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एसडीएम ने पुलिस की कार्रवाई को किया खारिज
Updated Thu, 30 Aug 2018 10:44 PM IST
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गाजीपुर। पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है। नोनहरा थाना क्षेत्र के हुस्सेपुर कोठियां गांव में हुए एक वाकया की वजह से एक बार फिर पुलिस की किरकिरी हो रही है। कार्रवाई के नाम पर सभ्यजनों पर 107, 116 किया गया है। भूमि विवाद के एक मामले में विवेचना के दौरान नोनहरा के तत्कालीन एसएचओ श्याम बाबू ने भी दो सगे भाइयों के साथ कुछ ऐसा ही किया है। उन्होंने भूमि विवाद में संभावित बड़ा फसाद बता कर उन्हें धारा 107, 116 के तहत निरुद्ध कर दिया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन दे कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
जानकारी के मुताबिक गांव के संभ्रांत लोगों में शामिल डा. आरए प्रधान के पुत्र सुधीर प्रधान तथा आशीष प्रधान के पट्टीदार अजय प्रधान से भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। सुधीर और आशीष का परिवार शहर के शास्त्री नगर के इंद्रपुरी कालोनी में रहता है। एसपी को दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन एसएचओ और एसआई अनुराग गोस्वामी ने दूसरे पक्ष से सुविधा शुल्क लेकर उनके खिलाफ गलत धाराएं लगा दिया। खास बात यह है कि 18 जून 2018 को जिस समय यह कार्रवाई की, उस दिन दोनों भाई मौके पर नहीं थे। सुधीर प्रधान बिहार में एक मांगलिक समारोह में भाग लेने गए थे। भाइयों के गुहार पर एसडीएम मुहम्मदाबाद रमेश यादव ने राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर तीन अगस्त को दोनों भाइयों के खिलाफ कार्रवाई को खारिज करते हुए साफ किया कि एसएचओ नोनहरा की कार्रवाई गलत है। अब देखें कि एसपी से गुहार कितना कारगर साबित होता है। एसडीएम के फैसले में दोषी ठहराए गए तत्कालीन एसएचओ को छोड़ दिया जाएगा या कोई कार्ररवाई होगी।
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जानकारी के मुताबिक गांव के संभ्रांत लोगों में शामिल डा. आरए प्रधान के पुत्र सुधीर प्रधान तथा आशीष प्रधान के पट्टीदार अजय प्रधान से भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। सुधीर और आशीष का परिवार शहर के शास्त्री नगर के इंद्रपुरी कालोनी में रहता है। एसपी को दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन एसएचओ और एसआई अनुराग गोस्वामी ने दूसरे पक्ष से सुविधा शुल्क लेकर उनके खिलाफ गलत धाराएं लगा दिया। खास बात यह है कि 18 जून 2018 को जिस समय यह कार्रवाई की, उस दिन दोनों भाई मौके पर नहीं थे। सुधीर प्रधान बिहार में एक मांगलिक समारोह में भाग लेने गए थे। भाइयों के गुहार पर एसडीएम मुहम्मदाबाद रमेश यादव ने राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर तीन अगस्त को दोनों भाइयों के खिलाफ कार्रवाई को खारिज करते हुए साफ किया कि एसएचओ नोनहरा की कार्रवाई गलत है। अब देखें कि एसपी से गुहार कितना कारगर साबित होता है। एसडीएम के फैसले में दोषी ठहराए गए तत्कालीन एसएचओ को छोड़ दिया जाएगा या कोई कार्ररवाई होगी।
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