{"_id":"62828f081a3e33127a58b669","slug":"advocates-started-a-gradual-fast-ghazipur-news-vns65389634","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिवक्ताओं ने शुरू किया क्रमिक अनशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिवक्ताओं ने शुरू किया क्रमिक अनशन
विज्ञापन
औड़िहार सिविल न्यायालय सैदपुर से ग्राम्य न्यायालय जखनिया में अनियमित तरीके से हजारों आपराधिक एवं दीवानी वाद पत्रावलियां बिना क्षेत्राधिकार के भेजे जाने के विरोध में सिविल बार एसोसिएशन एवं सैदपुर बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू किया।
वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि ग्राम्य न्यायालय में अपराध के छोटे-छोटे दो वर्ष की सजा तक के मुकदमे एवं सिविल के छोटे-छोटे मुकदमे निर्णित किए जाने का विधान है। सिविल न्यायालय से ग्राम्य न्यायालय जखनिया को सभी पत्रावलियां भेजा जाना गलत एवं अनुचित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को पत्रावलियों के अंतरण की स्पष्ट सूचना भी न देना मनमाना कृत्य है। इस कृत्य को अधिवक्ता समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। अध्यक्षता करते हुए सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील पांडेय ने कहा कि अगर जनपद न्यायालय प्रशासन ग्राम्य न्यायालय में भेजी जा रही पत्रावलियों के संबंध में स्पष्ट निर्णय नहीं लेता है और वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को संतुष्ट नहीं करता है तो हमारा क्रमिक अनशन बेमियादी अनशन में बदलेगा। मजबूर होकर हम न्यायालय में तालाबंदी भी करेंगे। इस अवसर पर अधिवक्ता सुरेंद्रनाथ चौबे, अवनीश चौबे, ओंकारनाथ राय, सैयद जफर, संतोष कुमार राय, शिवमूरत राम, प्रभात कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह, सुशील कुमार राय, ओपी राय, इरफान अजीज खान, दिनेश सिंह, लल्लन सिंह, गौरव यादव, पंकज जायसवाल, ठाकुर प्रसाद आदि अधिवक्ता उपस्थित थे। इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
विज्ञापन
वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि ग्राम्य न्यायालय में अपराध के छोटे-छोटे दो वर्ष की सजा तक के मुकदमे एवं सिविल के छोटे-छोटे मुकदमे निर्णित किए जाने का विधान है। सिविल न्यायालय से ग्राम्य न्यायालय जखनिया को सभी पत्रावलियां भेजा जाना गलत एवं अनुचित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को पत्रावलियों के अंतरण की स्पष्ट सूचना भी न देना मनमाना कृत्य है। इस कृत्य को अधिवक्ता समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। अध्यक्षता करते हुए सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील पांडेय ने कहा कि अगर जनपद न्यायालय प्रशासन ग्राम्य न्यायालय में भेजी जा रही पत्रावलियों के संबंध में स्पष्ट निर्णय नहीं लेता है और वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को संतुष्ट नहीं करता है तो हमारा क्रमिक अनशन बेमियादी अनशन में बदलेगा। मजबूर होकर हम न्यायालय में तालाबंदी भी करेंगे। इस अवसर पर अधिवक्ता सुरेंद्रनाथ चौबे, अवनीश चौबे, ओंकारनाथ राय, सैयद जफर, संतोष कुमार राय, शिवमूरत राम, प्रभात कुमार सिंह, राकेश कुमार सिंह, सुशील कुमार राय, ओपी राय, इरफान अजीज खान, दिनेश सिंह, लल्लन सिंह, गौरव यादव, पंकज जायसवाल, ठाकुर प्रसाद आदि अधिवक्ता उपस्थित थे। इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि क्रमिक अनशन जारी रहेगा।
विज्ञापन