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शौचालय का पैसा हजम, प्रधानों को नोटिस जारी
Updated Thu, 09 Aug 2018 12:13 AM IST
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गाजीपुर। शौचालय निर्माण में हुई अनियमितता की जांच के बाद जनपद के सौ से अधिक गांवों में गड़बड़ी मिली है। इन गांवों के ग्राम प्रधानों को लाखों रुपये गोलमाल करने के आरोप में नोटिस जारी की गई है। साथ ही एक सप्ताह के अंदर शौचालय निर्माण का कार्य पूरा करने का निर्देश मुख्य विकास अधिकारी हरिकेश चौरसिया ने दी है। नियत तिथि के भीतर अगर शौचालय का निर्माण नहीं कराया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिले के जमानिया तहसील सहित अन्य तहसीलों में शौचालय निर्माण की जांच में पता चला है कि बिना शौचालय निर्माण कराए ही सौ गांवों के प्रधानों ने सरकारी पैसे की बंदरबांट की है। ग्राम प्रधानों ने वर्ष 2009-10 व 2010-11 में संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत बनवाए जाने वाले शौचालय के निर्माण में भारी अनियमितता करने का मामला प्रकाश में आते ही खलबली मच गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जब संबंधित विकास खंडों के जेई, सीडीपीओ और एडीओ ने शौचालयों का सत्यापन किया तो पैर के नीचे से जमीन खिसक गई। प्रधानों ने बिना शौचालय बनवाए ही आवंटित धनराशि हजम कर ली है। जिसमें सबसे ज्यादा सैदपुर, जखनिया, जमानिया, रेवतीपुर, मुहम्मदाबाद सहित अन्य विकास खंड शामिल हैं। इन ब्लॉकों में सौ से अधिक ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी किया गया है। प्रत्येक विकास खंड में करीब 15 से 20 गांवों में गड़बड़ी मिली है। प्रत्येक शौचालय के लिए 12 हजार रुपये दिए गए थे। लेकिन यह धन पात्र व्यक्तियों तक नहीं पहुंचा है। अब जांच में मामला खुलने के बाद जनप्रतिनिधियों में अफरा-तफरी मची हुई है।
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जिले के जमानिया तहसील सहित अन्य तहसीलों में शौचालय निर्माण की जांच में पता चला है कि बिना शौचालय निर्माण कराए ही सौ गांवों के प्रधानों ने सरकारी पैसे की बंदरबांट की है। ग्राम प्रधानों ने वर्ष 2009-10 व 2010-11 में संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत बनवाए जाने वाले शौचालय के निर्माण में भारी अनियमितता करने का मामला प्रकाश में आते ही खलबली मच गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जब संबंधित विकास खंडों के जेई, सीडीपीओ और एडीओ ने शौचालयों का सत्यापन किया तो पैर के नीचे से जमीन खिसक गई। प्रधानों ने बिना शौचालय बनवाए ही आवंटित धनराशि हजम कर ली है। जिसमें सबसे ज्यादा सैदपुर, जखनिया, जमानिया, रेवतीपुर, मुहम्मदाबाद सहित अन्य विकास खंड शामिल हैं। इन ब्लॉकों में सौ से अधिक ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी किया गया है। प्रत्येक विकास खंड में करीब 15 से 20 गांवों में गड़बड़ी मिली है। प्रत्येक शौचालय के लिए 12 हजार रुपये दिए गए थे। लेकिन यह धन पात्र व्यक्तियों तक नहीं पहुंचा है। अब जांच में मामला खुलने के बाद जनप्रतिनिधियों में अफरा-तफरी मची हुई है।
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