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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की जमीन पर दंबगों का कब्जा

Mon, 05 Mar 2018 11:08 PM IST
Updated Mon, 05 Mar 2018 11:08 PM IST
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की जमीन पर दंबगों का कब्जा
गाजीपुर।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की पुश्तैनी जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा करने का मामला सोमवार को प्रकाश में आया। करीब एक वर्ष से दबंगों के कब्जे से जमीन को मुक्त कराने के लिए परिजन जिला स्तर के अधिकारियों का चक्कर लगाने को विवश हैं लेकिन आज तक जमीन को मुक्त नहीं कराया जा सका। यहीं नहीं समाधान दिवस पर लेखपाल द्वारा इस मामले को निस्तारित कर पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। पीड़ित परिजनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सम्मान में मिले ताम्र पत्र को प्रदेश के राज्यपाल को वापस कर दिया जाएगा।

दिलदारनगर थाना क्षेत्र के स्थानीय कस्बा निवासी अनुपम गुप्ता पुत्र रविंद्र गुप्ता ने बताया कि दादा रघुनाथ प्रसाद स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई बार जेल गए। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 15 अगस्त 1972 को ताम्र पत्र देकर सम्मानित किया था। वर्ष 1983 में दादा के निधन के बाद काम की तलाश में माता-पिता मुंबई चले आए। इसी बीच दबंगों द्वारा पुश्तैनी जमीन पर गुमटी और दुकान खोलकर कब्जा कर लिया गया। उन्होंने बताया कि दबंगों के कब्जे से जमीन को मुक्त कराने के लिए जिलाधिकारी, एसपी से लेकर सीएम तक को पत्र भेजा गया लेकिन लेखपाल द्वारा जमीन को कब्जा मुक्त कराने के बजाए समाधान दिवस पर निस्तारण दिखाकर पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। परिजनों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते दंबगों द्वारा जमीन को मुक्त नहीं कराया गया तो दादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रघुनाथ प्रसाद को सम्मान में मिले ताम्र पात्र को प्रदेश के राज्यपाल को वापस कर दिया जाएगा।
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