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आरी पहाड़पुर के पास मिला एक और शव
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:56 PM IST
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करंडा। क्षेत्र के आरी पहाड़पुर के पास शुक्रवार को एक और शव मिला। शव एक किशोरी का है। जिसके चेहरे और पैर को जानवर नोंचकर खा गए थे। इसकी जानकारी के बाद इसे रामनाथपुर गांव की घटना से जोड़कर देखा जाने लगा। ग्रामीणों का कहना है कि वह शव निशा का है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया और देवनाथ को शिनाख्त के लिए बुलाया गया, लेकिन वह पहचान करने नहीं पहुंचा।
शुक्रवार को आरी पहाड़पुर के लोगों ने पानी में तीन शवों के होने की सूचना दी थी। ग्रामीणों के साथ पुलिस जब तक गंगा के किनारे पहुंची तबतक दो शव पानी की तेज धारा में बह गए थे। किसी तरह गुरुवार की देर शाम दो शवों को निकाला गया। जंगली जानवरों के नोचने से किसी का चेहरा स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहा था। फिर भी ग्रामीणों ने उसकी पहचान का दवा कर रहे थे। बता दें कि मंगलवार को सैदपुर चंदौली पुल पर मिले लावारिस बैग और कई जोड़ी चप्पलों की जांच करने के बाद इस बड़ी घटना का खुलासा होता जा रहा है। तीन दिन से लगातार शव बरामद हो रहे हैं। सैदपुर थाना क्षेत्र के रामनाथपुर निवासी रमाकांत यादव अपने परिवार के पांच सदस्यों सहित मंगलवार को अपने पिता देवनाथ के उत्पीड़न और तानाशाही से त्रस्त होकर घर से निकल गया था। बाद में देर शाम सैदपुर गंगा पुल पर उनका बैग मिला था। तभी से गांव के लोगों को किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। बृहस्पतिवार को दिन में पांचों शव सिकंदरपुर और कुचौरा गांव के पीछे गंगा में उतराए देखे गए। चरवाहों ने इसकी सूचना रमाकांत यादव के परिजनों को दी, लेकिन वहां देवनाथ अथवा कोई परिवार का सदस्य शिनाख्त करने नहीं पहुंचा। गंगा के जलस्तर में निरंतर वृद्धि और बहाव से शव आगे बहते गए। बाद में करंडा पुलिस ने डिहवां सिकंदरपुर के पास से एक युवक और एक किशोर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। शव के पंचनामा से पहले भी देवनाथ यादव ने शिनाख्त करने से यह कहकर मना कर दिया कि शव का चेहरा ही नहीं है, तो मैं कैसे पहचानूं। अब इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है।
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शुक्रवार को आरी पहाड़पुर के लोगों ने पानी में तीन शवों के होने की सूचना दी थी। ग्रामीणों के साथ पुलिस जब तक गंगा के किनारे पहुंची तबतक दो शव पानी की तेज धारा में बह गए थे। किसी तरह गुरुवार की देर शाम दो शवों को निकाला गया। जंगली जानवरों के नोचने से किसी का चेहरा स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहा था। फिर भी ग्रामीणों ने उसकी पहचान का दवा कर रहे थे। बता दें कि मंगलवार को सैदपुर चंदौली पुल पर मिले लावारिस बैग और कई जोड़ी चप्पलों की जांच करने के बाद इस बड़ी घटना का खुलासा होता जा रहा है। तीन दिन से लगातार शव बरामद हो रहे हैं। सैदपुर थाना क्षेत्र के रामनाथपुर निवासी रमाकांत यादव अपने परिवार के पांच सदस्यों सहित मंगलवार को अपने पिता देवनाथ के उत्पीड़न और तानाशाही से त्रस्त होकर घर से निकल गया था। बाद में देर शाम सैदपुर गंगा पुल पर उनका बैग मिला था। तभी से गांव के लोगों को किसी अनहोनी की आशंका जताई थी। बृहस्पतिवार को दिन में पांचों शव सिकंदरपुर और कुचौरा गांव के पीछे गंगा में उतराए देखे गए। चरवाहों ने इसकी सूचना रमाकांत यादव के परिजनों को दी, लेकिन वहां देवनाथ अथवा कोई परिवार का सदस्य शिनाख्त करने नहीं पहुंचा। गंगा के जलस्तर में निरंतर वृद्धि और बहाव से शव आगे बहते गए। बाद में करंडा पुलिस ने डिहवां सिकंदरपुर के पास से एक युवक और एक किशोर के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। शव के पंचनामा से पहले भी देवनाथ यादव ने शिनाख्त करने से यह कहकर मना कर दिया कि शव का चेहरा ही नहीं है, तो मैं कैसे पहचानूं। अब इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है।
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