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Ghazipur News: आठ हजार की नौकरी और दो साड़ी, वाह रे आंगनबाड़ी...
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गाजीपुर। आठ हजार की नौकरी और दो साड़ी, वाह रे आंगनबाड़ी। जी, हां आंगनबाड़ी भर्ती के बाद से जिले में हड़कंप मचा हुआ है।
कुछ अधिकारी-कर्मचारी तो इस मामले में बोलने को तैयार नहीं है, क्योंकि भर्ती में आय और निवास प्रमाण पत्र फर्जी लगाने के मामले में हुए खुलासे के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है।
अब तक 10 लेखपाल जहां निलंबित हो चुके हैं, वहीं अब कुछ जिम्मेदार भी इसे लेकर नाखुश नजर आ रहे हैं। क्योंकि मामले की शिकायत लखनऊ पहुंच गई है। ऐसे में संदेह है कि सभी नियुक्ति पत्र की जांच की गई तो आंच और लोगों तक पहुंच सकती है।
आंगनबाड़ी भर्ती में सीडीओ संतोष कुमार वैश्य पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाने का दावा करते हैं। वहीं, नियुक्ति की सूची जारी होने पर आईं 14 शिकायतें जांच में सही मिलीं। सीडीओ की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने 10 लेखपालों को निलंबित करने का आदेश दिया।
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इनमें 13 लेखपालों ने गलत तरीके से आय प्रमाणपत्र जारी किया था, जबकि एक लेखपाल ने गलत तरीके से निवास प्रमाणपत्र बनाया था।
हालांकि डीएम ने इन प्रमाणपत्रों के सहारे हुई नियुक्तियों को रद्द करते हुए सिरे से भर्ती कराने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई के बाद जिम्मेदार भी भर्ती में कुछ बिंदुओं पर संदेह करने लगे हैं।
उन्हें अब यह भी आशंका है कि कहीं नियुक्ति में किसी प्रकार का झोल तो नहीं किया गया है। सच जानने के लिए वह गोपनीय तरीके से विभागीय अधिकारियों के ही माध्यम से इसका पता लगाने में लगे हैं। इन सब के बीच भाजपा एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने मुख्यमंत्री दरबार में ही मामले को पहुंचा दिया।
प्रकरण की शासन स्तर से ही जांच कराने की मांग की है। बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने इसे भी शासन स्तर से ही दिखवाने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, एसडीएम जमानिया ज्योति चौरसिया से डीपीओ का अतिरिक्त चार्ज भी वापस ले लिया गया है।
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कुछ अधिकारी-कर्मचारी तो इस मामले में बोलने को तैयार नहीं है, क्योंकि भर्ती में आय और निवास प्रमाण पत्र फर्जी लगाने के मामले में हुए खुलासे के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है।
अब तक 10 लेखपाल जहां निलंबित हो चुके हैं, वहीं अब कुछ जिम्मेदार भी इसे लेकर नाखुश नजर आ रहे हैं। क्योंकि मामले की शिकायत लखनऊ पहुंच गई है। ऐसे में संदेह है कि सभी नियुक्ति पत्र की जांच की गई तो आंच और लोगों तक पहुंच सकती है।
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आंगनबाड़ी भर्ती में सीडीओ संतोष कुमार वैश्य पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाने का दावा करते हैं। वहीं, नियुक्ति की सूची जारी होने पर आईं 14 शिकायतें जांच में सही मिलीं। सीडीओ की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने 10 लेखपालों को निलंबित करने का आदेश दिया।
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इनमें 13 लेखपालों ने गलत तरीके से आय प्रमाणपत्र जारी किया था, जबकि एक लेखपाल ने गलत तरीके से निवास प्रमाणपत्र बनाया था।
हालांकि डीएम ने इन प्रमाणपत्रों के सहारे हुई नियुक्तियों को रद्द करते हुए सिरे से भर्ती कराने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई के बाद जिम्मेदार भी भर्ती में कुछ बिंदुओं पर संदेह करने लगे हैं।
उन्हें अब यह भी आशंका है कि कहीं नियुक्ति में किसी प्रकार का झोल तो नहीं किया गया है। सच जानने के लिए वह गोपनीय तरीके से विभागीय अधिकारियों के ही माध्यम से इसका पता लगाने में लगे हैं। इन सब के बीच भाजपा एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने मुख्यमंत्री दरबार में ही मामले को पहुंचा दिया।
प्रकरण की शासन स्तर से ही जांच कराने की मांग की है। बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने इसे भी शासन स्तर से ही दिखवाने का आश्वासन दिया है। फिलहाल, एसडीएम जमानिया ज्योति चौरसिया से डीपीओ का अतिरिक्त चार्ज भी वापस ले लिया गया है।