{"_id":"5c9253cfbdec2214492a8abd","slug":"61553093583-ghazipur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आग से 25 झोपड़ियां जलकर राख","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आग से 25 झोपड़ियां जलकर राख
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवतीपुर। थाना क्षेत्र के बहोरिक राय पट्टी गांव में बुधवार की दोपहर अज्ञात कारणों से एक झोपड़ी में आग लग गई। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि एक-एक कर 25 झोपड़ियों को अपनी जद में ले लिया। लोगों ने काफी प्रयास के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सभी झोपड़ियां जल कर राख हो गईं। 80 हजार नकदी सहित हजारों का जेवरात आग की भेंट चढ़ गया।
इलाके के बहोरिक राय पट्टी गांव निवासी सोमारू यादव की झोपड़ी में बुधवार को दिन में करीब एक बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। जब तक लोग इस आग पर काबू का प्रयास करते, तब तक इस झोपड़ी की आग ने अगल-बगल स्थित 13 लोगों की 25 झोपड़ियों को अपनी आगोश में ले लिया और झोपड़ियों से आग की तेज लपटें उठने लगीं। शोर-शराबा के बीच ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। काफी प्रयास के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ियां जलकर राख हो र्गइं। उसमें रखा नकदी, जेवरात के साथ ही हजारों का गृहस्थी का सामान जल कर राख हो गया। आग की इस घटना में सोमारू यादव का दो, देवंती देवी की चार झोपड़ी 50 हजार नकदी, मीरा देवी की दो झोपड़ी, पांच थान गहना, मंतरा देवी की दो झोपड़ी और सामान, रुदल यादव की दो झोपड़ी 30 हजार नकदी, बचानी देवी की एक झोपड़ी, शिवशरण की दो झोप़डी, लक्ष्मण की दो झोपड़ी, कविंद्र यादव की एक झोपड़ी, पप्पू यादव की दो झोपड़ी, विरेंद्र यादव की दो झोपड़ी, चंद्रमा की दो झोपड़ी, शिवमनि की एक झोपड़ी जल कर राख हो गई। आग बुझाने में कविंद्र यादव की पुत्र आरती (16) का हाथ झुलस गया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। आग में सब कुछ जल जाने के बाद पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। न तो सिर छिपाने के लिए छत बची न ही तन ढंकने के लिए कपड़ा। आग की इस घटना ने होली की खुशियों पर पानी फेर दिया। होली में बच्चों को पहनने के लिए लोगों द्वारा खरीदा गया नया कपड़ा भी जल कर राख हो गया।
विज्ञापन
इलाके के बहोरिक राय पट्टी गांव निवासी सोमारू यादव की झोपड़ी में बुधवार को दिन में करीब एक बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। जब तक लोग इस आग पर काबू का प्रयास करते, तब तक इस झोपड़ी की आग ने अगल-बगल स्थित 13 लोगों की 25 झोपड़ियों को अपनी आगोश में ले लिया और झोपड़ियों से आग की तेज लपटें उठने लगीं। शोर-शराबा के बीच ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। काफी प्रयास के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ियां जलकर राख हो र्गइं। उसमें रखा नकदी, जेवरात के साथ ही हजारों का गृहस्थी का सामान जल कर राख हो गया। आग की इस घटना में सोमारू यादव का दो, देवंती देवी की चार झोपड़ी 50 हजार नकदी, मीरा देवी की दो झोपड़ी, पांच थान गहना, मंतरा देवी की दो झोपड़ी और सामान, रुदल यादव की दो झोपड़ी 30 हजार नकदी, बचानी देवी की एक झोपड़ी, शिवशरण की दो झोप़डी, लक्ष्मण की दो झोपड़ी, कविंद्र यादव की एक झोपड़ी, पप्पू यादव की दो झोपड़ी, विरेंद्र यादव की दो झोपड़ी, चंद्रमा की दो झोपड़ी, शिवमनि की एक झोपड़ी जल कर राख हो गई। आग बुझाने में कविंद्र यादव की पुत्र आरती (16) का हाथ झुलस गया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। आग में सब कुछ जल जाने के बाद पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। न तो सिर छिपाने के लिए छत बची न ही तन ढंकने के लिए कपड़ा। आग की इस घटना ने होली की खुशियों पर पानी फेर दिया। होली में बच्चों को पहनने के लिए लोगों द्वारा खरीदा गया नया कपड़ा भी जल कर राख हो गया।
विज्ञापन