{"_id":"62a3880e6a609b63a30d23a1","slug":"ajay-rai-did-not-come-cross-examination-is-now-on-june-22-ghazipur-news-vns658261210","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवधेश राय हत्याकांड: कोर्ट नहीं आए अजय राय, जिरह अब 22 जून को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवधेश राय हत्याकांड: कोर्ट नहीं आए अजय राय, जिरह अब 22 जून को
Thu, 28 Jul 2022 08:25 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2022 08:25 AM IST
सार
अवधेश राय हत्याकांड में शुक्रवार को गवाह कांग्रेस नेता अजय राय की जिरह की कार्रवाई नहीं हो सकी। क्योंकि अजय राय पेश नहीं हो सके। न्यायालय द्वारा जिरह के लिए 22 जून की तिथ तय की गई है।
विज्ञापन
अजय राय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/एमपी, एमएलए रामसुध सिंह की अदालत में पूर्व मऊ विधायक के विरुद्ध 1996 के गैंगस्टर के मुकदमे में विचारण के दौरान शुक्रवार को गवाह कांग्रेस नेता अजय राय की जिरह की कार्रवाई नहीं हो सकी। वजह गवाह अजय राय पेश नहीं हो सके। न्यायालय द्वारा जिरह के लिए 22 जून की तिथि नियत की गई है।
मालूम हो कि कांग्रेस नेता अजय राय कड़ी सुरक्षा के बीच बीते 16 मई को अपर सत्र न्यायाधीश/एमपी एमएलए कोर्ट में बयान देने के लिए उपस्थित हुए थे। सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने साक्षी अजय राय का बयान अंकित कराया। उन्होंने बयान दिया था कि बीते तीन अगस्त 1991 को दोपहर करीब एक बजे वह अपने भाई अवधेश राय के साथ अपने वाराणसी स्थित मकान के गेट पर खड़ा थे। इतने में एक सफेद रंग की मारुति वैन आई, जिसमें मुख्तार अंसारी सहित कुछ लोग मौजूद थे। गाड़ी से उतरे और ताबड़तोड़ भाई अवधेश राय के ऊपर फायर किए। सभी के हाथ मेंअसलहे थे। सभी लोग मारुति वैन से भागने का प्रयास किए। अजय राय भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर किए। इसके बाद सभी लोग गाड़ी छोड़ कर भाग गए। अपने भाई को कबीर चौरा अस्पताल ले गए, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। आरोपी मुख्तार अंसारी की तरफ से गवाह अजय राय की जिरह होनी थी। गवाह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।
विज्ञापन
मालूम हो कि कांग्रेस नेता अजय राय कड़ी सुरक्षा के बीच बीते 16 मई को अपर सत्र न्यायाधीश/एमपी एमएलए कोर्ट में बयान देने के लिए उपस्थित हुए थे। सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने साक्षी अजय राय का बयान अंकित कराया। उन्होंने बयान दिया था कि बीते तीन अगस्त 1991 को दोपहर करीब एक बजे वह अपने भाई अवधेश राय के साथ अपने वाराणसी स्थित मकान के गेट पर खड़ा थे। इतने में एक सफेद रंग की मारुति वैन आई, जिसमें मुख्तार अंसारी सहित कुछ लोग मौजूद थे। गाड़ी से उतरे और ताबड़तोड़ भाई अवधेश राय के ऊपर फायर किए। सभी के हाथ मेंअसलहे थे। सभी लोग मारुति वैन से भागने का प्रयास किए। अजय राय भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर किए। इसके बाद सभी लोग गाड़ी छोड़ कर भाग गए। अपने भाई को कबीर चौरा अस्पताल ले गए, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। आरोपी मुख्तार अंसारी की तरफ से गवाह अजय राय की जिरह होनी थी। गवाह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए।
विज्ञापन