गए।