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मासूम के खुन से दागदार हुआ नोनहरा गांव
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:27 PM IST
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गाजीपुर। दशकों से शांत नोनहरा गांव में गुरुवार को गम और गुस्सा एक साथ दिखाई दे रहा था। यहां दस वर्षीय बालक की गला काट कर हत्या कर दी गई थी, थाना परिसर से सटे गन्ने के खेत में हुई हत्या से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोग इसके लिए पुलिस को कसूरवार ठहरा रहे थे। थाने का घेराव, नारेबाजी और सड़क जाम की गई। आजादी के बाद यह पहला मौका था जब हत्या जैसे संगीन वारदात को लेकर ग्रामीण सड़क पर उतर आए।
गुरुवार की सुबह नोनहरा गांव रोज की तरह बिल्कुल शांत था। लोग बिस्तरों से उठकर नित्य क्रिया में थे। इसी बीच आरिफ (10) पुत्र मंगरु अंसारी निवासी बरतर की गला काटकर हत्या किए जाने की खबर ग्रामीणों के कानों तक पहुंची। कुछ ही देर में गांव में खलबली मच गई। सैकड़ों की भीड़ घटनास्थल पर एकत्र हो गई। आरिफ की हत्या थाने के बिल्कुल पास की गई थी, लोग काफी गुस्से में थे। कुछ शरारती तत्व थाना पुलिस पर हमले की साजिश रच रहे थे, लेकिन कुछ लोगों की सूझबूझ से स्थिति को काबू में कर लिया गया। गांव में पहली बार किसी बालक की हत्या किए जाने से पूरा क्षेत्र दहल उठा। हर किसी की जुबां पर आरोपी की दरिंदगी की चर्चा की जा रही थी। बरतर निवासी मृत आरिफ स्थानीय चट्टी पर किराना की दूकान चलाता था। बुधवार की रात वह दूकान बंद कर घर नहीं पहुंचा, देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो उसकी खोजबीन करने में जुट गए। काफी तलाश के बाद भी रात को उसका कहीं अता-पता नहीं चला। गुरुवार सुबह किसी ने सूचना दी कि उसकी लाश थाने के पीछे पड़ी है। पुत्र की लाश की जानकारी मिलते ही माता-पिता की आंखों के सामने अंधेरा छा गया। आंखों से आंशु बहने लगे। उनकी जुबान पर सिर्फ यही था कि मेरे मासूम पुत्र से किसी से क्या दुश्मनी थी ? महिलाओं की भीड़ एकत्र हो गई और सभी बालक के परिजनों को समझाने में लगे रहे। बालक के माता-पिता का रुदन हर किसी को झकझोर रहा था।
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गुरुवार की सुबह नोनहरा गांव रोज की तरह बिल्कुल शांत था। लोग बिस्तरों से उठकर नित्य क्रिया में थे। इसी बीच आरिफ (10) पुत्र मंगरु अंसारी निवासी बरतर की गला काटकर हत्या किए जाने की खबर ग्रामीणों के कानों तक पहुंची। कुछ ही देर में गांव में खलबली मच गई। सैकड़ों की भीड़ घटनास्थल पर एकत्र हो गई। आरिफ की हत्या थाने के बिल्कुल पास की गई थी, लोग काफी गुस्से में थे। कुछ शरारती तत्व थाना पुलिस पर हमले की साजिश रच रहे थे, लेकिन कुछ लोगों की सूझबूझ से स्थिति को काबू में कर लिया गया। गांव में पहली बार किसी बालक की हत्या किए जाने से पूरा क्षेत्र दहल उठा। हर किसी की जुबां पर आरोपी की दरिंदगी की चर्चा की जा रही थी। बरतर निवासी मृत आरिफ स्थानीय चट्टी पर किराना की दूकान चलाता था। बुधवार की रात वह दूकान बंद कर घर नहीं पहुंचा, देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो उसकी खोजबीन करने में जुट गए। काफी तलाश के बाद भी रात को उसका कहीं अता-पता नहीं चला। गुरुवार सुबह किसी ने सूचना दी कि उसकी लाश थाने के पीछे पड़ी है। पुत्र की लाश की जानकारी मिलते ही माता-पिता की आंखों के सामने अंधेरा छा गया। आंखों से आंशु बहने लगे। उनकी जुबान पर सिर्फ यही था कि मेरे मासूम पुत्र से किसी से क्या दुश्मनी थी ? महिलाओं की भीड़ एकत्र हो गई और सभी बालक के परिजनों को समझाने में लगे रहे। बालक के माता-पिता का रुदन हर किसी को झकझोर रहा था।
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