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Ghazipur News: बेटियां बनी टापर, पढा़ई के दौरान सोशल मीडिया से बनाई दूरी, बता रहीं सफलता का राज

Sat, 26 Apr 2025 12:43 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Sat, 26 Apr 2025 12:43 PM IST
सार

किसान मजदूर और मैकेनिक की बेटियों ने परीक्षा की सफलता से ये सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा व्यवस्था की मोहताज नहीं होती। परीक्षा की तैयारी के दौरान इन्होंने सोशल मीडिया से भी दूरी बनाई और सारा ध्यान किताब पर और तैयारी पर केंद्रीत रखा। 

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Daughters became toppers kept distance from social media during studies telling the secret of success
यूपी बोर्ड - फोटो : amar ujala

विस्तार

मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है यह पंक्तियां माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा में सफलता की इबारत लिखने वाले मेधावियों पर बिल्कुल सटीक बैठती है। किसान, मजदूर, मैकेनिक जैसे बेहद सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले इन छात्र-छात्राओं ने पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। इनमें से कुछ छात्र जहां प्रशासनिक सेवा में जाकर कुछ बेहतर करने की चाह रखते हैं, वहीं ज्यादातर इंजीनियरिंग एवं चिकित्सा के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।

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किसान की बेटी को जिले में मिला तीसरा स्थान
हाईस्कूल परीक्षा में जिले की तीसरे स्थान हासिल करने वाली रुक्मिणी यादव तुलसीसागर मोहल्ला का निवासी हैं। उनकी हसरत इंजीनियर बनने की है। इसके लिए वह पूरे मनोयोग से जुटी हुई है। चार घंटे स्वयं की पढ़ाई के सहारे उसने हाईस्कूल में यह कामयाबी पाई है। उसके पिता बृजेश्वर यादव किसान हैं। जबकि माता मनोज देवी घर संभालती हैं। उसका कहना है कि शंकाओं के समाधान के लिए उसने सोशल मीडिया का सहारा लिया।

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यू-ट्यूब का भी लिया सहारा, हासिल किया जिले में चौथा स्थान
हाईस्कूल की परीक्षा में पायल सिंह चौथे स्थान हासिल की हैं। वह मनिहारी क्षेत्र के मुहब्बतपुर की निवासी हैं। उनका सपना आईपीएस बनने का है। इसी लक्ष्य को पाने के लिए उसकी तरफ से प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए वह अभी से 12-13 घंटे पढ़ाई कर रही है। उसके पिता सत्येंद्र सिंह प्राइवेट जाब करते हैं जबकि मां आरती गृहिणी हैं। दसवीं में उत्कृष्ट अंक पाने के लिए यू-ट्यूब के माध्यम से उसने लाइव क्लास का लाभ उठाया।


 
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माता पिता करते हैं सिंलाई, मुस्कान ने हासिल किया दूसरा स्थान
मुहम्मदाबाद क्षेत्र के मलिकपुरा निवासी मुस्कार गिरी ने इंटर मीडिएट में दूसरे स्थान हासिल किया है। मुस्कान गिरी के पिता प्रदीप-माता सुमन टेलरिंग की शाप संचालित करते हैं। अपनी मेधा के आगे उसने आर्थिक समस्याओं को आडे़ नहीं आने दिया। इंजीनियर बनकर सपनों को पंख लगाने की चाह रखने वाली इस छात्रा ने सात से आठ घंटे की पढ़ाई में यह सफलता प्राप्त की है।

जंगीपुर क्षेत्र के रामगढ़ रानीपुर निवासी सोनल कुशवाहा के पिता परमानंद किसान हैं जबकि माता ऊषा गृहिणी हैं। वह जिले में टापर्स में तीसरे स्थान पर जगह बनाने में कामयाब हुई है। आईआईटी की तैयारी कर रही इस मेधावी ने 18 घंटे परिश्रम कर यह मुकाम हासिल किया है। वह बताती है कि बोर्ड की परीक्षा में उसने सोशल मीडिया का जरा भी सहारा नहीं लिया। अपने बलबूते पढ़ाई की।

मैकेनिक की बेटी ने किया जिले टाप, जिले में मिला चौथा स्थान
मनिहारी विकास खंड कलीसपुर गांव निवासी विनीता यादव के पिता विजय मैकेनिक हैं, जबकि उसकी मां बिंदू घर संभालती हैं। वह जिले में टापर्स सूची में चौथे स्थान पर जगह बनाई हैं। बेटी की पढ़ाई में आर्थिक संकट आड़े न आए इसके लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। बेटी ने भी जिले में चौथा स्थान लाकर उनकी हसरत को पूरा करने का काम किया। पांच से छह घंटे की पढ़ाई में यह कामयाबी पाने वाली छात्रा एसएससी के जरिए अपना कैरियर बनाना चाहती है।

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