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एसटीएफ ने दो बदमाशों को पकड़ा
Updated Wed, 25 Apr 2018 12:04 AM IST
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करंडा(गाजीपुर)। थाना क्षेत्र के ब्राह्मणपुरा चट्टी पर छह माह पूर्व आरएसएस कार्यकर्ता और पत्रकार राजेश मिश्रा की हत्या के मामले में संलिप्त बदमाशों में से एक को करंडा थाने के चहारन चट्टी तथा दूसरे को झारखंड से वाराणसी एसटीएफ ने मंगलवार को धर दबोचा। पुलिस पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ करने में जुटी हुई है।
बीते 22 अक्टूबर को ब्राह्मणपुरा चट्टी पर बदमाशों ने दिनदहाड़े आरएसएस कार्यकर्ता और पत्रकार राजेश मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और उनके छोटे भाई अमितेश मिश्रा को गंभीर रूप घायल कर दिया था। इस मामले में वाराणसी की एसटीएफ टीम मुख्य आरोपी राजू यादव सहित अन्य की तलाश में लगी हुई थी। घटना के बाद जिला पुलिस ने कुछ बदमाशों को पकड़ कर खुलासा तो किया, लेकिन मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। वाराणसी एसटीएफ ने मंगलवार को झारखंड से हत्याकांड के मुख्य आरोपी राजू यादव के करीब रवि यादव को धर दबोचा है। जबकि उसकी निशानदेही पर दूसरे बदमाश को करंडा के चहारन चट्टी से पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी। पकड़े गए बदमाशों ने पुलिस को बताया कि प्रदीप मिश्रा की मुलाकात कुछ दिन पूर्व 25 हजार इनामिया राजेश दूबे से जेल में हुई थी। इस दौरान प्रदीप मिश्रा ने पत्रकार और आरएसएस कार्यकर्ता राजेश मिश्रा को हटाने की बात जेल में बंद बदमाश इनामिया राजेश दूबे से की थी। योजना बनने के बाद घटना को अंजाम देने के लिए 90 हजार की सुपारी देने की बात तय हुई थी। इसके बाद राजेश दूबे सात माह पूर्व न्यायालय से फरार हो गया। एसटीएफ के हत्थे चढ़ा प्रदीप मिश्रा अपराधी राजेश दूबे के संपर्क में रहा और दो बार में उसे एक लाख रुपये घटना को अंजाम देने के लिए दिया था। इसके बाद पुलिस कस्टडी से फरार राजेश दूबे अपने एक मित्र के साथ झारखंड प्रांत के पलामू जिले में रह रहे राजू यादव के खास रवि यादव के पास पहुंचा और आरएसएस कार्यकर्ता - पत्रकार राजेश मिश्रा की हत्या करने की बात कही। इसके बाद बदमाश राजेश दूबे, रवि यादव सहित तीन लोग बिहार प्रांत के भभुआ पहुंचकर राजू यादव से संपर्क किए। इसके बाद राजू यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर बीते 21 अक्टूबर को पत्रकार-आरएसएस कार्यकर्ता राजेश मिश्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस संबंध में एसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि एसटीएफ ने दोनों बदमाशों को एक दूसरे मामले में पकड़ा है। लेकिन पूछताछ में दोनों बदमाशों ने आरएसएस कार्यकर्ता और पत्रकार हत्याकांड में शामिल होना भी बताया है।
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बीते 22 अक्टूबर को ब्राह्मणपुरा चट्टी पर बदमाशों ने दिनदहाड़े आरएसएस कार्यकर्ता और पत्रकार राजेश मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और उनके छोटे भाई अमितेश मिश्रा को गंभीर रूप घायल कर दिया था। इस मामले में वाराणसी की एसटीएफ टीम मुख्य आरोपी राजू यादव सहित अन्य की तलाश में लगी हुई थी। घटना के बाद जिला पुलिस ने कुछ बदमाशों को पकड़ कर खुलासा तो किया, लेकिन मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। वाराणसी एसटीएफ ने मंगलवार को झारखंड से हत्याकांड के मुख्य आरोपी राजू यादव के करीब रवि यादव को धर दबोचा है। जबकि उसकी निशानदेही पर दूसरे बदमाश को करंडा के चहारन चट्टी से पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी। पकड़े गए बदमाशों ने पुलिस को बताया कि प्रदीप मिश्रा की मुलाकात कुछ दिन पूर्व 25 हजार इनामिया राजेश दूबे से जेल में हुई थी। इस दौरान प्रदीप मिश्रा ने पत्रकार और आरएसएस कार्यकर्ता राजेश मिश्रा को हटाने की बात जेल में बंद बदमाश इनामिया राजेश दूबे से की थी। योजना बनने के बाद घटना को अंजाम देने के लिए 90 हजार की सुपारी देने की बात तय हुई थी। इसके बाद राजेश दूबे सात माह पूर्व न्यायालय से फरार हो गया। एसटीएफ के हत्थे चढ़ा प्रदीप मिश्रा अपराधी राजेश दूबे के संपर्क में रहा और दो बार में उसे एक लाख रुपये घटना को अंजाम देने के लिए दिया था। इसके बाद पुलिस कस्टडी से फरार राजेश दूबे अपने एक मित्र के साथ झारखंड प्रांत के पलामू जिले में रह रहे राजू यादव के खास रवि यादव के पास पहुंचा और आरएसएस कार्यकर्ता - पत्रकार राजेश मिश्रा की हत्या करने की बात कही। इसके बाद बदमाश राजेश दूबे, रवि यादव सहित तीन लोग बिहार प्रांत के भभुआ पहुंचकर राजू यादव से संपर्क किए। इसके बाद राजू यादव ने अपने साथियों के साथ मिलकर बीते 21 अक्टूबर को पत्रकार-आरएसएस कार्यकर्ता राजेश मिश्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस संबंध में एसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि एसटीएफ ने दोनों बदमाशों को एक दूसरे मामले में पकड़ा है। लेकिन पूछताछ में दोनों बदमाशों ने आरएसएस कार्यकर्ता और पत्रकार हत्याकांड में शामिल होना भी बताया है।
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